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अफीम फसल की नई नीति घोषित 2019-20

5.9 किग्रा प्रति हेक्टेयर औसत पर पट्टे वितरित किए जायेगे, इससे कम औसत देने वाले किसानों के पट्टे रद्द भी हो सकते है

मंदसौर। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय नई दिल्ली ने 1 अक्टूबर से 30 सितम्बर 2020 के अफीम फसल हेतु अफीम की खेती हेतु लायसेंस प्राप्त करने की पात्रता 5.9 किग्रा मार्फिन प्रति हैक्टेयर न्यूनतम औसत देना जरूरी होगी। वर्ष 2019 – 20 के दौरान दी गई मार्फीन की मात्रा को फसल भुगतान का आधार माना जायेगा। उल्लेखनीय हैं कि मप्र में मंदसौर, नीमच, रतलाम, झाबुआ, शाजापुर के क्षेत्रों में अफीम की फसल बोई जाती है। इस हेतु केन्द्रीय नारकोटिक्स विभाग ने पट्टे जारी करने की एक नीति 1 अक्टूबर के गजट नोटिफिकेशन में कर दी है। इसमें पात्र किसानों को ही इस वर्ष अफीम की फसल हेतु पट्टे दिए जायेगे।

वित्त मंत्रालय के राजपत्र में प्रकाशित नीति के अनुसार ऐसे किसान जिन्होने वर्ष 2018- 19 के दौरान अफीम पोस्त की खेती में 4.5 किग्रा प्रति हेक्टेयर मार्फिन की औसत दी है। उन्हें पट्टे दिए जायेगे। ऐसे किसान जिन्होंने अफीम ली है और नीमच और गाजियापुर के शारोद कारखाने में मार्फिन की मात्रा 9 प्रतिशत से अधिक दी है। ऐसे किसान लायसेंस के पात्र होगे। किसी भी किसान को तब तक लायसेंस मंजूर नहीं किया जायेगा तब तक वह शर्तो का पालन नहीं करे। वर्ष 2018- 19 के दौरान पोस्त खेती के लायसेंस सुदा वास्तविक खेती के 5 प्रतिशत से अधिक खेती न कि हो। ऐसे किसान अफीम पोस्त की अवैध खेती न की हो और जिनके खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत कोई प्ररकण दर्ज न हो। फसल वर्ष 2018- 19 के दौरान केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरों द्वारा किसानों को जारी अनुदेशों का उल्लंघन नहीं किया हो।

वित्त मंत्रालय द्वारा गजट में प्रकाशित किया गया हैं कि नई अफीम नीति में वर्ष 2018- 19 के लिए लायसेंस निम्न शर्तों पर जारी किए जायेंगे। 4.5 से अधिकतम किन्तु 5.4 से कम औसत देने वालों को 0.06 हेक्टेयर क्षेत्र में लायसेंस दिया जावेगा। 5.4 से अधिकतम किन्तु 5.9 से कम औसत देने वालों को 10 आरी का पट्टा दिया जायेगा। 5.9 की औसत देने वाले किसानों को 12 आरी के पट्टे दिए जायेगे। किसान जारी किए गए पट्टों को दो भूखण्ड में भी फसल बो सकेगा। यदि किसान चाहे तो दूसरे से भी भूमि अनुबंध कर फसल बो सकेगा।

अफीम की नई नीति के अनुसार वर्ष 2020 – 21 अफीम पोस्त खेती के लिए प्राप्त लायसेंस की पात्रता हेतु फसल 2019 – 20 के दौरान 5.9 किग्रा प्रति हेक्टेयर की न्यूनतम औसत होगी। वर्ष 2019- 20 के दौरान मार्फीन की मात्रा के आधार पर सरकार निर्णय लेगी। केन्द्र सरकार द्वारा इस वर्ष जारी कि गई अफीत नीति के तहत नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह में किसानों को बोवनी हेतु अफीम के पट्टे जारी करने की तैयारी कर रही है। उसी के तहत केन्द्रीय नारकोटिक्स विभाग ने नई अफीम नीति की घोषणा की है जो सारे देश में 1 अक्टूबर से लागू हो गई। इसमें विसंगतियों को लेकर किसान संगठन आंदोलन की तैयारियां कर रहे है।

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