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अब औद्योगिक क्षेत्र के पास नाले में पड़ा मिला 250 किलो मावा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नष्ट करवाया

कार्यवाही वाले दोनों कोल्ड स्टोरेज सिल, फिर कहां से आया मावा..?

मंदसौर। मंदसौर मावा लगाातर सुर्खियों में बना हुआ है। विगत दिनों प्रशासन की एक टीम ने नगर के बड़े मावा व्यापारियों के संस्थानों को निरीक्षण किया था जिसमें दो व्यापारियों के कोल्ड स्टोरेज में 168 क्विंटल मावे का स्टॉक पाया गया था। अत्यंिधक मावा होने के कारण मावे को मामले ने खूब तूल पकड़ा और बाद में तहसीलदार की उपस्थिति में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मावे का सेम्पल लिया और कोल्ड स्टोरेज को सिल कर दिया गया। दोनों कोल्ड स्टोरेज से मावे को सेम्पल लेने के बाद लग रहा था कि अब रिपोर्ट आने के इंतजार करने के साथ मावे के मामले का पटाक्षेप हो जायेगा। लेकिन मंदसौर मावा कहां मानने वाला है नगर का यह क्विंटलों मावा लगातार सुर्खियां में बना हुआ है। पहले जहां उद्यानिकी महाविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने मावे की क्वालिटी पर प्रश्न चिन्ह लगायें। उसके बाद रविवार को जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के पास नाले में लगभग 250 किलो मावा मिला। वहां के लोगों ने बताया कि यह मावा 4 से 5 दिनों से नाले में पड़ा हैं। लेकिन रविवार को इसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

खराब मावा वो भी औद्यागिक क्षेत्र में उसी स्थान से मिलना जहां कार्यवाही वाले मावे का कोल्ड स्टोरेज है तो अटकलें लगने लगी कि यह खराब हो चुका मावा कोल्ड स्टोरेज का है लेकिन कोल्ड स्टोरेज तो सील है। जिसके बाद मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा पहुंचे और सरपंच प्रतिनिधि समरथ पितौलिया की मदद से नाले में पड़ी मावे की टोकरियों को पंचायत भवन में रखवाया। जिसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री जमरा ने सोमवार को कस्बा पटवारी समरथ पाटीदार और सरपंच प्रतिनिधि समरथ पितौलिया और गवाहों की उपस्थिति में मावे को नष्ट करवाया।

दिनभर चलती रही अटकलें

जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र से मिले मावा के बाद कयास लगाये जाने लगे कि यह मावा औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोल्ड स्टोरेज का ही है। लेकिन यहां सोचने वाली बात यह है कि यह मान भी लिया जाये कि यह मावा कोल्ड स्टोरेज का ही है तो वह मावे को कही दूर जाकर फेंकता या जमीन के अंदर गाढ देता किसी को खबर नहीं होती। कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं करता। वहीं औद्योगिक क्षेत्र के कुछ लोगों को कहना था कि नाले में मावा जिस दिन कोल्ड स्टोरेज में रखे मावे का सेम्पल लिया गया था उसके अगले दिन रात को देखा गया था। अब हो सकता है कि किसी ने साजिश वश व्यापारियों को बदनाम करने के उद्येश्य से मावा नाले में डाल दिया हो लेकिन यहां भी सोचने वाली बात यह है कि कोई भी व्यक्ति इतनी बड़ी मात्रा में मावा क्यों फेंकेगा वो भी सिर्फ किसी को बदनाम करने में खेर जो भी मावे का मामला यही थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है।

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