उल्टा झंडा फहरवाया म.प्र. के स्‍थापना दिवस पर – मंदसौर जिले की घटना

यह घटना है मंदसौर जिले व मल्‍हारगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत कनगट्टी की। यहां पर महिला सरपंच महोदया दाखी बाई आर्य से ग्राम पंचायत के कर्मचारियों ने फहरवाया उल्टा झंडा। मध्‍य प्रदेश के स्‍थापना दिवस पर कड़े निर्देश प्राप्‍त होने के बावजूद इस प्रकार की घटना सामने आई है व इससे मंदसौर जिले की शान पर बट्टा तो लगा ही है साथ ही राष्‍ट्रीय ध्‍वज का अपमान भी हुआ है
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर आज ग्राम कन्घट्टी में मनाया जा रहा था। ग्रामीण और ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच ग्राम पंचायत कन्घट्टी सभी उपस्थित थे। सर्वप्रथम सरपंच महोदया ने सबसे पहले गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। तत्पश्‍च्‍यात तय समय पर झंडा वंदन के लिए सरपंच महोदया झंडा वंदन करने के लिए पहुची। यहां पर स्थिति यह हुई की रस्‍सी को इताना जोर से बांधा गया की कई बार प्रयास करने पर भी झंडा वंदन नहीं हुआ। इस दौरान ग्राम पंचायत सचिव श्यामलाल धनगर भी वहां उपस्थित थे परंतु उन्‍होंने कर्मचारियों से कुछ भी नहीं कहा। इस का संज्ञान वहां उपस्‍थति कर्मचारियों ने स्‍वत: लिया व रस्‍सी को ढीला किया गया ओर जब पुनः झंडा वंदन किया गया तो झंडा उल्टा निकला। अर्थात् हरा कलर उपर की ओर था। जिसकी जानकारी उपस्थित शा.मा. वि. के प्रधानध्यापक राजाराम मालवीय ने दी। तब हड़बड़ाहट में सभी कर्मचारी उसे सही करने लगे। पुरे घटना क्रम में सचिव श्यामलाल धनगर देखते रहे लेकिन उन्‍होंने कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की ओर वे वह निरुत्तर हो गए। ओर एक सामान्‍य दर्शक की भांति वहां पर खड़े होकर इस घटनाक्रम को देखते रहें। जबकि महिला सरपंच होने व यह सरकारी कार्य होने के कारण पूरी जवाबदारी सचिव श्यामलाल धनगर की बनती है।
इस पुरे घटना क्रम को संगीनता से लेते हुए प्रशासन को दाषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए। ग्राम पंचायत सचिव श्‍यामलाल धनगर जोकि एक जिम्‍मदार शासन के कर्मचारी है व यह कार्य पूर्ण रूप से उनके अधिकार क्षेत्र व दायित्‍व में आता है उनसे जब इस विषय पर पूछा झंडा वंदन के बारे में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।जबकि कलेक्‍टर कार्यालय द्वारा इस विषय पर कड़े निर्दश दिये गये थे कि मध्‍य प्रदेश स्‍थापना दिवस को गुणवक्‍ता के साथ मनाना है ओर इस प्रकार की अनियमितता के साथ मंदसौर जिले के नाम खराब किया गया। हेलो मंदसौर डॉट कॉम अपील करता है कि कलेक्‍टर महोदय इस विषय पर संज्ञान लेकर कड़ी कार्यवाही करे।
वही ग्राम पंचायत के सहायक सचिव तो शासन के निर्देशों को हवा बताते हुए पूरे कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे। अपना एक अलग से रसूख रखने वाले सहायक सचिव ज्यादा से ज्यादा दिन ग्राम पंचायत पर दिखाई भी नहीं देते है। ग्रामिणों ने मिलकर इसका पंचनामा बनाया व जनपद पंचायत CEO के नाम आवेदन बनाकर सहायक सचिव के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग भी की गई।
इस पुरे घटना क्रम में अब देखने की बात यह रहेगी के किस-किस खिलाफ कार्यवाही की जाती है या फिर छोटे कर्मचारी को इसका शिकार बनाया जाता है। इस प्रकार की अनियमिता कर के महिला सरपंच को किस प्रकार परेशान किया जा रहा है। जहां देश के प्रधान मंत्री जी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए जोर दे रहे है और इधर ग्रामीण स्तर पर सरपंच महिलाओं के साथ धोखा किया जा रहा है। यह मामला जांच का विषय है जिसने मंदसौर जिले की शान पर बट्टा लगाया है। एक और जहा महिला सरपंच है और एक तरफ अपना रसूख ओर पहूंच रखने वाले सचिव और सहायक सचिव।
इस दौरान यहां पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सचिव प्रवीण बकोलिया, मनीष आर्य राधेश्‍याम नागरिया, पप्पू उस्ताद व कई ग्रामीण जन मौजूद थे।

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Post source : प्रवीण आर्य

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