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कालिदास समारोह में चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ

महाकवि कालिदास की जन्मस्थली मन्दसौर को माना जाता है

मन्दसौर। महाकवि कालिदास ने अपनी कालजयी रचना मेघदूत में प्राचीन दशपुर नगरी यानी आज के मन्दसौर का वर्णन किया है इससे यहां की प्राचीनता और महाकवि का इस धरा से निकट का सम्बंध सिद्ध होता है यहां के विद्वानों ने तो कालिदास की जन्मस्थली भी मन्दसौर को ही माना है। ये विचार कलेक्टर मनोज कुमार पुष्प ने दो दिवसीय कालिदास समारोह के अंतर्गत कालिदास साहित्य पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये। प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद आपने कहा कि मन्दसौर जिले की पुरासम्पदा को सहेज कर यहां पर्यटन की दृष्टि से विकास कार्य किये जा रहे हैं। पशुपतिनाथ मन्दिर के पास पुराने कैफेटेरिया को पर्यटन विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। कालिदास समारोह का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो ऐसे प्रयास किये जाएंगे। कालिदास साहित्य पर प्रस्तुत चित्र प्रदर्शनी के चित्र काफी स्तरीय व गहन व सूक्ष्म कला से परिपूर्ण है। जिला पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने कहा कि मन्दसौर में इतना स्तरीय आयोजन होना बहुत ही गौरव की बात है। चित्र प्रदर्शनी के चित्र दुर्लभ व संग्रहणीय है। श्री चौधरी ने जिले में पर्यटन विकास के कार्यों के लिए कलेक्टर श्री पुष्प की प्रशंसा की। ,इस अवसर पर नगर के पुराविद गरिजाशंकर रुनवाल भी उपस्थित थे। आरम्भ में भगवान श्री पशुपतिनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीपप्रज्वलन कर चित्र प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया गया। संस्कृत पाठशाला के विद्यार्थियों ने मंगलाचरण के श्लोकों का उच्चारण किया। अतिथियों का स्वागत कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन की डिप्टी डायरेक्टर प्रतिभा दवे, कार्यक्रम प्रभारी अनिल कुमार बारोड ने किया उन्हें शाल व श्री फल भेंट कर सम्मानित किया। प्रदर्शनी के उद्घाटन के समय एसडीएम अंकिता प्रजापति, प्रो.उषा अग्रवाल, विनोद मेहता, लालबहादुर श्रीवास्तव, डॉ देवेन्द्र पुराणिक, आचार्य श्री विष्णु ज्ञानी, राजाराम तंवर आदि भी उपस्थित थे। संचालन ब्रजेश जोशी ने किया आभार डॉ. घनश्याम बटवाल ने माना।

आज मनीष तिवारी की भजन संध्या होगी

दो दिवसीय कालिदास समारोह के दूसरे दिन 4 मार्च को शिवना तट मुख्य समारोह स्थल पर सुप्रसिद्ध भजन गायक मनीष तिवारी की भजन संध्या होगी। भक्ति संगीत व भजनप्रेमी महानुभावों से भजन संध्या में सम्मिलित होने का अनयरोध किया है।

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