Breaking News

छोटे व्यापारी खरीदकर बडे व्यापारियों तक पहुचाते है गरीबों का चावल और गेहूं

मामला – कोरोना में राहत के तौर पर मिले चावल का
सिंडीकेट बनाकर होता है काम

मंदसौर। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने सराहयनीय कार्यवाही करते हुए विगत दिनों 500 क्विंटल के आस पास सरकारी चावल औद्योगिक क्षेत्र जग्गाखेंडी के एक गोदाम से पकड़ा था। लेकिन यदि जिम्मेदारों द्वारा निष्पक्ष रूप से कार्यवाही की जायें तो ओर भी कई नाम सामने आ सकते है। सरकारी चावल या गेहूं को खरीदने का काम व्यापारियों द्वारा सिंडीकेट बनाकर किया जाता है। इसमें कोई एक व्यापारी नहीं होता है। छोटे व्यापारी हितग्राहीयों से सरकारी चावल और गेहूं जो उन्हें उचित मूल्य की दुकान से मिलता है उसे खरीदते है और धीरे – धीरे बड़ा स्टॉक कर बड़े व्यापारियों को बेच देते है।

नगर के बस स्टेण्ड और अन्य क्षेत्र में ऐसे कई छोटे व्यापारी सक्रिय है जो कंट्रोल के गेहूं, चावल अन्य खाद्य सामग्री खरीदते है। यह व्यापारी ग्राहकों को सुबह-सुबह गेहूं चावल अन्य कंट्रोल से मिलने खाद्य पदार्थों को खरीदने के लिए अपनी गुमटी व दुकान खोल लेते हैं। जिन लोगों को भी यह चावल या गेहूं मिलता है उनके द्वारा तुरंत इन लोगों को चावल, गेहूं बेचकर नगद राशि ले ली जाती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गरीबों का मिला सरकारी चावल यह लोग 6 – 7 रूपये किलो में खरीद लेते हैं वही इन व्यापारियों द्वारा कालाखेत, अभिनंदन क्षेत्र में कई गोदाम बना रखे है। इसके अलावा बस स्टैंड होलसेल फल विक्रेताओं के गोदामों के पास भी गोदाम चावल और गेहूं से भरे पड़े हैं। इन व्यापारियों का तो यहां तक कहना है कि हम तो यह धंधा कई वर्षों से कर रहे हैं और ट्रक के ट्रक चावल और गेहूं इधर से उधर कर देते हैं हमारा कोई कुछ नहीं बिगाढ़ सकता है।

सरकारी चावल निजी गोदामों में मिलना भी था, सरकार ने बांटा भी खूब

केन्द्र सरकार कोरोना राहत के अंतर्गत कोई भूखा नहीं सोए इसलिए गरीबी रेखा के कूपनधारी और अंत्योदय वाले परिवारो को प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल दो माह का एडवांस में उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से निशुल्क बांटा था। एक परिवार में यदि 5 सदस्य है तो 50 किलो चावल एक परिवार में पहंुुच गया ऐसे कई परिवारों ने यह चावल बाजार में बेचा जिन्हें ऐसे व्यापारियों ने खरीदा। अब इसमें किसकी गलती यह पता लगाना मुश्किल है।

समय में फिर हुआ परिवर्तन, ग्राहक हुए परेशान

पुलिस ने भी 8 बजे के पहले दुकानें नहीं खोलने दी

मंदसौर। जिला प्रशासन द्वारा नया आदेश जारी कर मंदसौर शहर के बाजारों को सुबह 8 बजे से 2 बजे तक खोलने की अनुमति प्रदान की थी। शुक्रवार से यह आदेश प्रभावी हो गया है। लेकिन जिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी वे लोग सुबह 6 – 7 बजे दुकानों पर सामान लेने पहंुच गये थे। जब दुकानें बंद देखी तो दुकानों के बाहर ही पट्टीयों पर बैठ गए। कई दुकानदार भी 7 बजे तक अपनी दुकानों पर पहंुच गए थे लेकिन पुलिस जवानों ने 8 बजे के पहले दुकानें नहीं खोलने दी।

समय में परिवर्तन होने के कारण लोग सुबह 6 बजे दुकान के बाहर आ गए वही पट्टियों पर बैठ गए कुछ व्यापारी ने 7 बजे दुकान खोलने लगे तो ट्रैफिक पुलिस के जवान ने मना किया की अभी टाइम नहीं हुआ है आप 8बजे से 2 बजे तक दुकान खोल सकते हो। जिसके बाद कई दुकानदारों ने फिर से ताला लगा कर घर को चल दिए।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts