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जानिए सेमी हाईस्पीड ट्रेन जो बुलेट ट्रेन की तरह दिखती है उसकी खूबिया

नोएडा। भारतीय रेलवे में हर रोज लाखों की संख्या में लोग सफर करते हैं। वहीं अक्सर लोगों की ट्रेन के समय को लेकर भी शिकायत रहती है। जिसका समाधान करने के लिए रेलवे द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। देश में अपनी रफ्तार के लिए प्रसिद्ध शताब्दी ट्रेन जल्द ही बंद हो सकती है। कारण, रेलवे ने हाई स्पीड ट्रेन तैयार की है जिसकी बुलट ट्रेन जैसी लुक है और इसकी खूबियों के देखते हुए इसे सेमी बुलट ट्रेन कहना गलत नहीं होगा। ये ट्रेन बुलेट ट्रेन से पहले राजधानी व शताब्दी से भी तेज चलेगी।

दरअसल, रेलवे ने की तरफ से तमिलनाडु की कोच फैक्टरी में ‘टी-18’ नाम की एक खास ट्रेन का निर्माण कराया गया है। जिसे चलाने के लिए किसी भी इंजन की जरूरत नहीं होगी और इस ट्रेन में यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी। इस ट्रेन के आगे कोई इंजन नहीं होगा और ट्रेन की हर बोगी के नीचे ही इंजन लगा होगा। वहीं यह ट्रेन 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। ट्रेन का पहला लुक ट्विटर पर भी रेलवे के ही एक कर्मचारी ने जारी किया है। बताया जा रहा है कि ट्रेन 18 का ट्रायल जल्द ही मुरादाबाद और बरेली के बीच किया जाएगा।

 

आधी कीमत में तैयार हुई ट्रेन

भारतीय रेलवे के मुताबिक अत्याधुनिक तकनीक से लैस ट्रेन 18 को 100 करोड़ रुपये की कीमत में तैयार किया जा रहा है। जबकि इस तरह की ट्रेन को विदेश से मंगाया जाता तो उसकी कीमत तकरीबन दोगुनी यानि 200 करोड़ रुपये होती। वहीं भारत में ही इस ट्रेन को आधी कीमत में ही तैयार किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इस ट्रेन में 16 एसी कोच और 2 एक्जीक्यूटिव कोच लगाए गए हैं।

 

चालक व गार्ड के बैठने की व्यवस्था

ट्रेन 18 की बोगी मेट्रो की तर्ज पर तैयार की गई है और इसमें दोनों ओर चालक व गार्ड के बैठने की व्यवस्था रहेगी। चालक के पास ट्रेन के इंजन को संचालित करने व कंट्रोल करने वाला सिस्टम होगा और महज एक मिनट से भी कम समय में ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार से दौड़ना शुरू कर देगी। यह ट्रेन पूरी तरह से एसी है और ट्रेन चलने के पहले सभी दरवाजे खुद ही और स्टेशनों पर रुकते ही खुल जाएंगे।

 

स्पेन से मंगाई गई ट्रेन की कुर्सियां

ट्रेन में दिव्यांग जनों के लिए भी विशेष रूप से दो बाथरूम और बेबी केयर के लिए विशेष स्थान तैयार किया गया है। इसके साथ ही इस ट्रेन के कोच में स्पेन से मंगाई गई विशेष सीट भी लगाई गई हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर 360 डिग्री तक मूव भी किया जा सकता है। इसके साथ ही कोच में सीसीटीवी, एनाउंसमेंट सिस्टम, वाई फाई की सुविधा भी मिलेगी। रेल अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेन को 140 से 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकेगा और इसमें ड्राइवर से टॉक बैक की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

 

मुरादाबाद पहुंचेगी बोगी

ट्रेन 18 का ट्रायल जल्द ही मुरादाबाद-बरेली के बीच शुरू किया जाएगा। इस दौरान ट्रेन को अधिकतम 115 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर चलाया जाएगा। वहीं बताया जा रहा है कि पहला ट्रायल सफल होने के बाद इसका दूसरा ट्रायल मथुरा रेल मार्ग पर किया जाएगा। इन दोनों ही ट्रायल के सफल होने के बाद ट्रेन-18 को भारतीय रेलवे में शामिल कर लिया जाएगा और रेल मंत्रालय यह तय करेगा कि इस ट्रेन को किस मार्ग पर चलाना है। ट्रेन मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले सप्ताह तक ट्रेन-18 की बोगी मुरादाबाद पहुंच जाएगी और आरडीएसओ की टीम के साथ मिलकर इसके ट्रायल की तारीख तय की जाएगी। उम्मीद है कि नवंबर के प्रथम सप्ताह में ट्रायल शुरू हो जाएगा। रेलवे की कोशिश है कि इस साल के अंत तक इस स्पेशल ट्रेन 18 को भारतीय पटरियों पर दौड़ा दिया जाए।

जानें इसकी खूबियां

1- इस ट्रेन को 200 किमीप्रति घंटा की स्पीड से चलाने के लिहाज से डिजाइन किया गया है। इसके अधिकांश पार्ट्स भारत में ही निर्मित किए गए हैं।

2- टी-18 ट्रेन बुलेट ट्रेन से कम स्पीड में चलने वाली भारत की हाईस्पीड ट्रेन होगी। इसमें सभी कोच एसी होंगे जिनमें 14 नॉन एग्जीक्यूटिव और 02 एग्जीक्यूटिव कोच होंगे।

3- ट्रेन में फ्री वाई फाई और इन्फोटेनमेंट की सुविधाएं होंगी। साथ ही इसमें मेट्रो की तर्ज पर स्वचालित दरवाजे और स्लाइडिंग फूटस्टेप की सुविधा भी होगी।

4- दावा है कि ट्रेन 18 में जीरो डिस्चार्ज वाला बायो-वैक्यूम शौचालय होगा।

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