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जाने फाइटर प्लेन मिराज 2000 के राज… आखिर क्यो है भारत को इसपर नाज़…

New Delhi। 14 फरवरी को पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पीओके में मौजूद जैश के आतंकी ठिकानों पर मंगलवार की सुबह मिराज 2000 फाइटर प्लेन एलओसी के लिए रवाना किए गए। जहा तडक़े सुबह 3.30 बजे इन 12 लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर हमला किया और पूरी तरह से उन्हें तबाह कर दिया। इस बार ये कार्रवाई एयर स्ट्राइक के जरिए हुई। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकी संगठन जैश के ठिकानों पर निशाना साधा गया और इस ऑपरेशन को सफल किया। इसे भारत की तरफ से दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक बताया जा रहा है।

पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना के पाक के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की खबरें आ रही हैं। ऐसी खबरें हैं कि आतंकी ठिकानों पर 1000 किलोग्राम के बम गिराए गए हैं। बताया जा रहा है कि इस मिशन में मिराज 2000 विमान शामिल थे। आइए आज हम मिराज 2000 लड़ाकू विमान के बारे में खास बातें जानते हैं.

मिराज-2000 विमान फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एविएशन द्वारा बनाया गया है। यह वही कंपनी है जिसने राफेल को बनाया है जिसे लेकर भारतीय राजनीति आज भी गर्माई हुई है। मिराज-2000 चौथी जेनरेशन का मल्टीरोल, सिंगल इंजन लड़ाकू विमान है। इसकी पहली उड़ान साल 1970 में आयोजित की गई थी। यह फाइटर प्लेन अभी लगभग नौ देशो में अपनी सेवाएं दे रहा है। हालांकि इसमें समय-समय पर अपडेशन का काम भी किया जाता रहा है। साल 2009 तक लगभग 600 से अधिक मिराज-2000 दुनिया भर में सेवारत हैं।

भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित लगभग 51 मिराज 2000 विमानों के एक बेड़े को उन्नत करने के लिए फ्रांस से 1.9 बिलियन डालर का समझौता किया गया है। जून 2011 में यह घोषणा की गई कि सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) ने भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 के उन्नयन पर विचार करेगी। जिसके बाद यह समझौता किया गया था। पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा उस समय के सबसे बेहतरीन विमान एफ-16 को दिए जाने के बाद भारत ने फ्रांस के मिराज 2000 की खरीद के संबंध में बातचीत शुरू कर दी थी। अक्टूबर 1982 में भारत ने 36 सिंगल-सीट मिराज-2000Hs और 4 ट्विन-सीट मिराज-2000THs के लिए डसॉल्ट को ऑर्डर दिया।

पहले, 150 विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ बातचीत चल रही थी, जिसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ संयुक्त उत्पादन के तहत होता। भारत के पास लाइसेंस के तहत कई मिराज 2000 का उत्पादन करने का विकल्प था जो बाद में सोवियत संघ के साथ देश के घनिष्ठ संबंध के कारण खत्म हो गया था। 29 जून 1985 को नंबर 7 स्क्वाड्रन के पहले सात विमानों की डिलीवरी के साथ भारतीय वायु सेना इस प्रकार का पहला विदेशी सेना बनी जिसके पास मिराज 2000 विमान थे। शुरूआत में इस विमान में स्नेक्मा एम 53-5 इंजन थे जिसे बाद में एम 53 पी-2 इंजन से बदल दिया गया।

मिराज 2000 में परिवर्तित होने वाला दूसरा स्क्वाड्रन नंबर 1 स्क्वाड्रन था। जिसे द टाइगर्स के नाम से जाना जाता है। इसे 1986 में औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया

इस हमले के बाद पाक ने सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा कर दी है। वहीं भारत किसी भी हमले को लेकर पूरी तरह से तैयार है।भारत ने इस स्ट्राइक के लिए जिस मिराज 2000 का इस्तेमाल किया उसका मध्यप्रदेश के ग्वालियर से खास कनेक्शन है। तो आइए जानते है क्या है मिराज 2000 की ताकत और खूबियां।

पलभर में मचा सकता है तबाही
मिराज 2000 फाइटर जेट पलभर में दुश्मन के किसी भी इलाके में घुसकर वहां तबाही मचा सकता है। इसकी स्पीड 2495 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इसका मतलब मिराज 2000 पलक झपकते ही आंखो से ओझल हो जाता है। पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर हमला करने के लिए इसीलिए इस फाइटर जेट का इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं करीब 12 मिराज एक साथ उड़ान भरकर कुछ ही मिनटों में अपना काम कर वापस लौट आए।

ये हैं मिराज 2000 की बड़ी बातें

  • दुनियाभर के सबसे ताकतवर फाइटर जेट्स की लिस्ट में मिराज 2000 10वें नंबर पर आता है।
  • मिराज 2000 एक सीटर वाला फाइटर जेट है और इसे डसॉल्ट मिराज एविएशन ने तैयार किया है।
  • हाल ही में भारतीय वायुसेना ने डसॉल्ट एविएशन के साथ मिलकर कुछ मिराज 2000 को अपग्रेड किया था।
  • मिराज 2000 की खूबी है कि यह जमीन पर भारी बमबारी करने के साथ-साथ हवा में भी मार कर सकता है।
  • मिराज 2000 को आपतकाल की स्थिति में किसी हाईवे पर भी उतारा जा सकता है,दिल्ली के पास यमुना एक्सप्रेस वे पर इसे उतारा भी गया था।
  • यह फाइटर जेट किसी भी तरह के मौसम में उड़ान भर सकता है और दुश्मन को धूल चटा सकता है।
  • मिराज 2000 करीब 1400 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक दुश्मन के ठिकानों को निशाना बना सकता है।
  • कारगिल में हुए एयरफोर्स के ऑपरेशन सफेद सागर में भी मिराज 2000 का इस्तेमाल किया गया था।

और ये भी है इसकी ताकत

  • डसॉल्ट मिराज-2000 एक फ्रांसिसी लडाकू विमान है जिसे वज्र का नाम दिया गया।
  • मिराज लड़ाकू विमान लेजर गाइडेड बम से भी हमला करने में सक्षम है। कहा जा रहा है कि भारतीय वायुसेना ने आतंकी अड्डों पर हमले के लिए इसी तकनीक का इस्तेमाल किया।
  • 1985 में मिराज भारतीय वायु सेना का हिस्सा बना था।
  • नए मिराज में रेडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगे हैं,जिनसे इन विमानों की मारक और टोही क्षमता और भी बढ़ी।
  • मिराज 2000 की अधिकतम स्पीड 2,495 किलोमीटर प्रति घंटा है।
  • मिराज 2000 अपने वजऩ के बराबर बम और मिसाइल ढो सकता है।
  • हवा में रहकर मिराज 2000 जमीन पर वार तो हवा में ही एक साथ दुश्मन के दो विमानों से निपटने की क्षमता रखता है।
  • जमीन पर भी एक साथ दो अलग-अलग लक्ष्यों पर प्रहार करने में है सक्षम।
  • मिराज 2000 का वजन 7,500 किलोग्राम है। वही हथियारों के साथ यह 13,800 किलोग्राम तक हो जाता है।

एक साथ कई काम
मिराज 2000 विमान एक साथ कई काम कर सकते हैं। विमान ज्यादा से ज्यादा विमान के बम या मिसाइल को दुश्मनों को ठिकाने पर ले जाकर गिराने में सक्षम है। यह हवा में दुश्मन का मुकाबला भी कर सकता है। मिराज-2000 भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल लड़ाकू विमान है। यह दुश्मन के इलाके के अंदर काफी दूर तक हमला करने की क्षमता रखता है। यह हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल को ढो सकता है। मिराज में 9 हार्ड पॉइंट होते हैं यानी यह 9 पॉइंट्स पर हथियार कैरी कर सकता है। हथियारों का क्या कॉम्बिनेशन होगा यह क्या मिशन है और क्या टारगेट है उस हिसाब से तय होता है। 80 के दशक का मिराज- 2000 इंडियन एयरफोर्स बेड़े में शामिल सबसे अच्छा लड़ाकू विमान है। मिराज इंडियन एयरफोर्स के अलावा फ्रांस, यूएई और चीन के एयरफोर्स बेड़े में भी शामिल है। मिराज स्मार्ट वेपन भी नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसका निशाना एकदम सटीक है। 16 फरवरी को एयरफोर्स ने पोकरण में वायु शक्ति एक्सरसाइज के दौरान मिराज की क्षमता का प्रदर्शन किया था

जुड़वां इंजन
विमानों में सिंगल इंजन होने से विमान हल्का रहता है और हरकत में आसानी होती है। लेकिन कई बार एक ही इंजन होने से इंजन फेल होने पर विमान या तो क्रैश हो जाता है। इस स्थिति में पायलट की जान जा सकती है या दुश्मन के क्षेत्र में पायलट को बंदी भी बनाया जा सकता है। जुड़वां इंजन होने से मिशन में बाधा नहीं आती है। एक इंजन फेल हो जाता है तो दूसरा इंजन काम करता रहता है। इससे पायलट और विमान दोनों सुरक्षित रहते हैं। मिराज में भी जुड़वां इंजन हैं।

अधिकतम रफ्तार
मिराज 2000 की अधिकतम रफ्तार 2,000 किलोमीटर प्रति घंटा है।

स्पेक्ट्रा सिस्टम
स्पेक्ट्रा सिस्टम को दसॉ कंपनी ने तैयार किया है। इसमें पूरी तरह से ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक सिक्यॉरिटी सिस्टम है। उदाहरण के लिए, अगर दुश्मन का सिस्टम विमान के सिगनल को पकड़ लेता है और हवा के माध्यम से आगे सूचना देता है तो स्पेक्ट्रा सिस्टम उसको झांसा देता है। स्पेक्ट्रा सिस्टम दुश्मन के पास तुरंत मेसेज भेजता है कि कोई विमान डिटेक्ट नहीं हुआ है। इससे दुश्मन का रेडार धोखा खा जाता है।

छोटे रनवे के लिए उपयुक्त
किसी खास काम के लिए जब किसी विमान को चुना जाता है तो उसकी रनवे क्षमता देखी जाती है। कुछ विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए अन्यों की तुलना में लम्बा रनवे चाहिए होता है। लेकिन मिराज 2000 के लिए 400 मीटर या उससे भी कम लंबा रनवे उपयुक्त है।

कीमती सुरक्षा प्रणाली
विमान का स्पेक्ट्रा सिस्टम काफी सक्षम तरीके से काम करता है। यह पूरी तरह स्वचालित है यानी खुद से काम करता है। जाहिर सी बात है जब विमान इतनी अडवांस्ड टेक्नॉलजी से युक्त है तो इसका सिक्यॉरिटी सिस्टम भी कीमती होगा। विमान की कुल कीमत का 30 फीसदी इसके सिक्यॉरिटी सिस्टम की लागत है।

स्कैनिंग रेंज है कम
मिराज 2000 के साथ सिर्फ एक कमी है, वह है इसकी स्कैनिंग रेंज का कम होना। इसकी स्कैनिंग रेंज 145 किलोमीटर है जो अन्य किसी लड़ाकू विमानों की तुलना में कम है। लेकिन इसकी कई खासियतें भी हैं। जैसे यह एक साथ दो लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है। इसके अलावा दुश्मन इसके रेडार को जाम नहीं कर सकता है।

वॉइस रिकॉग्निशन
वॉइस रिकॉग्निशन का मतलब होता है आवाज के इशारे पर काम करना। यानी आवाज देकर चलने को कहा तो चलने लगा और रुकने को कहा तो रुक गया। मिराज 2000 का वॉइस रिकॉग्निशन सिस्टम काफी जबर्दस्त है। विमान के कई फंक्शन को वॉइस कमांड्स यानी आवाज देकर नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें अत्याधुनिक वॉइस रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर लगा है।

घातक क्षमता
यह विमान बड़े-बड़े रॉकेट्स और मिसाल के परिवहन में सक्षम है। यह 30 एमएम के रॉकेट्स, कई तरह की मिसाइलों और लेजर गाइडेड बमों को एक साथ ढो सकता है। मिराज 2000 का डिजाइन इस तरह से किया गया है कि बहुत ही सक्षम और प्रभावी तरीके से दुश्मन को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

 

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