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जी.एस.टी. रिटर्न सरलीकरण : दशपुर अकाउटेंट एसोसिऐशन ने दिया सांसद को ज्ञापन

जी.एस.टी. रिटर्न में सरलीकरण होना आवश्यक

मन्दसौर। दशपुर अकाउटेंट एसोसिऐशन, मंदसौर ने क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता को ज्ञापन देकर करों के संबंध अकाउटेंट्स एवं व्यापारियों को आ रही कठिनाईयों के संबंध में अवगत कराया तथा केन्द्र सरकार के वित्त मंत्रालय के ध्यान में लाकर इन समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की।

एसोसिऐशन ने दिये ज्ञापन में कहा कि अकाउटेंट का मुख्य कार्य व्यापारी की जरिये देशहीत में अधिक से अधिक राजस्व जमा कराने का रहता है। इस कार्य में कई तरह की  परेशानियां आ रही है। एसोसिऐशन ने कहा कि जी.एस.टी. रिटर्न में सरलीकरण होना आवश्यक है। 4 जी.एस.टी. रिटर्न फार्म की जगह एक ही रिटर्न फार्म होना चाहिये जिससे व्यापारी कागजी कार्यवाहियों से बचेगा। जी.एस.टी. शुरू हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है। जिसको समझने में व्यापारियों व अकाउटेंट को समय लग रहा है। साथ ही पोर्टल भी कई बार बंद रहता है। अतः शुरू के दो वर्ष पैनल्टी नहीं लगाई जाये। जी.एस.टी. में रिवाईज्ड रिटर्न की काफी आवश्यकता है। अतः भूल सुधार का अवसर प्रदान किया जाये।

आयकर व्यक्तिगत रिटर्न की समय सीमा घटाकर जुलाई माह कर दिया गया है जबकि आडिट का समय माह सितम्बर रहता है अतः इसकी समय सीमा दिसम्बर माह की जावे। जो भी रिटर्न फार्म में बदलाव करना है वह 31 मार्च तक करके 1 अप्रैल से लागु करे। बीच-बीच में बदलाव नहीं करना चाहिये। वेट की जो आई.टी.आर. 30.06.2017 को बाकी लेना है उसका तुरन्त रिफंड दिया जाय या जी.एस.टी. में कनवर्ट की जाये। जी.एस.टी. लागू किये प्रथम वर्ष होने से जी.एस.टी. ऑडिट की बाध्यता समाप्त की जावे। जो आयकर आडिट होता है उसे ही जी.एस.टी. आडिट में मान्य किया जाये। जी.एस.टी. आडिट 2017-18 को समाप्त किया जावे।

ज्ञापन का वाचन एसोसिऐशन के अध्यक्ष अभय नाहर ने किया। इस अवसर पर व्यापारी दीपक पारिख, रमेशचन्द्र पारिख, मनोहरलाल नैनवानी, सुरेश जैन, अकाउटेंट अजय फांफरिया, यशवंत पोखरना, चन्द्रेश बाफना, नीतिन गर्ग आदि उपस्थित थे।

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