नपा की उदासिनता के कारण खाली होने की कगार पर कंथार डेम

डेम में मात्र 5 फीट पानी शेष

मंदसौर। इस वर्ष मानसून मंदसौर पर अच्छा मेहरबान रहा। सम्पूर्ण जिले में औसत की डेढ़ गुना बारिश हुई। लेकिन नपा की उदासिनता के चलते नगर का प्रमुख जल स्तोत्र जनवरी माह मे ही खाली होने की कगार पर आ गया है।

नगर के लिए पेयजल उपलब्ध करवाने और शिवना नदी में पानी के स्टोरेज को प्रमुख स्तोत्र कंथार डैम नपा के जिम्मदारों के उदासिन रवैये के कारण लगभग खाली हो चुका है। कंथार डेम की विशेषता यह हैं कि यह डेम तो मप्र में बना है लेकिन इसका पानी राजस्थान में स्टोरेज होता है। मानसून के पहले के महीनों में जब पानी की किल्लत होती है तब इसी कंथार डेम से रामघाट में पानी लाया जाता है लेकिन इस वर्ष अच्छी वर्षा होने के बावजूद भी नपा के जिम्मेदारों के गैर जिम्मेदाराना रवैये की वजह से कंथार डैम जनवरी में ही लगभग खाली हो चुका है। डेम में मात्र 5 फीट पानी शेष बचा है। वहीं कंथार डेम का जो बचा हुआ पानी है वह भी खेती करने वाले लोगों द्वारा मोटर लगाकर खिंचा जा रहा है। उल्लेखनीय हैं कि मप्र में नदी या डेम से मोटर लगाकर पानी खिंचने पर प्रतिबंध है लेकिन राजस्थान में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है इसलिए कंथार डेम से राजस्थान के लोग मोटर लगाकर पानी खिंच लेते है जिसके कारण भी डेम का पानी तेजी से कम हो रहा है।

गनीमत है बारिश अच्छी हुई

वर्षो बाद नपा में इस बार एक घटना के बाद कांग्रेस की परिषद बैठी है। लेकिन जलकल सभापति हाजी रशिद जल कल का कामकाज संभालने में पूरी तरह से फैल साबित हुए है। क्योंकि इतनी बारिश के बाद भी कंथार डेम खाली होना एक बड़ी गलती को बताता है। वो तो गनीमत रही कि इस बार बारिश अच्छी रही तो गर्मी के अंतिम दिनों में पेयजल की इतनी समस्या नहीं रहेगी अन्यथा नपा के जिम्मेदारों की यह गलती मंदसौरवासियों को बहुत भारी पर जाती।

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