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पत्ता गोभी को लेकर वायरल हुई अफवाह है गलत

किसानों को सड़कों पर फेंकना पड़ रही है पत्ता गोभी
न थोक विक्रेता लेने को तैयार और न आमजन

मंदसौर। जब से सोशल मीडिया पर पत्ता गोभी में वायरस आने की खबरें वायरल हुई है। तभी से लोगों ने पत्ता गोभी खाना बंद कर दिया है वहीं थोक सब्जी व्यापारियों ने भी किसानो से पत्ता गोभी लेना बंद दिया है। जिसके बाद किसानों को अपनी पत्ता गोभी की फसल सड़को पर फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि बाद में कई रिर्पोटस् एवं डब्ल्यूएचओं ने इस कोरी अफवार करार दिया था। लेकिन फिर भी लोगों ने तो पत्ता गोभी से दूरी ही बना ली है। आमजनों का कहना है कि गोभी नहीं खायेंगे तो कुछ हो नहीं जायेगा लेकिन खाने में खतरा हो सकता है।

कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मैसेज में किए गए दावे के मुताबिक, विश्व स्वाास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस पत्ता गोभी पर सबसे ज्यादा देर तक जिंदा रह सकता है।

कोरोना वायरस फैलने के साथ ही सोशल मीडिया पर इससे बचाव को लेकर कई तरह के दावे और उपाय भी वायरल होने लगे थे। कुछ वायरल मैसेज में दावा किया गया कि पानी पीने और गरम पानी से गरारे करने पर कोरोना वायरस से बचाव होता है, ये दावे गलत निकले। एक वायरल मैसेज के मुताबिक, WHO ने कहा है कि कोरोना वायरस पत्ता गोभी सबसे ज्यादा देर तक जिंदा रह सकता है। इसलिए पत्ता गोभी और इससे बनी चीजों से दूर रहें। हालांकि इस मैसेज के वायरल होने के तुरंत बाद खुद डब्ल्यूएचओ ने बताया कि यह दावा सच नहीं है। वहीं, भारत सरकार की समाचार एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो के मुताबिक सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा बेबुनियाद है। ब्यूरो ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने ऐसी कोई भी रिपोर्ट जारी नहीं की है। लोग ऐसी जानकारियों से भ्रमित न हों। लेकिन फिर भी लोग तो इसे सच मान चुके है और पत्ता गोभी से दूरी बना ली है। किसान पत्ता गोभी लेकर जब थोक सब्जी मंडी में आ रहे है तो मंडी के थोग व्यापारी पत्ता गोभी को खरीद नहीं रहे है और ना ही कोई खुदरा सब्जी बेचने वाला गोभी बेचने का इच्छुक है। ऐसे में किसानों को अब अपनी पत्ता गोभी फैकना ही पड़ रही है। जिले के बादरपुरा निवासी सब्जी उत्पादक किसन दीपक माली व समरथ माली ने बताया कि पत्ता गोभी से कोरोना वायरस फैल सकता है ऐसी अफवाह चल रही है उसके बाद से पत्ता गोभी न तो व्यापारी खरीद रहा है और नहीं आमजन। जिसके कारण भारी नुकसान हम लोगों को उठाना पड़ रहा है। पत्ता गोभी की फसल इस बार हुई भी अच्छी थी लेकिन अफवाह से पूरी फसल चौपट करना पड़ रही है।

फास्ट फूड और चायनिज फूड में होता है ज्यादा इस्तेमाल

पत्ता गोंभी का ज्यादा इस्तेमाल फास्ट फूड जैसे सेण्डविज, बर्गर आदि में किया जाता है। वहीं चायनिज खाना मन्चुरियन भी पत्ता गोभी से ही बनता है वहीं चाउमीन में भी पत्ता गोभी का इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय खाने में इसे रोटी के साथ सब्जी के रूप में खाया जाता है।

पुलिस की सख्ती बरकरार, मंगलवार को मिली फल – सब्जी विक्रेताओं को छूट

फर्जी दवा पर्ची लेकर घूम रहे दो युवकों को पुलिस ने पकड़ा

मंदसौर। जिला मुख्यालय पर जब से कोरोना का 9वां मामला सामने आया है। उसके बाद से जिला व पुलिस प्रशासन दोनों सख्त हो गए है। दो दिन बाद सब्जी और फल विक्रेताओं को व्यवसाय करने की अनुमति दी गई। वहीं कुछ लोग अभी भी नहीं मान रहे है घरों से बाहर निकलकर घूमने का अलग – अलग जतन कर रहे है। मंगलवार को वायडी नगर पुलिस के जवानों ने श्री कोल्ड चोराहे पर दो युवकों को रोका और उनसे पूछताछ की तो युवकों ने बताया कि हम दवा लेने जा रहे है। जब पुलिस जवान ने उनकी दवा पर्ची चैक कि तो मालूम पडा कि दवा पर्ची ही फर्जी है जिसके बाद वहां तैनात पुलिस जवान ने दोनों युवकों को अपनी स्टाईल में समझाया।

वही मंगलवार को सब्जी विक्रेताओ को छूट मिलने के बाद गली मोहल्लों में जाकर सब्जी विक्रेताओं ने सब्जियां बेची इस दौरान पुलिस जवानों ने उनके पास भी चेक किए। वहीं दूसरी और मंगलवार को भी नपा में फल और सब्जी विक्रेताओं की भारी भीड़ उमड़ी।

वहीं नगर के अन्य चैकिंग पाइंटस पर भी वेवजह घूमने वालों की बाईक जब्त कर यातायात थाने पहंुचाई गई। हालत यह है कि सख्त कर्फ्य होने के बावजूद भी कुछ लोग अभी भी नहीं मान रहे है और बेवजह घर से बाहर निकलकर पुलिस की सख्ती का शिकार हो रहे है।

मटका दुकानों को बंद करवाया

गर्मी की सीजन आते ही मटका दुकानें नगर में सज गई थी। लेकिन कोरोना के कारण ये मटका दुकानें भी लम्बे समय से बंद थी। दो तीन दिनों से गर्मी बढ़ते देख इन मटका दुकानदारों ने फूटपाथ पर लगी अपनी दुकाने खोल ली थी कि कुछ ग्राहकी हो जायेगी। लेकिन मंगलवार को पुलिस ने इन्हें बंद करवा दिया। उल्लेखनीय है कि मटका वालों को पूरे वर्ष का व्यापारा इन्हीं गर्मी के दो महीनों पर निर्भर रहता है। इस बार मटका बेचने वालों की यह सीजन भी बिगढ़ते हुए नजर आ रही है।

यह गलत है: गलियों में युवा खेल रहे क्रिकेट

यह सच है कि लॉकडाउन को एक माह से अधिक हो जाने पर लोगों का धैर्य टूटने लगा है। लोग घरों में बैठे – बैठे बोर हो रहे है विशेषकर युवा वर्ग। नगर के कुछ गली – मोहल्लों में युवा वर्ग क्रिकेट खेलते हुए नजर आ रहे है लेकिन यह गलत है हमें घरों में ही रहना है। फालतू गली – मोहल्लों में भी नहीं घूमना है।

कंटेन्मेन्ट एरिया में पुरी मुस्तेदी से जुटे रहे नपा कर्मचारी

मंदसौर। जिला प्रशासन के द्वारा मंदसौर नगर में कोराना प्रभावित तीन क्षैत्र में कंटेन्मेन्ट एरिया घोषित किया गया है। जनकुपुरा क्षैत्र, गोल चौराहा व गुदरी मोहल्ला को जिला प्रशासन ने कंटेन्मेन्ट एरिया में दुसरे क्षैत्र में निवासरत लोगो व प्रवेश निषेघ है। इन तीनों क्षैत्रो में जरूरी खाघ सामग्री जैसे दूध, सब्जी, किराना सामान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये नपा कर्मचारीगण तीनो कंटेन्मेन्ट एरिया में पुरी मुस्तैदी से डयुटी कर हे । पुलिस जवानो के साथ कंटेन्मेन्टएरिया के बाहर बने टेंट में नपा के कर्मचारीगण माईक से अनाउंसमेट कर स्थानीय लोगो को आवश्यक सुचनाये दे रहे है। इसके साथ ही यहॉ सफाई की व्यवस्था एवं पेयजल की व्यवस्थाये भी पूर्व की भांति जारी है। कोराना से बचाव के लिये यहा डयुटी देने वाले कर्मचारीयो को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराये गये हे। दूध, सब्जी वालो को भी पुलिस जवान व नपा कर्मचारी सीमित समय के लिये आवश्यक सावधानी के साथ प्रवेश की अनुमति दे रहे है। तथा जो भी दूध सब्जी विक्रेता कंटेन्मेन्ट एरिया में प्रवेश कर रहे है उनका पुरा ब्यौरा नपा कर्मचारीयो के द्वारा नोट किया जा रहा है। कंटेन्मेन्ट एरिया में मात्र एक स्थान से ही प्रवेश की आवश्यक सावधानी व उपकरण के साथ अनुमति है।

वाहनों को किया जा रहा है सेनेटाइज

कंटेन्मेन्ट क्षेत्र में आने वाले वाहनों को वहां से बाहर जाने पर नपा के कर्मचारियांे द्वारा सेनेटाइज भी किया जा रहा है। ताकि पूरी तहर से सुरक्षा बनी रहे।

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