Breaking News

प्रदेश में राजनीतिक भूचाल, जिले के कांग्रेस विधायक डंग ने दिया इस्तीफा : जाने क्या है कारण?

मंदसौर. पिछले दो दिनों से प्रदेश में हार्सट्रेडिग के आरोपों के बीच चल रहा सियासी उठापटक उस समय भूचाल में बदल गया तब जिले सहित संसदीय क्षेत्र के एक मात्र कांग्रेस विधायक हरदीपसिंह डंग ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। डंग के इस्तीफे की खबर गुरुवार की देरशाम को सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो जिले में राजनीति गरमा गई। विधानसभा अध्यक्ष को दिए इस्तीफे में उन्होंने अपनी उपेक्षा होना प्रमुख कारण बताया। पिछले लंबे समय से डंग सरकार से नाराज चल रहे थे। वर्तमान में डंग के भोपाल में विश्रामगृह में होने की बात भी सामने आ रही है तो डंग के फैसले का जिले के भाजपा विधायको ने ट्वीट कर स्वागत किया है। वहीं, जावरा से भाजपा विधायक राजेंद्र पांडेय ने भी डंग के इस्तीफे की सूचना पर कहा कि उनका इस्तीफा सीधे विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंचा है। डंग के समर्थक शामगढ़ महाविद्यालय में विधायक प्रतिनिधि पवन पांडेय ने भी इस्तीफे की पुष्टि की है।

डंग ने इस्तीफे में यह लिखा
विधायक हरदीपसिंह डंग का विधानसभा अध्यक्ष को दिए इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें डंग के लेटरपेट पर उनके हस्ताक्षर के साथ पत्र जारी हुआ है। अपने इस्तीफे में डंग ने लिखा कि मुझे कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जनता ने बड़े आशा और उम्मीदों से दूसरी बार चुना है। लेकिन बड़े दुखी मन से लिखने में आता है कि पिछले 18 माह बीत जाने के बाद भी विधानसभा क्षेत्र एवं संसदीय क्षेत्र में लगातार उपेक्षा की जा रही है।

कोई मंत्री कार्य करने को तैयार नहीं है। दलाल एवं भ्रष्टाचारी सरकार में बैठे है। मेरे द्वारा कार्यकर्ताओं के छोटे से छोटे कार्य कराने के लिए भोपाल जाना पड़ता है। भोपाल के अनेक चक्कर लगाना पड़ते है। इसी प्रकार विकास कार्य इसमें सिंचाई योजना, सड़क निर्माण बाढ़ में 100 प्रतिशत क्षति होने पर एक मुश्त मुआवजा राशि भुगतान, फसल बीमा, स्वसहायता समूह, ऋण माफी, विद्यार्थियों को लेपटॉप आदि कार्य नहीं हो पा रहे है। मेरे क्षेत्र में विकास के लिए कई बार आवेदन पर दिए। पर हर बार बजट की कमी बताई गई। जबकि मंत्रियों एवं उनके चाहने वालों के क्षेत्र में बिना किसी बाधा के कार्य हो रहे है।

 

सोमवार की शाम से विधायक डंग संपर्क से बाहर
इस्तीफा वायरल होने के बीच कांग्रेस विधायक डंग सोमवार की शाम 5 बजे से संपर्क से बाहर है। उनका मोबाईल भी स्वीच ऑफ है तो वह किसी के संपर्क में भी नहीं है। गुरुवार को सुवासरा के कांग्रेस कार्यकर्ता डंग के भोपाल आने का दावा कर मिलने के लिए भी निकले थे, लेकिन देरशाम तक समर्थकों व कार्यकर्ताओं से भी डंग का संपर्क नहीं हो सका। डंग की ओर से भी कोई अधिकृत बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने स्थानीय नेता भी फिलहाल कुछ कहने की स्थिति में नहीं है।

भाजपा में आतिशबाजी कर मनाया जश्न
गुरुवार की रात को 9 बजे डंग के इस्तीफे के बाद भाजपा में जश्न का माहौल फैल गया। युवा मोर्चा ने बीपीएल चौराहों पर आतिशबाजी कर ढोल-ढमाकों के साथ डंग के निर्णय का स्वागत किया तो बीजेपी के विधायक ने भी ट्वीट पर स्वागत किया। वहीं सीतामऊ लदुना चौराहें पर भी आतिशबाजी की गई। इस तरह जिले में कई जगहों पर भाजपा ने जश्न मनाया।

डंग ने विधानसभा अध्यक्ष को भेजे इस्तीफे में यह लिखा
विधायक हरदीपसिंह डंग का विधानसभा अध्यक्ष को दिए लेटरपेट पर उनके हस्ताक्षर के साथ इस्तीफा भेजा जो वायरल हुआ। इसमें डंग ने लिखा कि मुझे कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जनता ने बड़े आशा और उम्मीदों से दूसरी बार चुना है। लेकिन बड़े दुखी मन से लिखने में आता है कि पिछले 14 माह बीत जाने के बाद भी विधानसभा क्षेत्र एवं संसदीय क्षेत्र में लगातार उपेक्षा की जा रही है। कोई मंत्री कार्य करने को तैयार नहीं है। दलाल एवं भ्रष्टाचारी सरकार में बैठे है।

मेरे द्वारा कार्यकर्ताओं के छोटे से छोटे कार्य कराने के लिए भोपाल जाना पड़ता है। भोपाल के अनेक चक्कर लगाना पड़ते है। इसी प्रकार विकास कार्य इसमें सिंचाई योजना, सड़क निर्माण बाढ़ में 100प्रतिशत क्षति होने पर एक मुश्त मुआवजा राशि भुगतान, फसल बीमा, स्वसहायता समूह, ऋण माफी, विद्यार्थियों को लेपटॉप आदि कार्य नहीं हो पा रहे है। मेरे क्षेत्र में विकास के लिए कई बार आवेदन पर दिए। पर हर बार बजट की कमी बताई गई। जबकि मंत्रियों एवं उनके चाहने वालों के क्षेत्र में बिना किसी बाधा के कार्य हो रहे है।

उन्होंने पत्र में लिखा कि वर्ष 2013 में उज्जैन संभाग तथा वर्तमान में संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस का एकमात्र विधायक होने के बावजूद मंत्री पद और ना ही विकास कार्य हुए न सम्मान मिला और न हीं भोपाल ठहरने के लिए उचित व्यवस्था दी गई। जबकि कई बार नए विधायको को सुविधाएं के साथ विकास  कार्यो की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मँैं मानता हूं कि मैं एक छोटा व्यक्ति हूं। मेरी गलती रही है कि मैं न तो कमलनाथ जी और न हीं दिग्विजय सिंह न हीं सिधिंया जी के गुट का हूं। मैं सिर्फ कांग्रेस का रहा हूं। इसलिए मुझे इतनी परेशानियों का सामना और संघर्ष करना पड़ रहा है।

जीवन का समय ऐसे बर्बाद नहीं कर सकता
विधायक डंग ने इस्तीफे में कहा कि मैं अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय ऐसी ही बर्बाद नहीं कर सकता। वर्तमान सरकार तथा मेरे दूसर बार के विधायक के कार्यकाल को डेढ़ वर्ष बीत चुके है और पांच साल के कार्यकाल में से आखरी का एक साल चुनावी वर्ष होता है। मैंने पूर्व में भी माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह, सिधिंयाजी को अपनी बात कही है, लेकिन दुख की बात है कि किसी ने भी मेरी बात नहीं सुनी। मेरा त्याग पत्र स्वीकार करें, किसानों एवं क्षेत्र के विकास के लिए मेरा संघर्ष सदैव जारी रहेगा।

घर पर अभी भी छाया सन्नाटा
सोमवार शाम से विधायक डंग अपने घर के साथ पूरे क्षेत्र से नदारद है और अपने पार्टी के किसी नेता और कार्यकर्ता के भी संपर्क में नहीं है। विधायक डंग के घर सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का भी यही कहना है कि उन्हें कुछ पता नहीं है। हमेशा की तरह दौरे पर जाकर आने की बात कहकर वह यहां से निकलें है। प्रभारी मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा ने बडौद के कांग्रेस नेता भेरू सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में समन्वय समिति का प्रतिनिधिमंडल विधायक डंग के परिजनों से मिलने के लिए भेजा। बुधवार की शाम को परिजनों से मिलकर कंाग्रेस नेता भेरूङ्क्षसह सिसौदिया मिलने पहुंचे थे।

सरकार से चल रहे थे नाराज
विधायक डंग के करीबी एवं महाविद्यालय में जनभागीदारी समिति में विधायक प्रतिनिधि शामगढ़ के पवन पांडेय ने बताया कि सरकार से मुआवजे को लेकर नाराजगी चल रही है। वहीं पिछले दिनों 20 फरवरी को कर्जमाफी के दूसरे चरण में सीतामऊ में हुए सम्मेलन में प्रभारी मंत्री की मौजूदगी के बीच विधायक हरदीपसिंह डंग ने भी कहा था कि मंदसौर में भी बड़ा आंदोलन करुंगा और मंदसौर में फसल बीमा की राशि के लिए सड़क पर उतरुंगा। प्रदेश के मंत्रीमंडल में स्थान नहीं मिलने को लेकर भी कही ना कही सरकार से नाराज चल रहे थे।

मां के छुए पैर और निकलें थे
उनकी माता शीला कोर ने कहा कि हमेशा भोपाल या अन्य कही पर जाते है तो उनका आर्शीवाद लेकर जाते है। इसी बाद भी सोमवार की शाम को जब गए तो पैर छूकर आर्शीवाद लेकर गए। वहीं पत्नी रीटाकोर ने बताया कि हमेशा दौरे पर जैसे जाते है। वैसे ही घर से निकलें है और यह कहकर निकले की अभी जाकर आता हूं। सोमवार की शाम 5 बजे सुवासरा में विधायक हरदीपसिंह डंग को आखरीबार देखा था। उनके पिता शरण सिंह डंग ने बताया कि उनको जानकारी नहीं है कि उनको बेटा अभी कहा है। वहीं पिता शरणसिंह डंग ने कहा कि टीवी पर देखा कि डंग ने इस्तीफा दिया। मोदी की प्रचंड लहर में 2013 में संभाग में एकमात्र वह कांग्रेस से जीते थे। अब भी संसदीय क्षेत्र में मात्र डंग कांग्रेस के विधायक है। फिर भी मंत्री नहीं बनाया और काम भी नहीं होते है। जनता यहां आकर बोलती है। ऐसे में उनका यह निर्णय सही है।

सीएए व 370 की खुलकर कर चुके है तारीफ
विधायक डंग कई मौको पर सरकार के विरोध में बयानबाजी कर सुर्खियों में आ चुके है। एक और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में सीएए लागू नहीं करने की बात कही और पूरी कांग्रेस इसका विरोध कर रही, लेकिन पिछले दिनों विधायक डंग ने सीएए व एनआरसी को लेकर खुलकर बयान देते हुए इसकी प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि दूसरे देशों में अपने लोग परेशान है तो उन्हें अपने यहां शरण देने में कोई बुराई नहीं तो कश्मीर में 370 हटाने के मुद्दें पर भी वह खुलकर प्रशंसा कर चुके है।

संपर्क हो नहीं पा रहा है
डंग सामने आएंगे तो स्थिति स्पष्ट होगी। अभी जो स्पष्ट नहीं है इस्तीफे की पुष्टि भी नहीं हुई है। अभी ऐसा प्रतीत होता है कि किसी के दबाव और भावावेश में ऐसा किया है। मुख्यमंत्री व प्रभारी मंत्री ने हमेशा डंग की बात को महत्व दिया है। –प्रकाश रातडिय़ा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

डंग का निर्णय साहसिक है
विधायक हरदीप सिंह डंग द्वारा विधायक पद से अपनी ही सरकार के खिलाफ उपेक्षा को लेकर इस्तीफा यह बताता है कि कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार में पूर्ण रूप से लिप्त है। सरकार द्वारा किसानों के ऋण मुक्ति की बात की थी वह भी झूठी साबित हुई किसान परेशान है जनता दुखी है ओर आखिर इस प्रकार से विधायक दुखी है तो जनता का क्या हाल है हरदीप सिंह का यह निर्णय साहसिक है।- राजेंद्र सुराणा, जिलाध्यक्ष भाजपा

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts