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भारत में कोरोना: सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने दिए बड़े संकेत, देश में बढ़ सकता है लॉकडाउन?

नई दिल्ली देश में कोरोना संकट पर चर्चा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने आज विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सर्वदलीय बैठक की। सूत्रों के अनुसार, बैठक के में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को देश में लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिए। पीएम ने इस दौरान कहा कि वह 11 अप्रैल को फिर से सभी राज्यों के सीएम से बात करेंगे।

कोविड-19 के कारण अब तक देश में 149 लोगों की मौत हो चुकी है। पीएम की बैठक में कांग्रेस समेत लगभग सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने भाग लिया। पीएम ने इस बैठक में सरकार द्वारा कोरोना संकट से निपटने के कार्यों की जानकारी दी और नेताओं से राय मांगी।

टीएमसी ने भी लिया बैठक में भाग

पहले कहा जा रहा था कि पीएम मोदी की इस बैठक में हिस्सा नहीं लेगी। लेकिन पार्टी के नेता सुदीप बंदोपाध्याय भी इसमें शामिल हुए।

पीएम की बैठक में ये नेता हुए शामिल

कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, टीएमसी के सुदीप बंदोपाध्याय, शिवसेना के संजय राउत, बीजेडी के पिनाकी मिश्रा, एनसीपी के शरद पवार, एसपी से रामगोपाल यादव, शिरोमणि अकाली दल से सुखबीर सिंह बादर, बीएसपी से सतीश चंद्र मिश्रा, वाईएसआर कांग्रेस से विजय साई रेड्डी और मिथुन रेड्डी, जेडीयू से राजीव रंजन सिंह समेत कई नेताओं ने इसमें भाग लिया।

लॉकडाउन हटाने पर स्थिति साफ नहीं

लॉकडाउन को हटाने पर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विपक्षी सांसदों से लॉकडाउन हटाने और सांसद निधि में कटौती के मुद्दे पर चर्चा की। सांसद निधि में कटौती को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने नाराजगी जाहिर की थी। वहीं, लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म होने वाला है। ऐसे में कई राज्यों ने इसे जारी रखने का सुझाव दिया है। कोरोना पर गठित मंत्री समूह ने भी स्कूल-कालेज, शॉपिंग मॉल और धार्मिक स्थल 15 मई तक बंद रखने की सिफारिश की है। मंत्री समूह की राय है कि लॉकडाउन 14 अप्रैल से आगे नहीं बढ़ने की सूरत में भी ये गतिविधियां बंद ही रहनी चाहिए। साथ ही, धार्मिक केंद्रों और मॉल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर ड्रोन से भीड़ की निगरानी की जाए। मंत्रीसमूह की बैठक मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई थी।

शनिवार को प्रधानमंत्री राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे

प्रधानमंत्री 11 अप्रैल को मुख्यमंत्रियों के साथ तीसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। इससे पहले मोदी ने 20 मार्च और 3 अप्रैल को मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी। उन्होंने राज्यों से जिला स्तर पर क्राइसिस मैनेजमेंट पर काम करने को कहा था। उन्होंने कहा था कि अब हमारा फोकस टेस्टिंग और क्वारैंटाइन सुविधाओं पर होना चाहिए। मोदी ने राज्यों को हेल्थ केयर ह्यूमन रिसोर्स में बढ़ोतरी करने और फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स को ऑनलाइन ट्रेनिंग दिलाने की सलाह दी थी। वहीं, रिटायर्ड हेल्थ वर्कर्स, एनएसएस, एनसीसी, सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल कर फोर्स बनाने के लिए कहा। मोदी ने कहा कि ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन कराने में मदद करेंगे।

बता दें कि पीएम मोदी कोरोना से निपटने और लोगों को जागरूक करने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्र को दिग्गजों के साथ बात कर चुके हैं। पीएम देश के सभी मुख्यमंत्रियों, खेल जगत के दिग्गजों डॉक्टरों और मीडिया से भी बात कर चुके हैं।

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