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मंदसौर के एक कट्टर सिंधिया समर्थक ने नहीं छौड़ी काँग्रेस : सिंधिया को किया ना

सिंधिया समर्थक परशुराम कांग्रेस के साथ, नहीं जायेंगे महाराज के साथ

अन्य नेता भी दे रहे धीरे – धीरे प्रतिक्रिया

मंदसौर। ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मल्हारगढ़ विधानसभा के 2018 में विधानसभा प्रत्याशी रहे परशुराम सिसौदिया ने सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद कहा कि मैं कांग्रेसी था कांग्रेसी हूंऔर कांग्रेसी रहूँगा। मैं कांग्रेस नहीं छोडूंगा।

मंदसौर जिले में ज्योतिरादित्य सिंधिया के कई समर्थक है। जब से सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ी और भाजपा में शामिल हुए है तभी से उनके समर्थक असंमजस की स्थिति में है। विगत दो दिनों के घटनाक्रम के बाद कोई प्रतिक्रिया नहीं देने वाले जनपद पंचायत मंदसौर के उपाध्यक्ष परशुराम सिसौदिया और मल्हारगढ़ विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहंे परशुराम सिसौदिया ने गुरूवार को चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वे कांग्रेसी थे और रहेंगे। इससे पहले उन्होने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। वे ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के माने जाते है और 2018 विधानसभा चुनाव मंे उनका टिकट भी सिंधिया खेमे से ही आया था। लेकिन गुरूवार को उन्होने स्पष्ट कर दिया कि वे कांग्रेस के साथ ही रहेंगे। वहीं दूसरी ओर मल्हारगढ़ विधानसभा के युवा नेता और परशुराम सिसौदिया के खास संदीपसिंह राठौड़ ने सिंधिया के साथ जाने का मन बनाया है उन्होने अपनी फेसबुक आईडी से यूथ कांग्रेस प्रेसीडेंट भी हटा दिया। ऐसे मंे अब कांग्रेस और सिंधिया समर्थकों के लिए समस्याएं बढ़ती हुई नजर आ रही है। हालांकि अभी तक मंदसौर जिले से किसी भी कांग्रेस नेता जो सिंधिया समर्थक है उन्होने भाजपा में शामिल होने की कोई पुष्टि नहीं की है।

मालवा में गहरी पैठ रखने वाले कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिधिंया ने कांग्रेस से नाता तोड़ भाजपा से जोड़ा तो जिले में भी राजनीतिक समीकरण भी बदलने लगे है। सिधिंया के समर्थन में कई नेताओं व समर्थको ने इस्तीफा देकर उनके साथ खड़े होने की बात कही तो कई समर्थक अब तक खुलकर सिधिंया के समर्थन या पार्टी में रहने के निर्णय पर चुप्पी साधे हुए है। इधर कई दिनों से गायब विधायक हरदीपसिंह डंग सिधिंया के निर्णय के बाद सामने आए है और इस्तीफा देने के बाद अब भाजपा ज्वाइन करने की इच्छा जताई। हालांकि अभी डंग जिले में नहीं आए है। इधर भाजपा भी अपने विधायको को लेकर अज्ञातवास पर गई है। ऐसे में जिले के तीनों भाजपा विधायक के फोन बंद है। यशपालसिंह सिसौदिया, जगदीश देवड़ा व देवीलाल धाकड़ अज्ञातवास पर है तो कांग्रेस के डंग इस्तीफा देकर भाजपा में आने की बात कह रहे है।

इन्होंने छोड़ी सिधिंया के समर्थन में कांग्रेस

कांग्रेस प्रदेश महासचिव व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि मुकेश काला, जिला कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष संदीप राठौर ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता के साथ ही सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे में लिखा कि सिधिंया की पार्टी ने लगातार उपेक्षा की है। इसी कारण वह भी सिधिंया के निर्णय से सहमत होकर पार्टी से इस्तीफा दे रहे है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव दिलीप तिल्लानी के इस्तीफा देने की पोस्ट भी फेसबुल पर तिल्लानी की आईटी से ही वायरल हुई। वहीं विधायक हरदीपसिंह डंग के करीबी व जिला पंचायत सदस्य ललित विश्वकर्मा ने भी विधायक के निर्णय का समर्थन करते हुए साथ होने की बात कही। वहीं मंदसौर नपा में कांग्रेस पार्षद विजय गुर्जर ने भी कहा कि महाराज के हर निर्णय में उनके साथ है। भोपाल में चर्चा के बाद भाजपा ज्वाइन करने पर निर्णय करेंगे। वहीं सुवासरा के पूर्व ब्लॉक किसान कांग्रेस अध्यक्ष गजरासिंह ने भी इस्तीफा देेते हुए विधायक डंग के साथ होने की बात कही।

 

कांग्रेस के एक खेमा खुश भी

सिंधिया के भाजपा में जाने से कांग्रेस का एक खेमा खुश भी नजर आ रहा है। उन कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अच्छा रहा महाराज भाजपा में चले गए अब कांग्रेस में एक गुट खत्म हो गया।

मुकेश काला ने दिया इस्तीफा

सिधिया के कट्टर समर्थक और प्रदेश कांग्रेस महासचिव मुकेश काला ने भी कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है और उन्होने खुलकर सिंधिया के फैसले का समर्थन किया है। हालांकि गुरूवार तक उन्होने भी भाजपा में शामिल होने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा हम सब कांग्रेसी व्यक्ति विशेष के नहीं

सीतामऊ। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह पवार, उपाध्यक्ष भागीरथ भम्भोरिया, रमेश चंद्र मालवीय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर जामलिया कोषाध्यक्ष प्रकाश चंद्र पटवारी, दिनेश सेठिया आदि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को आपात बैठक का आयोजन कर संगठन के प्रति निष्ठा व्यक्त की है कांग्रेसजनों ने कहा कि संगठन के बलबूते पर ही मान सम्मान पद प्रतिष्ठा पाई है संगठन सर्वोपरि है कोई भी नेता जनप्रतिनिधि बड़ा नहीं होता है सब संगठन की छत्रछाया में ही निर्वाचित होते है। पार्टी से बगावत करने के सुर मिलाने वाले जनप्रतिनिधियों ने पार्टी कार्यकर्ताओं एवं मतदाताओं के विश्वास को आघात पहुंचाई है ऐसे जनप्रतिनिधियों के प्रति हम निंदा करते हैं बसपा द्वारा सत्ता के बलबूते पर जनादेश को खंडित कर प्रजातंत्र की हत्या कर दी है मात्र धनबल के बलबूते पर।

लगातार हो रहा सिंधिया का पुतला दहन

सिंधिया के कांग्रेस पार्टी से बगावत करने के बाद नाराज कांग्रेस कार्यकार्ताओं द्वारा लगातार सिंधिया का पुतला दहन किया जा रहा है। बुधवार को जहां दलौदा में सिंधिया पुतला दहन किया गया था तो वही गुरूवार को मल्हारगढ़ मंे सिंधिया का पुतला दहन किया गया।

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