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मंदसौर छोटी बड़ी खबरे – 11 March 2020

क्रांतिकारियों के सम्मान में संगठन की यह नई शुरुआत नई सोच पैदा करेगी – भंडारी दशपुर जागृति संगठन ने क्रांतिकारियों की प्रतिमा को गुलाल लगाकर बनाया होली पर्व

मन्दसौर। दशपुर जागृति संगठन जिला इकाई मंदसौर द्वारा एक नई पहल शुरू की गई नगर में प्रत्येक चौराहों पर क्रांतिकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना का संकल्प जो लिया गया है उसके साथ उन प्रतिमाओं के प्रतिं अपनी भाव संवेदना से होली पर्व की शुरुआत इन प्रतिमाओं पर गुलाल लगाकर करते हुए संगठन ने देश के अंदर इन महान आत्माओं के प्रति जो श्रद्धा रखी है इस श्रद्धा को आने वाले समय में देश अनुसरण करेगा।

उक्त बात लायंस क्लब के अध्यक्ष व संगठन के वित्तीय सलाहकार विकास भंडारी ने जोशीले नारे के साथ आजाद प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर चरणों पर गुलाल लगाते हुए कही। इस दौरान संगठन के डॉ. देवेंद्र पौराणिक के साथ में रहे। संगठन के एमपी सिंह परिहार द्वारा महाराणा प्रताप प्रतिमा पर पूजन किया गया। महारानी लक्ष्मीबाई चौराहे पर हरिशंकर शर्मा ने प्रतिमा पर गुलाल द्वारा पूजन किया गया है। उधमसिंह चौराहे पर प्रतिमा का पूजन संगठन के कोर कमेटी मेंबर बालाराम दडिंग, अजीजउल्लाह खान खालिद, आशीष बंसल, साहिल शर्मा, सत्येंद्र सिंह सोम व अरुण गौड़ द्वारा किया गया। इस दौरान संरक्षक रविंद्र पांडे, संरक्षक मदनलाल राठौर, रमेशचंद्र चन्द्रे, सुरेश भावसार भी मौजूद रहे। सभी ने प्रतिमा के समक्ष यह संकल्प लिया गया हम इन महान क्रांतिकारियों की विचारधारा को देश के समक्ष रखकर इन्हें हमेशा हमेशा के लिए चिरस्थाई बनाकर रखेंगे।


संतों के सानिध्य में श्रेष्ठ होलिका दहन किया जिला धार्मिक उत्सव समिति ने

मन्दसौर। जिला धार्मिक उत्सव समिति मंदसौर ने भारत की सनातन संस्कृति तथा आदर्श परम्परा को कायम रखने के उद्देश्य से पूज्य संतों के सानिध्य में गांधी चौराहा समीपस्थ शिक्षा विभाग प्रांगण में नर्मदा तट के परम् विद्वान युवा संत श्री निर्मल चेतनजी महाराज श्री चौतन्य आश्रम मेनपुरिया के युवाचार्य श्री मणी महेश चौतन्यजी महाराज, राष्ट्रीय रामायण प्रवक्ता दशरथभाईजी के सानिध्य में श्री पशुपतिनाथ के बटूकों द्वारा वैदिक विधि विधान से श्रेष्ठ होलिका दहन हुआ। होलिका कण्डों से स्थापित की गई तथा वर्तमान में वायरस वातावरण से मुक्त रखने के लिये होलिका में कपूर, लोंग डाले गये।

जिला धार्मिक उत्सव समिति अध्यक्ष द्वय विनोद मेहता, गोपाल राजावत,  मदनलाल राठौर, ठा. अर्जुनसिंह राठौर, रमेशचन्द्र चन्द्रे, बी.एस. सिसौदिया, राजेश चौहान,सूरजमल अग्रवाल चाचाजी, एम.पी.सिंह परिहार, धीरेन्द्र त्रिवेदी, राजेन्द्र चाष्टा, कन्हैयालाल सोनगरा, बंसीलाल टांक, हरिशंकर शर्मा, कारूलाल सोनी, सुरेन्द्र कुमावत, नन्दकिशोर राठौर, जगदीश सेठिया, दिलीप आर्य, ओमप्रकाश मिश्रा, सुभाष गुप्ता,  दृष्टानन्द नैनवानी, नरेन्द्र मेहता,  भरत वसीठा, सुनील पोरवाल, राजेश शुक्ला, निशांत शर्मा, पिंटू ग्वाला, डॉ. देवेन्द्र पुराणिक, जितेन्द्र व्यास, हरिश साल्वी, सागर सोनी, सुमन लक्षकार, मालती गेहलोत, अर्चना गुप्ता, आरती दवे, बिन्दू चन्द्रे ने पूज्य संतों को शाल, श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद तथा मंचासीन अतिथियों नगरपालिका अध्यक्ष राम कोटवानी, श्री बुन्देला, समाजसेवी गुरूचरण बग्गा, जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष ब्रजेश जोशी, दशपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष नेमीचंद राठौर, उद्योगपति मिलिन्द जिल्हेवार को माला, दुपट्टा धारण कराके सम्मानित किया।

पूज्य सन्त श्री निर्मल चौतनजी महाराज ने होलिका पर्व के संबंध में श्रीमद् भागवत में वर्णित प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान संदर्भ में समाज में जहां भी मन में परस्पर राग, द्वेष, भेदभाव रूपी हिरण्यकश्यपु असुर समा गया है उसको निकालकर समता, प्रेम, सद्भाव रूपी सुर (देवता) प्रहलाद को स्थापित करना होगा।


दामोदर वंशी दर्जी समाज की जिला स्तरीय बैठक भैरव मंदिर पर हुई सम्पन्न

मन्दसौर। भगवान पशुपतिनाथ की पावन नगरी में पहली बार, दामोदर वंशी दर्जी समाज की जिला स्तरीय बैठक भगवान पशुपतिनाथ महादेव मन्दिर के तट के पास श्री दामोदर वंशी दर्जी समाज के श्री दामोदर भैरवजी के मंदिर पर समाज के वरिष्ठजनो के बीच आयोजित हुई। इस बैठक का आयोजन मन्दसौर के शिवशंकर सौलंकी, डॉ. कन्हैयालाल टेलर एवं विनोद परमार के नेतृत्व में हुआ।  बैठक में बताया कि दर्जी समाज के लिये यह गौरव की बात है कि मन्दसौर में जिला स्तर पर पहली बार दामोदर वंशी दर्जी समाज की बैठक का आयोजन करवाया गया है। जिसमे मन्दसौर  जिले भर के दामोदर वंशी दर्जी समाज के नागरिक उपस्थित हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्रगिरी गोस्वामी, दिलीप हेमावत जावरा, काचरिया समाज अध्यक्ष  दशरथ लिम्बोदिया, मंदसौर पूर्व अध्यक्ष जगदीश परमार, पूर्व अध्यक्ष श्रीमति गंगादेवी देवड़ा, समाजसेवी भेरुलाल हतुनिया, शंकरलाल पिछला सहित मंदसौर जिले के अनेक गणमान्य समाजसेवीगण उपस्थित थे।


राष्ट्रीय एकता सैयद मेला में महफिले कव्वाली का आयोजन, मेला में हजारो की भीड उमडी

मंदसौर। राष्ट्रीय एकता हजरत नाहर सैय्यद मेला के सांस्कृतिक रंगमंच पर महफिले कव्वाली का आयोजन किया गया। इस कव्वाली में दिल्ली के मशहुर कव्वाल हाजी असलम साबरी व नागपुर की हेमा नाज ने कव्वाली की प्रस्तुती दी। इस कव्वाली को सुनने के लिये हजारो की संख्या में गणमान्य नागरिकगण मेला प्रांगण में उपस्थित थे। रात्रि 10.30 बजे प्रारंभ हुई कव्वाली  देर रात्रि तक चली। दिल्ली के मशहुर कव्वाल जिन्होने अतराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति बटोरी है। हाजी असलम साबरी ने मोहम्मद के शहर में अपना फेम्स क्लास सुनकर श्रोताओं का मन मोह लिया।नागपुर की मशहुर कव्वाल हेमा नाज ने भी एक के बाद एक कलाम पेश कर श्रोताओं की खुब दाद बटोरी। कार्यक्रम के प्रारंभ में नाहर सैयद मेला समिति के द्वारा नाहर सैयद बाबा के उर्स के मौके पर उनकी दरगाह पर चादर पेश की गयी। कर्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में छोटे मियांजी सरकार हजरत सुफी तौफिक बाबा बासवाडा भाजपा प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर प्रदेश प्रवक्ता हिदायत उल्लाह शेख, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सुराना होगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मदनलाल राठौर, भाजपा जिला महामंत्री अजयसिंह चौहान भी मंचासीन थे। इन सभी अतिथियों कव्वालों का स्वागत   पाध्यक्ष राम कोटवानी, नपा उपाध्यक्ष सुनिल जैन महाबली, मेला समिति  सभापति सुश्री रश्मि राठौर, मेला समिति  सदस्यगण आदि ने किया।


श्रवणकुमार की मां बनना चाहती है तो पहले पति को श्रवणकुमार बनाएं- ललितप्रभ

शगुन गार्डन में प्रवचन सुनने पहुंचे हजारों लोग, प्रभावित होकर नशे का किया आजीवन त्याग

मंदसौर। राष्ट्रसंत ललितप्रभ महाराज ने कहा कि रिश्तों को बनाने में नहीं, अपितु निभाने में विश्वास रखिए। रिश्ते बनाना उतना ही आसान है जैसे मिट्टी से मिट्टी पर मिट्टी लिखना, पर रिश्तों को निभाना उतना ही कठिन है जैसे पानी से पानी पर पानी लिखना। बचपन में हम सौ बार लड़ते थे, तो भी रिश्ता खतम नहीं होता था। अब दूसरी बार लडने की नौबत नहीं आती,क्योंकि पहली लड़ाई में ही हम रिश्तों का खतम कर देते हैं। रिश्तों की खूबसूरती बरकरार रखनी है तो बात मनवाने पर नहीं, समझाने पर जोर दीजिए। रिश्तों में अहंकार को पैदा मत होने दीजिए। एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देंगे कि वो मुझे याद नहीं करता, तो मैं क्यों करूँ।

रिश्ते में पूरी पारदर्शिता रखिए, क्योंकि रिश्ते बर्फ के गोले जैसे होते हैं। बनाना सरल, पर बनाकर रखना मुश्किल। खुशी उन्हें नहीं मिलती जो रिश्तों को अपनी शर्तों पर जीते हैं बल्कि खुशी उन्हें मिलती है, जो अपने परिजनों की खुशी के लिए अपनी शर्तों को बदल लेते हैं। रिश्ता और शीशा दोनों नाजुक होते हैं। फर्क सिर्फ इतना होता है कि शीशा गलती से टूटता है और रिश्ता गलतफहमी से। उन्होंने कहा कि हम रिश्तों को गाय की तरह जिएँ, साँप की तरह नहीं। गाय घास खाकर भी दूध देती है और साँप दूध पीकर भी जहर उगलता है। परिवार में सुई बनकर रहें, कैंची की तरह नहीं। सुई दो को एक कर देती है और कैंची एक को दो कर देती है।संत प्रवर स्टेशन रोड स्थित शगुन गार्डन में खरतरगच्छ श्री संघ द्वारा आयोजित प्रवचन माला के दौरान घर को कैसे स्वर्ग बनाएं विषय पर हजारों भाई बहनों को संबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा कि रिश्तों में दीवार भले ही खड़ी हो जाए, पर दरार मत पडने दीजिए। यह सच है कि जब कोई अपना दूर चला जाए तो तकलीफ होती है, पर असली तकलीफ तब होती है जब कोई अपना पास होकर भी दूरियाँ बना लेता है। रिश्तों में कभी समझौता करना भी सीखिए, क्योंकि थोड़ा-सा झुक जाना किसी रिश्ते को हमेशा के लिए तोडने से अच्छा है। संतप्रवर ने बहुओं से कहा कि जैसे आप चाहती हैं कि आपकी भाभी आपके भाई को मां से अलग न करें और भाई-भाभी आपकी मां की सेवा करें तो पहले जरूरी है कि आप भी अपनी सासू मां की सेवा करें और अपने पति को उनसे अलग न करें। आप पत्नी बनने से पहले घर की कुलवधू या गृहलक्ष्मी बनें। अगर आप अपने सास-ससुर से अलग हो चुके हैं तो आज ही बड़प्पन दिखाकर उनको अपने पास बुलाकर ले आएं और उनकी सेवा करें ताकि उन्हें मन में कभी यह न आए कि हमने बेटे को पैदा ही क्यों किया। अगर आपके सास-ससुर को आप पर गर्व है तो समझ लेना आपका बहू बनना सार्थक हो गया। चुटकी लेते हुए संतप्रवर ने कहा कि आजकल लड़का लड़की की कुंडली मिलाने की जरूरत नहीं है क्योंकि वे तो जैसे तैसे भी निभा लेंगे। अगर मिलाना ही है तो सास बहू की कुंडली मिलाई जाए। अगर उनकी कुंडली मिल गई तो परिवार की कुंडली फ्रेंडली बन जाएगी।

उन्होंने बेटों से कहा कि माता पिता का असली बेटा वह होता है जो श्रवण कुमार बनकर उनकी सेवा किया करता है। अगर आपने अपने मां-बाप को भाग्य भरोसे छोड़ दिया है तो जरा सोचें जन्म देने के बाद उन्होंने भी आपको भाग्य के भरोसे छोड़ दिया होता तो आपका क्या हाल हो चुका होता। उन्होंने कहा कि अगर आप सातों वारों को सुखी और सफल बनाना चाहते हैं तो पहले अपने आठवें वार परिवार को सुखी बनाइए। जिसका आठवां वार परिवार सुखी है उसके सातों वार सदा सुखी रहते हैं।


मंदसौर जिले के कांग्रेस जन पार्टी के साथ है किसी व्यक्ति के साथ नही – श्री रातडिया

मंदसौर। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातडिया ने ज्योतिरादित्य सिंधिया व कतिपय विधायको के कांग्रेस से त्याग पत्र के संदर्भ में कहा है कि मंदसौर  जिले के कांग्रेस जन विचार धारा व सेवाभाव के आधार पर कांग्रेस  में है किसी व्यक्ति विशेष के साथ नही है। कांग्रेस पार्टी, समाजवाद व धर्म निरपेक्षता के सिद्धन्तो के आधार पर देशकी उन्नति में लगी है। व्यक्तिगत महत्वाकांक्ष के आधार पर पार्टी छोड़ना उचित नही है। भाजपा ने जो षडयंत्र किया उससे सतर्क रहते तो यह स्थिति नही बनती। श्री रातडिया ने कहा कि सिद्धन्त व् सेवा की राजनीती करने वाला कोई कांग्रेस जन इस निर्णय का अनुमोदन नही करेगा। आपने कहा किहम कांग्रेस के प्रतिनिष्ठावान थे है और जीवन भर रहेंगे। आपने कांग्रेस जानो का आव्हान किया कि सोनिया गाँधी जी व  प्रदेश को प्रगति के पथ पर अग्रसर  करने वाले मुख्यमंत्री कमल नाथ का समर्थ्सन की वा भाजपा के मंसूबे नाकाम करे।


 हर्बल गार्डन में योग के साथ मनाया होली उत्सव

मन्दसौर। स्थानीय गायत्री परिवार हर्बल गार्डन में पतंजली योग संगठन जिलाध्यक्ष बंशीलाल टांक के सानिध्य में होलीकोत्सव मनाया गया। प्रारंभ में प्राणायाम, योगिक-जोगिक, सूर्य नमस्कार, आसन आदि कराये गये। कोरोना वायरस से बचने के लिये नियमित प्राणायाम के साथ गिलोय, तुलसी, अदरक, ताजा हल्दी और काली मिर्च का काड़ा पीने का संज्ञान कराया गया।

उपस्थित रहे- राजेन्द्र श्रीवास्तव, अर्जुनसिंह राठौर, गोविन्द पाटीदार, हरिश सोनी, मुकेश राठौर, मयंक शर्मा, दीपक जैन, नरेन्द्र कुमार गांधी, राजेश्वरी राठौर, हेमा सोनी, लता साधवानी,  गायत्रीदेवी शर्मा, पूजा पोरवाल आदि।

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