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मंदसौर छोटी बड़ी खबरे – 21 March 2020

पेन्शनर महासंघ की मंगलवार की बैठक स्थगित

मन्दसौर। सेवा निवृत्त एवं पेंशनर नागरिक महासंघ मंदसौर द्वारा आयोजित 24 मार्च 2020, मंगलवार को होने वाली जिला कार्य समिति की त्रैमासिक बैठक एवं नगर की मासिक बैठक कोरोना वायरस महामारी के कारण स्थगित की गई है। अगली बैठक की सूचना पृथक से दी जावेगी। वर्तमान में इस महामारी से भारत ही नहीं पूरा विश्व परेशान है, इस महामारी से बचाव स्वयं का बचाव ही उपाय है।

महासंघ अध्यक्ष श्रवण कुमार त्रिपाठी, सचिव नन्दकिशोर राठौर, संगठन सचिव मोहनलाल गुप्ता एवं कोषाध्यक्ष अभय भटेवरा ने जिले में निवासरत सभी पेन्शनरों, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य जो भी 60 वर्ष से उपर की उम्र के नागरिक है से अपील की है कि वे भीड़वाले कार्यक्रमों से अपने को बचाए एवं कोरोना वायरस को बाय-बाय कहें।


कोरोना से बचाने में मददगार होगा मांसाहार के स्थान पर शाकाहार -बंशीलाल टांक

मंदसौर। देखा जाये तो मानव ही नहीं पशु में भी छोटे-बड़े सभी जानवरों में मांसाहारी शेर-चीता-भेड़ीया  आदि आते है वै ही जानवर मांसाहार का उपयोग करते है जिनके प्रकृति प्रदत्त दांत नुकिले होते है परन्तु गाय-बैल, हाथी-घोड़ा-मृग आदि जिनके दांत मानव जाति की तरह होते है, भूखे रह जायेंगे परन्तु मांस भक्षण कभी नहीं करेंगे। ऐसी अवस्था में मानव जाति जो कि परम पिता की सभी जातियों में सर्वश्रेष्ठ सुन्दर कृती है। परमात्मा ने उसके लिये पर्याप्त मात्रा में अन्न, फल, सब्जियां की व्यवस्था की हैॅ।

प्रोटीन से भरपूर कई प्रकार के फल, सूखे मेवा, मुुंगफली आदि की व्यवस्था की है ऐसी स्थिति में मांसाहार अण्डे आदि खाने की तो आवश्यकता ही नहीं है और फिर विश्व से पृथक भारत जैसे देश में जहां भगवान ने 2-2 मास की 6 ऋतुओं के अनुसार अनुकूल प्राकृतिक आहार की व्यवस्था प्रदान की है तब शुद्ध शाकाहारी को छोड़कर मांसाहार के उपयोग की कहां आवश्यक रहता है।

मांसाहार का उपयोग विशेषकर विदेशों में ज्यादा होता है विदेशों में तो सांप-बिच्छू जैसे विषैले और कांकरोच, चींटे आदि भी नहीं छोड़ते जिसमें चीन-सबसे आगे है और महामारी के रूप में सम्पूर्ण संसर को जिसने अपने चपेट में लेकर भयभीत कर रखा है उस कोरोना वायरस की उत्पत्ती शुरू से चीन से होना बताते है।

समाचारों से स्पष्ट है कोरोना का सबसे ज्यादा प्रकोप विदेशों में उन देशों में हो रहा है जहां मांसाहार का प्रयोग ज्यादा होता है, जबकि भारत मंे इसका प्रतिशत बहुत कम है जिसका कारण यहां मांसाहार के बदले शाकाहार करने वाले का प्रतिशत अधिक है। गुजरात में इसलिये इसका प्रवेश नहीं हुआ क्योंकि वहां शाकाहार का प्रचलन विशेष है।

विदेशों में कोरोना के प्रभाव से पहले ही चिकित्सा परीक्षणों से मांसाहार से केंसर तक होना पाया गया है और विदेशां में अमेरिका जैसे देशों में भी अब भारत के शाकाहार को महत्व देकर अपनाया जा रहा है।

स्वामी रामदेवजी ने भी मांसाहार के स्थान पर शुद्ध शाकाहार और योग को कोरोना से बचाने में सहायक होना बताया गया है। इसलिये जो प्रोटीन के नाम पर शरीर को मजबूत-बलिष्ठ बनाने अथवा मात्र स्वाद के वशीभूत होकर मांसाहार करते है उन्हें तत्काल मांसाहार नानवेज का मोह छोड़ देना चाहिए, क्योंकि कोरोना वायरस से बचने के लिये जब हमें अपने मुंह पर मास्क लगाना पड़ रहा है तो जानवरों के मांस से कैसे बचे रह सकते है।


अपना घर से जुड़ने के लिये समाजसेवी संस्थाएं आवेदन करे

मन्दसौर। अपना घर बालगृह में म.प्र. शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार समाजसेवी संस्था को जोड़ा जाना है। ऐसी संस्थाएं जो बालिकाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है या जिनका समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान है ऐसी संस्था अपने आवेदन पत्र अपने सेवा कार्य का उल्लेख करते हुए अपना घर बालगृह में 30 मार्च तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करे।
ऐसे व्यक्तित्व जो व्यक्तित्व विकास व अन्य कलाओं में निपूर्ण हो तथा निःशुल्क बालिकाओं को प्रशिक्षण देना चाहते है वे भी अपने आवेदन प्रस्तुत करे। प्राप्त आवेदनों पर अपना घर समिति विचार कर उन्हें अपना घर में सेवा का अवसर प्रदान करेगी। बालिका गृह होने से महिला संगठनों व समाजसेवी सस्थाओं को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।


जिला न्यायालयों में 31 मार्च तक 11 से 2 बजे तक ही कार्य होगा

मंदसौर। नोवल कोरोना वाईरस (कोविड-19) के फैलाव से उत्पन्न परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए इससे बचाव के लिए माननीय उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश द्वारा 20.03.2020 को जारी किये गये परिपत्र के पालन में 31.03.2020 तक मध्यप्रदेश राज्य के सभी अधीनस्थ जिला न्यायालयों के लिए न्यायालयीन कार्य का समय 11ः00 बजे से 2ः00 बजे तक निर्धारित किया गया है।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी ए.डी.पी.ओ. विपिन मण्डलोई ने बताया कि उक्त अवधि में केवल अतिआवश्यक मामले ही सुनवाई में लिये जायेंगे, जिनमें केवल जमानतध्निषेधाज्ञा संबंधी प्रकरण होंगे। अतिआवश्यक प्रकृति के मामलों की सुनवाई के दौरान ही पक्षकारगणध्अधिवक्तागण को न्यायालय में उपस्थित होना है, अन्यथा पक्षकारगणध्अधिवक्तागण सी.आई.एस. सॉफ्टवेयर के माध्यम से अपने प्रकरणों में नियत आगामी तिथि ज्ञात कर सकेंगे। पक्षकारगण, अधिवक्तागण को उनके प्रकरण में आगामी नियत तिथि की सूचना एस.एम.एस. के माध्यम से भी दी जावेगी। उक्त निर्देश माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पक्षकारोंध्अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य एवं सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए नोवल कोरोना वाईरस से बचाव हेतु जारी किये गये हैं।


सांई मंदिर के तीन दिन पट आमजन के लिए बंद रहेंगे

मन्दसौर। श्री बालाजी धाम एवं सांई धाम अभिनंदन नगर समिति के अध्यक्ष जे.सी.पाटीदार एवं डी.सी. सक्सेना ने बताया कि कोरोना वायरस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार द्वारा लिये गये निर्णयनुसार आमजन की सुरक्षा के लिये श्री बालाजी धाम एंव साईंधाम मंदिर के पट आज 22 मार्च,रविवार को प्रातः 6 बजे आरती के पश्चात एंव 23 तथा 24 मार्च 2020 को नियमित आरती के पश्चात पट मंगल रहेंगे। समिति ने सभी नगरवासियों घर में रहकर अपना समय व्यतीत करके स्वस्थ रहने की अपील की है।


सहकारी समितियों में फसली ऋण जमा करने की अवधि 30 जून तक बढ़ाई जावे – गुर्जर

मन्दसौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी महामंत्री महेन्द्रसिंह गुर्जर ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्यसचिव को पत्र लिखकर अवगत करते हुए कहा की कांग्रेस सरकार ने किसानों को कर्ज से राहत प्रदान करने के लिए क्रांतिकारी निर्णय लेते हुए किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने के संकल्प के साथ कर्जमाफी का दूसरा चरण पूरा कर लाखों किसानों को कर्जमाफी योजना से राहत दिलाने का सार्थक प्रयास किया था।

तीसरे चरण की शुरूआत भी प्रारम्भ हो चुकी थी लेकिन किसान विरोधि भाजपा ने कांग्रेस सरकार को गिराकर किसानों के साथ घोर अन्याय किया है अब इस परिस्थितियों में किसानों के ऊपर घोर संकट आने वाला है जिसकी समस्त जवाबदेही भाजपा की होगी।

श्री गुर्जर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर  अनुरोध किया है कि वर्तमान समय में किसान रबी फसल की कटाई के में लगा हुआ है तथा कोरोना वायरस के कारण मंडीयो को भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है जिसके कारण किसान अपनी उपज को बेच भी नहीं सकता है ऐसी स्थिति में शासन को सहकारी सोसायटीयो में ऋण जमा करने की अवधि दिनाँक 28 मार्च 2020 को समाप्त हो रही हैं इस स्थिति में कई किसान डिफॉल्टर होने वाले हैं।

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