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मंदसौर छोटी बड़ी खबरे – 5 मई 2020

चावल लेने की लिए लग रही है भीड़, समय सुबह 11 बजे से, लोग 4 बजे ही पहुंच रहे राशन दुकानों पर

प्रति व्यक्ति दिया जा रहा है 5 किलो चावल

मंदसौर। प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना के संकट काल में गरीब की थाली खाली न रहे इसके लिए गरीब रेखा कूपनधारी और अंत्योदय कार्ड वाले परिवारों के प्रति सदस्य को 5 किलो चावल दिया जा रहा है। मंदसौर में इसका आवंटन आने के बाद सोमवार से इसका वितरण प्रारंभ हुआ। जिसे लेकर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सामाजिक दूरी का भी ध्यान भी लोगों द्वारा नहीं रखा जा रहा है। भीड़ को देखते हुए उचित मूल्य की दुकानों को समय भी परिवर्तित सुबह 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक कर दिया गया है। सोमवार को नाहर सेययद रोड़ स्थित उचित मूल्य की दुकान पर सुबह 5 बजे से लोगों की भीड़ लगना प्रारंभ हो गई थी। हर कोई यह चाहता है उसे यह चावल पहले मिले। वहीं मंगलवार को सम्राट मार्केट खाल क्षेत्र की कंट्रोल की दुकानों पर सुबह 4.00 बजे से ही लोगों ने नंबर लगा दिए। जब की दुकान खोलने का आदेश सुबह 11:00 बजे से रात के 10:00 बजे तक का हो गया है। उसके बावजूद भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर सुबह 4 से 5 बजे नंबर लगाकर कंट्रोल के चावल खरीदने के लिए आ रहें है। वहीं उचित मूल्य की दुकान को आस पास के रहवासी इन से परेशान है। रहवासियों का कहना है यह लोग हमारी निंद भी खराब कर देते है।

500 रूपये निकालने के लिए भी लग रही लाईनें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस के संकट काल से निपटने के लिए जन धन खाता धारक महिलाओं के खाते में 500 रूपयें की राशि तीन माह तक डालने का ऐलान किया था। जिसके बाद पहली किश्त माह अप्रैल में आने के बाद दूसरी किश्त भी मई में आ गई है। जिसे निकालने के लिए कियोस्ट सेन्टरों पर महिलाओं की भीड़ देखी जा रही है। यहां भी सोशल डिस्टेसिग का पालन नहीं हो रहा है।

राशन तो मिल रहा है बिना अंगूठा लगाए लेकिन रूपये नहीं

राशन की दुकानों पर राशन लेने के लिए हितग्राही को मशीन पर अपना अंगूठा लगाना होता है। बढ़ते कोरोना प्रभाव के कारण मप्र शासन ने पूरे मप्र में उचित मूल्य की दुकानों को आदेश जारी किये है अभी जब तक कोरोना का प्रभाव है तब तक बिना अंगूठा लगाए हितग्राहियों को राशन दिया जायें। वहीं बैंकों के कियोस्ट सेन्टरों पर तो 500 रूपये की राशि निकालने के लिए थम्क स्कैनर भी अंगूठा लगाना ही होता है और अधिकांश कियोस्क सेन्टरों पर न तो सेनेटाईजर की व्यवस्था है औ न ही साबुन से हाथ धोने की।


मंगलवार को भी जारी रही छूट, थोक सब्जी मंडी नहीं खुली, कुछ व्यापारियों ने चोरी छुपे बेचा माल

अन्य व्यापारी हुए नाराज

मंदसौर। कोरोना पॉजीटिव केसेस अचानक से बढ़ने के बाद 30 अप्रैल से मंदसौर की सब्जी मंडी बंद है। प्रशासन ने गली – मोहल्लों की किराना दुकानों और सब्जी, फल वालों को छूट जरूर दि थी। लेकिन थोक सब्जी मंडी खोलने की अनुमति नहीं दी। मंगलवार 5 मई को अल सुबह कुछ व्यापारियों ने मंडी में बाहर से सब्जी बुलाकर बेच दी। जिससे अन्य व्यापारियों में आक्रोश देखा गया। वहीं सब्जी मंडी अध्यक्ष भगवानदास मेघनानी ने बताया कि कुछ व्यापारियों द्वारा रात 2.00 बजे गुजरात महाराष्ट्र व अन्य स्थानीय किसानें की सब्जी लाकर यहां पर ट्रकों से माल उतरवाया गया। उसके बाद अन्य ठेले वालों अन्य लोगों को जल्दी सब्जी बेच भी दी गई। वहीं जक अन्य व्यापारियों को पता चला तो हम लोग यहां पर पहुंचे तो पता चला कि कुछ व्यापारियों ने यहां पर रात में ही सब्जी उतारकर बेच दी है जिसका हम विरोध करते है। ऐसा व्यापारियों को नहीं करना चाहिए।

वहीं जिन क्षेत्रों में सब्जी वाले पहंुचे उन क्षेत्रों में लोग सब्जी लेने के लिए सब्जी वाले पर टूट पड़े। मंगलवार को सुबह 6 से 10 बजे तक गली – मोहल्लें कि किराना दुकानो को छूट रही जिन पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। धानमंडी की थोक दुकानों को नहीं खुलने दिया गया वहीं रिटेल दुकानें खुली। बस स्टेंड की दुकानों को भी पुलिस ने नहीं खुलने दिया।


कंटेनमेंट क्षेत्रों में सख्त हुआ पुलिस का पहरा, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से रख रहे नजर

मंदसौर। जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है। हमने दो पूर्व के अंक में प्रशासन को आगह करते हुए कंटेनमेंट क्षेत्रों को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ और नगर के जितने भी कंटेनमेंट क्षेत्र है वहां पर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है वहीं इन क्षेत्रों में लगातार पुलिस जवान घुम रहे है न तो किसी को बाहर आने दिया जा रहा है और न अंदर। पुलिस जवानों द्वारा इन क्षेत्रों में सीसीटीव कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है। वहीं प्रशसन द्वारा इन क्षेत्रों के लोगों की थर्मल स्केनिंग का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

एसपी हितेश चौधरी ने चर्चा करते हुए बताया कि कंटेनमेंट क्षेत्रों में किस भी प्रकार की ढील नहीं दि जा रही है। इन क्षेत्रों में हमारे जवान निरंजर निगरानी रख रहे है। धीरे – धीरे बाजार खोलने पर भी विचार चल रहा है। मेरे आमजनों से यही निवेदन हैं कि किसी भी सामग्री की कोई कमी नहीं है। सभी अपने व्यवहार में दूरी बनाना शामिल कर लें। फिजिकल दूरी का विशेष ध्यान रखा जाये।

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