मंदसौर में कड़ाके की सर्दी : घने कोहरे ने घेरा, फसलों पर जमी बर्फ

Story Highlights

  • मंदसौर में शनिवार को सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज
  • न्यूनतम तापमान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरा
  • ठंड के कारण पाला पड़ने से फसलें मुरझाने लगीं

मंदसौर। मंदसौर में सर्दी का सितम लगातार जारी है. शनिवार की सुबह घना कोहरा छाया रहा जिसकी वजह से कई स्थानों पर विजिबिलिटी लगभग शून्य रही. मंदसौर में शनिवार को तापमान में गिरावट के साथ ही सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया. तापमान में अचानक आई गिरावट के चलते लगातार दूसरे दिन फसलों पर बर्फ की परत जमी हुई दिखाई दी. पाला पड़ने की वजह से फसलों को भारी नुकसान हुआ है. पिछली फसल बाढ़ की भेंट चढ़ने के बाद इस फसल को पाले की वजह से नष्ट होता देखकर किसान परेशान हैं और वे सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं. सर्दी का सितम जारी रहा तो कई फसलों के पूरी तरह से नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा है.

उत्तर दिशा से आ रही ठंडी हवा के चलते शीत लहर लगातार बढ़ रही है। शनिवार को अभी तक इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान पांच डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं अधिकतम 22 डिग्री रहने से धूप में तेजी रही। शुक्रवार-शनिवार की रात में भी एक डिग्री तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लगभग 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा के चलते निचले क्षेत्रों में ठिठुरन छाई रही।

मौसम व कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएन मिश्रा ने बताया कि अभी तापमान गिरने का सिलसिला एकाध दिन में थम जाएगा। उसके बाद रात का तापमान भी ऊपर उठेगा। शुक्रवार की तरह शनिवार की सुबह भी घने कोहरे के साथ ही हुई। दो दिन में लगभग चार डिग्री तापमान में गिरावट के साथ शनिवार का न्यूनतम तापमान छह डिग्री पर पहुंच गया। सुबह से ही तेज ठंडी हवा के कारण लोग कंपकंपाते रहे। फसलों पर ओस की बूंदे जम गई। एक सप्ताह पहले न्यूनतम तापमान 11-12 डिग्री पर था। अब लगातार तेजी से गिरावट हो रही है। पांच डिग्री पर तापमान आते ही आमजन के साथ ही खेतों में खड़ी फसलें भी प्रभावित होने लगी है।

दोपहर में भी ठंडी हवाएं चलने के बाद भी धूप की तेजी अच्छी रही। कड़ाके की ठंड के कारण सबसे ज्यादा परेशान किसान है। ग्राम बरखेड़ा के किसान रामदयाल पाटीदार ने बताया कि शनिवार सुबह खेत पर पहुंचा तो चने की फसल, खेत पर रखे भूसेपर ओस जम गई की सफेद चादर बिछी जैसी दिखी। इस कारण चने की फसल के पत्ते पीले पड़ गए हैं। चने के साथ ही धनिया, असालिया, गेहूं अफीम सहित अन्य फसलों पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।

कड़ाके की ठंड में अलाव ही सहारा

मौसम में परिवर्तन के साथ ही कड़ाके की ठंड लगातार बढ़ रही है। सर्द हवा ठिठुरन बढ़ा रही है। लोग ठंड से बचने का जतन कर रहे हैं। ठंड बढ़ने से लोगों की दिनचर्या में भी परिवर्तन आ गया है। बधाों से लेकर बड़ों तक में ठंड से बचने के लिए जतन कर रहे हैं। सुबह और शाम अलाव जगह-जगह अलाव जल रहे हैं।

ठंड से किसान की परेशानी बढ़ी

रात में तापमान में गिरावट के साथ ठंड और बढ़ गईं। इससे फसलों पर ओस की बूंदे जम गई। अधिक ठंड से चना, अफीम, धनिया, मैथी की फसल पर सुबह देर तक ओस जमी रही। ग्राम बरखेड़ा, भालोट, सहित आसपास के गांवों में खेतों ओस जम गई। ठंडी हवा से फसलों पर भी संकट छाने लगा है। शनिवार सुबह जब किसान खेतों पर पहुंचे तो नजारा देख मायूस हुए। ओस की बूंदे जमने से पूरे खेत में सफेद चादर बिछी लग रही थी। लगातार यही स्थिति रही तो फसलों में विपरीत असर पड़ेगा। गत वर्ष तो जनवरी के अंत में ऐसी कड़ाके की ठंड पड़ी थी इस साल दिसंबर के अंत में ही ठंड फसलों की परीक्षा ले रही है।

कड़ाके की ठंड से फसल पर जमी बर्फ की परत, फसलों को हुआ नुकसान

सर्दी के सितम का असर फसलों पर पड़ने लगा है. जिले के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह सर्द मौसम के चलते खेतों में फसलों पर ओस की बूंदे जम गईं. जिसकी वजह से बर्फ की पतली चादर खेतों में बिछी दिखाई दी. इस पाले का असर सबसे ज्यादा मटर की फसल पर हुआ है. बाकी फसलों पर भी आंशिक नुकसान दिखाई दे रहा है. तापमान में गिरावट जारी रही तो, आने वाले दिनों में फसलों को भारी नुकसान की आशंका है. बाढ़ की वजह से फसलों की बर्बादी झेल चुके किसान अपनी दूसरी फसल को बर्बाद होता देखकर हताश है.

गौरतलब है कि मंदसौर में शनिवार को सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज हुआ. तापमान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस (सोर्स एक्यूवेदर वेब) दर्ज किया गया. इसकी वजह से पड़े पाले से फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अभी तापमान में गिरावट लगातार जारी रहेगी जिसके चलते किसानों की परेशानियां बढ़ सकती हैं.

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