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मंदसौर मे पहली ही बारिश ने मचाया तांडव! – शहर हुआ पानी पानी

आधे घंटे की बारिश ने खोल दी शहर की व्यवस्थाओं की पोल

कई पड़े हुए धराशायी, विद्युत कम्पनी की भी व्यवस्थाएं हुई ध्वस्त

मंदसौर. मंगलवार को ऐसा लगा जैसे पहली मानसूनी बारिश हुई हो। हालांकि मानसून के आने की कोई अधिकृत घोषणा नहीं हुई है लेकिन मंदसौर में विगत एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। पूरे जिले में अधिकांश स्थानों पर तेज आंधी तूफान के साथ मूसलाधार वर्षा हुई, हवा के साथ पानी इतना तेज गिर रहा था कि देखने पर ऐसा लग रहा था जैसे धुआं उठ रहा हो, आधे घंटे तक यह नजारा चलता रहा। इस बीच सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। विद्युत व्यवस्था भी ठप्प हो गई। नगर के कई नालों पर पानी आ गया। नरसिंहपुरा की पुलिया तो ओवरफ्लों हो गई। नगर के रेलवे स्टेशन मार्ग पर शहीउ उधमसिंह चौराहे पर बना विशाल होर्डिग हवा को सह नहीं पाया और गिर गया जिसे बुधवार नपा के कर्मचारियों ने वहां से हटाया। कुल मिलाकर बमुश्किल आधे घंटे की बारिश ने भारी तबाही मचा दी। वहीं नगर पालिका की व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी। 15 मिनिट तेज बारिश हुई बाकी समय तो धीरे – धीरे बारिश होती रही है लेकिन इसी में ही नरसिंहपुरा की दोनों पुलिया जलमग्न हो गई।पुलिया के दोनो किनारों पर दो से तीन फीट पानी भरने के कारण यातायात बाधित हो गया। वहीं पैदल आने जाने वालों ने भी पानी में उतरना उचित नहीं समझा।

जिले में इस बार मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। समय से पहले ही इस बार जिले में मानसून ने दस्तक दी थी जो अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मंगलवार को मानसून ने रौद्र रूप दिखाया। एक घंटे की भयंकर आंधी तूफान के साथ हुई तेज बारिश से शहर के साथ पूरा जिला तालाब बन गया। शहर की प्रमुख सडक़ों से लेकर आम रास्ते भी तालाब में तब्दील हो गए। एक घंटे से अधिक समय तेज बारिश हुई। उफनती नालियों से पानी सडक़ों पर बह निकला तो जिले में कई जगहों पर पेड़ धराशाई हुए तो हवा से पतरे भी उड़ गए। प्री मानसून के साथ शुरू हुआ बारिश का दौर में इस सीजन की अब तक की यह सबसे तेज बारिश थी। आलम यह रहा कि शाम 4 बजे ही पूरे शहर पर काले बादलों ने डेरा डाल लिया और अंधेरा छा गया। वाहन चालकों को सडक़ों पर लाइट जलाकर निकलना पड़ा। लगातार जिले में मानसून के सक्रिय होने के बाद अब किसान भी बुवाई को लेकर उत्साहित हैं तो हर कोई जिले में अब जल्द ही बुवाई शुरू होने की बात कह रहा है। अब तक जिले में दलोदा, भानपुरा में अधिक बारिश हुई है तो मंदसौर सहित गरोठ व अन्य क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी है।

जलभराव के कारण लगभग दो घंटे तक स्थिति जस की तस रही। गतवर्ष बारिश में हुई सत्यनारायण कॉलोनी की दुर्दशा हुई थी इस कारण मंगलवार को रहवासी दहशत में आ गए थे।
हालांकि आकस्मिक आई इस विपदा से नपा के जिम्मेदारों को तत्काल आवगत करा दिया गया। जिन्होनें समस्या का शीघ्र हल करने की बात कही है। लेकिन मानसून की झमाझम के पूर्व अवरोधों को हटा कर पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करना चाहिए ताकि गत वर्ष की जल त्रासदी से नगर को पुनः डूबना न पडे।

वहीं पिपलियामंडी नगर सहित अंचल में तेज हवाओं के साथ बरसात हुई। कई जगह टीन शेड उड़ गए, वहीं कई पेड़ धराशाही हुए। लाइन के तार टूटने से विद्युत प्रदाय भी बाधित रहा। मंगलवार को दिनभर तपन रही। शाम को बादल छा गए, तेज हवा के साथ तेजगति से बरसात शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक यह क्रम जारी रहा। मौसम में ठंडक घुल गई। तेज हवा से नगर सहित अंचल में कई जगह टीन शेड उड़ गए तो कई स्थानों पर पेड़ भी धराशाही हो गए। विद्युत लाइन के तार टूटने से विद्युत प्रदाय भी बंद रहा। तेज हवा से नगर में शासकीय अस्पताल परिसर में पेड़ गिर गया। मुख्य मनासा पर सेन्ट्रल बैंक के पास निवासरत मानसिंह चौहान के घर के उपर टीनशेड उड़कर पास खेत में गिरा, गनीमत रही कोई पास व्यक्ति नही था, अन्यथा हादसा हो सकता था। वहीं गांव बरखेड़ापंथ में राजू पाटीदार के बाड़े की दिवार गिर गई।

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