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मध्यप्रदेश में ESMA लागू, पढ़िए आम जनता को इससे क्या फायदा होगा

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में एस्मा लागू कर दिया है। यह शब्द लोगों ने पहले भी सुना होगा। ज्यादातर सरकारें एस्मा तब लागू करती हैं जब कर्मचारी संगठन हड़ताल की धमकी देते हैं या अचानक हड़ताल पर चले जाते हैं लेकिन एस्मा केवल कर्मचारियों की हड़ताल को तोड़ने या कर्मचारियों को जबरदस्ती काम पर लाने के लिए नहीं होता। यह कानून व्यापक संदर्भ रखता है। आइए जानते हैं लॉक डाउन के समय एस्मा मध्य प्रदेश की जनता को क्या फायदा देगा:

‘Essential Services Maintenance Act (ESMA) का उद्देश्य

एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA), 1968 में भारत की संसद द्वारा अधिनियमित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य उन वस्तुओं की निर्बाध गति को बनाये रखना है जो कि सामान्य नागरिक के जीवन के लिए आवश्यक हैं। 

लॉक डाउन में एस्मा का फायदा

एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) उस समय भी लागू किया जाता है जब बड़ी संख्या में कर्मचारी अचानक अवकाश पर चले जाते हैं। सरकार को उनकी सेवाओं की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में एस्मा लागू कर दिया जाता है। इसके कारण कर्मचारियों को हर हाल में अपने कर्तव्य पर उपस्थित होना पड़ता है। यदि वह ऐसा नहीं करते तो उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती है। कोरोनावायरस के संक्रमण के डर से कई कर्मचारी कर्तव्य पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। एस्मा लागू होने के बाद उन्हें ड्यूटी पर आना पड़ेगा।

एस्मा कितने समय तक के लिए लागू किया जा सकता है

ESMA, अधिकतम 6 माह के लिए लगाया जा सकता है लेकिन यदि केंद्र सरकार मानती है कि इसे और बढ़ाने की जरूरत है, तो वह इसे कितने भी लम्बे समय के लिए बढ़ा सकती है हालाँकि एक बार में 6 माह से अधिक का आर्डर नहीं दिया जा सकता है।

ESMA के अंतर्गत सजा का प्रावधान 

1. ESMA लागू होने के बाद यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध‍ एवं दण्‍डनीय है। क्रिमिनल प्रोसीजर 1898 (5 ऑफ 1898) के अन्‍तर्गत एस्‍मा लागू होने के उपरान्‍त इस आदेश से सम्‍बन्‍धि किसी भी कर्मचारी को बिना किसी वारन्‍ट के गिरफ्तार किया जा सकता है।
2. इस एक्ट में यह भी कहा गया है कि यदि किसी आवश्यक सेवा के रखरखाव के लिए ओवरटाइम करने की जरूरत है तो, कर्मचारी इससे इंकार नहीं कर सकता है। 
3. कोई भी व्यक्ति जो अन्य व्यक्तियों को कर्तव्य से अनुपस्थित होने के लिए उकसाता है, उसको एक वर्ष की जेल या एक हजार रूपये का जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।
4. यदि कोई व्यक्ति अनुपस्थित कर्मचारियों को संरक्षण देता है, वित्तीय मदद देता है, तो इस कानून के अंतर्गत ऐसा करना जुर्म है।ऐसी व्यक्ति को एक वर्ष तक का कारावास, एक हजार रूपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है।

ESMA के अंतर्गत आवश्यक सेवाएँ क्या क्या हैं? 

(i) कोई डाक, टेलीग्राफ या टेलीफोन सेवा।
(ii) किसी भी रेलवे सेवा या किसी अन्य परिवहन सेवा के लिए यात्रियों या माल की ढुलाई के लिए भूमि, पानी या हवा जिसके संबंध में संसद में कानून बनाने की शक्ति है।
(iii) हवाईअड्डे के संचालन या रखरखाव से जुड़ी कोई सेवा, या विमान के संचालन, मरम्मत या रखरखाव की सेवा।
(iv) किसी भी बंदरगाह में माल की लोडिंग, अनलोडिंग, आवाजाही या भंडारण से जुड़ी कोई सेवा।
(v)  सीमा शुल्क के माध्यम से या तस्करी की रोकथाम के साथ माल या यात्रियों की निकासी से जुड़ी कोई सेवा।
(vi) किसी टकसाल या सुरक्षा प्रेस में कोई सेवा।
(vii) भारत सरकार के किसी भी रक्षा प्रतिष्ठान में कोई भी सेवा। 

आम जनता को इससे क्या फायदा होगा 

कोई भी डॉक्टर (सरकारी हो या प्राइवेट) इलाज करने से मना नहीं कर सकता। जीवन के लिए आवश्यक वस्तुओं का विक्रेता, निर्धारित मूल्य पर वस्तु विक्रय से इनकार नहीं कर सकता। जीवन के लिए आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी नहीं की जा सकती। जीवन के लिए आवश्यक सेवाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि कोई इनकार करता है तो पुलिस को सूचित करें। क्रिमिनल प्रोसीजर 1898 (5 ऑफ 1898) के तहत उसके खिलाफ न केवल मामला दर्ज किया जाएगा बल्कि उसे बिना वारंट गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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