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मप्र में सियासी ड्रामा तेज: कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग ने सीएम और स्पीकर को भेजा अपना इस्तीफा, अभी कुछ और विधायक दे सकते हैं इस्तीफा

भोपाल।  एक दिन पहले तक माना जा रहा था कि कमलनाथ सरकार ने डैमेज कंट्रोल कर लिया है, लेकिन गुरुवार को हालात फिर बदल गए। कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी भेजा है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार तक कुछ और विधायक इस्तीफा दे सकते हैं। इनमें विधायक ऐंदल सिंह कंसाना, रघुराज कंसाना, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव, बिसाहूलाल सिंह, गोपाल सिंह और विक्रम सिंह नातीराजा के नाम सियासी गलियारों में खासे चर्चा में हैं।

मध्य प्रदेश के सत्तापक्ष के लापता 4 विधायकों में से एक हरदीप सिंह डंग ने अपना इस्तीफा स्पीकर एनपी प्रजापति और मुख्यमंत्री कमलनाथ को भेजा है। डंग तीन दिन से लापता थे। अपने इस्तीफे में डंग ने लिखा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी से दुखी हैं। उन्होंने लिखा, न मैं कमलनाथ गुट का हूं, न दिग्विजय सिंह और न ही सिंधिया गुट का हूं। मैं सिर्फ कांग्रेस का कार्यकर्ता हूं। इसलिए मुझे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि अभी कुछ और विधायक भी इस्तीफा दे सकते हैं। हरदीप डंग कर्जमाफी के तरीके से नाराज थे: मंदसौर के सुवासरा से दूसरी बार विधायक बने हरदीप सिंह डंग ने इस्तीफे में लिखा, सरकार बनने के 14 महीने बीतने के बाद भी मेरे विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है।

ऐसी अटकलें हैं कि शुक्रवार को भाजपा के कुछ विधायक पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा की ओर से हॉर्स ट्रेडिंग में अहम भूमिका निभा रहे संजय पाठक की दो दिन पहले ही आयरन ओर की 2 खदानें प्रशासन ने सील कर दी थीं। देर रात तक बनती रही रणनीति: दूसरी तरफ सीएम हाउस में देर रात तक मंत्रियों तरुण भनोत, जीतू पटवारी, हुकुम सिंह कराड़ा आदि के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ रणनीति बनाते रहे। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के दो मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट दिल्ली में हैं।

डंग इस समय बेंगलुरू के होटल पाम मेडोज में दो अन्य कांग्रेसी विधायक बिसाहूलाल सिंह और रघुराज कंसाना व निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा के साथ हैं। इनसे पार्टी नेताओं का संपर्क गुरुवार को भी नहीं हो सका। हालांकि हालात से निपटने के लिए कांग्रेस ने भी पलटवार की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दोनों ने मोर्चा संभाला है। कांग्रेस की तैयारी: खबर है कि भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी, शरद कौल के साथ दो अन्य विधायक भी कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। त्रिपाठी और कौल ने गुरुवार रात मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनके बंगले पर मिलने गए। इनके बाद पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक संजय पाठक भी सीएम से मिलने बंगले पर पहुंचे।

मंत्री काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। दलाल और भ्रष्टाचारी सरकार में बैठे हैं। करीबियों की मानें तो डंग सरकार के मुआवजा वितरण के तरीके को लेकर नाराज थे। 19 फरवरी को सीतामऊ में हुए कर्जमाफी के दूसरे चरण के सम्मेलन में भी प्रभारी मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा की मौजूदगी में ही डंग ने ऐलान किया था कि किसानों की समस्याएं नहीं सुनी जा रही हैं और इसके लिए मंदसौर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। डंग ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का भी समर्थन किया था। विधानसभा अध्यक्ष बोले- मैं नियमानुसार कदम उठाऊंगा: विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा- मुझे सुवासरा विधायक हरदीप सिंह ढंग के इस्तीफा देने की खबर मिली है। उन्होंने मुझसे प्रत्यक्ष रूप से मिलकर इस्तीफा नहीं सौंपा है।
जब वे प्रत्यक्ष रूप से मुझसे मिलकर इस्तीफा सौपेंगे तो मैं नियमानुसार उस पर विचारकर आवश्यक कदम उठाऊंगा। विधानसभा में इस्तीफा देने का नियम: नियमानुसार विधायक स्वयं अध्यक्ष को इस्तीफा सौंपता है। इसके बाद अध्यक्ष उसे अस्वीकार कर सकता है या लंबित रख सकता है। विधायक दोबारा अपनी बात दोहरता है तो उसे एक बार फिर से सोचने का मौका देते हैं। लेकिन, इस हालत में विधायक पार्टी की व्हिप मानने और सदन की कार्यवाही में भाग लेने बाध्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा- विधायक के इस्तीफे की खबर मिली: मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा- हरदीप सिंह ढंग हमारी पार्टी के विधायक हैं। उनके इस्तीफा देने की खबर मिली है।

लेकिन, मुझे अभी तक उनका इस संबंध में ना तो कोई पत्र प्राप्त हुआ है, ना उन्होंने मुझसे अभी तक इस संबंध में कोई चर्चा की है और ना प्रत्यक्ष मुलाकात की है। जब तक मेरी उनसे इस संबंध में चर्चा नहीं हो जाती, तब तक इस बारे में कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा। जन्मदिन के बाद से डंग का फोन बंद: 2 मार्च को डंग का जन्मदिन था। वे इस दिन सुबह से शाम तक सुवासरा व शामगढ़ में कार्यक्रमों में शामिल हुए। शाम छह बजे हमेशा की तरह मां के पैर छूकर पत्नी से बोले कि दौरे पर जाकर आता हूं। उसके बाद से उनका मोबाइल बंद है। एक विधायक की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज: कांग्रेस के एक अन्य लापता विधायक कांग्रेस विधायक बिसाहूलाल सिंह के बेटे ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भोपाल में दर्ज करवाई है।

हरदीप और बिसाहूलाल के अलावा रघुराज कंसाना और निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा भी 3 दिन से लापता हैं। मप्र में 2 दिन से जारी सियासी ड्रामा: मध्य प्रदेश में सियासी ड्रामा मंगलवार सुबह दिग्विजय सिंह के ट्वीट के साथ शुरू हुआ। उन्होंने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस विधायकों को दिल्ली ले जाया गया। इसके बाद मंगलवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह दिल्ली पहुंचे तो सियासी पारा और चढ़ गया। कांग्रेस ने इसी दिन देर रात दावा किया कि भाजपा ने कांग्रेस के 6, बसपा के 2 और एक निर्दलीय विधायक को गुड़गांव के आईटीसी मराठा होटल में बंधक बनाया। मंगलवार रात को ही भोपाल से मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह को दिल्ली भेजा गया। बुधवार दोपहर 6 विधायक भोपाल पहुंचे। इनमें सपा के राजेश शुक्ला (बब्लू), बसपा के संजीव सिंह कुशवाह, कांग्रेस के ऐंदल सिंह कंसाना, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव और बसपा से निष्कासित राम बाई शामिल थीं। इसके बाद भी कांग्रेस के बिसाहूलाल, हरदीप सिंह डंग, रघुराज कंसाना और निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा की लोकेशन नहीं मिल रही थी। दिग्विजय ने फिर आरोप लगाया कि भाजपा ने 4 विधायकों को जबरन गुड़गांव से बेंगलुरु शिफ्ट किया है।

ऐसे हो सकती है कमलनाथ सरकार की ताकत की परीक्षा: प्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच जल्द ही कांग्रेस सरकार के बहुमत की परीक्षा भी हो सकती है। पहले विधानसभा और उसके बाद राज्यसभा चुनाव में उसे अपनी ताकत दिखाना पड़ेगी। विधानसभा का बजट सत्र 16 मार्च से शुरू हो रहा है। इसमें बजट पेश किया जाएगा। पूरी संभावना है कि बजट के दौरान भाजपा वोटिंग की मांग करे। सत्र में भाजपा अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है। इसमें भी सरकार की परीक्षा होगी। दोनों ही स्थिति में वोटिंग के दौरान अगर सरकार हार जाती है तो उसे इस्तीफा देना होगा। इसके बाद 26 मार्च को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होंगे। इसमें भी कांग्रेस सरकार की ताकत की परीक्षा हो सकती है।

बसपा विधायक बोले- हमारा स्टैंड पार्टी तय करेगी: इस बीच डंग के इस्तीफे पर बसपा विधायक दल के नेता संजीव सिंह कुशवाह ने कहा है कि हमारा स्टैंड हमारी पार्टी तय करेगी। डंग ने किसी बात पर आहत होकर इस्तीफा दिया होगा। मुझे लग रहा है कि तीन विधायक और इस्तीफा देंगे। निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा ने इस्तीफा देने वालों की संख्या पांच बताई है। इस्तीफे में डंग का दर्द…: कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग- मेरी गलती रही कि मैं कमलनाथ, दिग्विजय या सिंधिया गुट का नहीं रहा, केवल कांग्रेस का रहा। इसलिए मुझे इतना संघर्ष करना पड़ रहा है। मैंने तीनों नेताओं से अपनी बात कही, लेकिन दुख की बात है कि किसी ने भी मेरी बात नहीं सुनी। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने माना कि डंग के इस्तीफे की जानकारी मिली है, लेकिन जब तक वे निर्धारित प्रपत्र में इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक कदम नहीं उठाऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस्तीफे की खबर मिली है। जो उन्होंने पत्र लिखा है, वह नहीं मिला। जब तक उनसे इस संबंध में चर्चा नहीं हो जाती, तब तक कुछ नहीं कहूंगा।

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