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मरणासन्न फसलों को मिला अभयदान – झमाझम वर्षा से अंचल हुआ तरबतर

मंदसौर निप्र। लम्बी खेंच और वर्षा की बेरूखी के चलते 24 – 25 जून को हुई प्रथम बोवनी की फसलें जो मरणासन्न स्थिति जाने लगी थी इससे अंचल के कृषकों को दुबारा बोवनी की आशंका सताने लगी थी। लेकिन गुरूवार को सुबह से ही पूरे जिले में हो रही झमाझम वर्षा ने जहाॅ मरणासन्न फसलों को अभयदान दिया है। वहीं वर्षा की लम्बी खेंच के चलते अंचल के हताश और निराश किसानों के चेहरे खिल उठे।
गुरूवार को प्रातः लगभग 8 बजे से प्रारंभ हुई वर्षा जो शाम 7 बजे तक होती रही। कभी तेज तो कभी धीमे वर्षा ने शहरवासियों को भी गर्मी से निजात दी है। साथ ही वर्षा काल की दूसरी बारिश में भी नगर पालिका ने नगर के नालियों और नालों की सूध नहीं ली जिसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर एक से दो दो फीट पानी सड़को पर एकत्र हो गया।

जिले में अबतक 142 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
जिले में अबतक औसतन 139.6 मिमी वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में जिले में 1.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख जानकारी के अनुसार 1 जून से अबतक वर्षामापक केन्द्र मंदसौर में 124 मिमी, सीतामउ में 127.8 मिमी, सुवासरा में 120.3 मिमी, गरोठ में 67.4 मिमी, भानपुरा में 120.8 मिमी, मल्हारगढ मे 201 मिमी, धुधंडका में 204.5 मिमी, शामगढ में 117.7 मिमी, संजीत में 168.5 मिमी एवं कयामपुर में 164.8 मिमी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष इसी अवधि में वर्षामापक केन्द्र मंदसौर में 212 मिमी, सीतामउ में 228.4 मिमी, सुवासरा में 328.2 मिमी, गरोठ में 377 मिमी, भानपुरा में 288.8 मिमी, मल्हारगढ मे 209 मिमी, धुधंडका में 143 मिमी, शामगढ में 234.5 मिमी, संजीत में 334 मिमी एवं कयामपुर में 209.4 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई थी।

सीतामऊ में भी जमकर बरसे बादल
लगभग एक पखवाडे की लम्बी खेंच  उपरांत नगर सहित अंचल में गुरूवार को मानसुन मेहरबान हुआ तथा आसमान से हुई अमृत वर्षा से खरीफ फसलो को जीवन दान मिला। जिससे किसानो के चेहरो में छाई मायुषी मुस्कान में बदल गई। गुरूवार को प्रातः 6.30 बजे शुरू हुआ बारिश का दौर शाम तक जारी रहा। इस दौरान कभी तेज तो कभी रिमझीम का बारिश होती रही। साढे पाॅच बजे तेज बारीश का दौर जारी रहा। बारिश से नागरिको को उमसं से राहत मिली वही किसानो व व्यापारी वर्गो के चितांओ के बादल धुल गए एवं चेहरे खिल उठे। उल्लेखनीय है कि नगर सहित अंचल में खरीफ बोवनी उपरांत मानसुन नदारत हो जाने से चैतरफा खलबली मचने लगी थी एवं दुबारा बोवनी के हालात उत्पन्न होने लगे थे ऐन वक्त मानसुन ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर अमृत वर्षा से खरीफ फसलो को जीवनदान दिया। गुरूवार को प्रात से हो रही बारिश की वजह से साप्ताहिक बाजार की रोनक पर प्रभाव पडा लेकिन व्यापारी वर्गो को इसकी चिंता नही रही। वे बारिश हो जाने से खुश दिखाई दे रहे थे। वर्तमान मानसुन सत्र में अब तक पांच इंच बारिश हो पाई है जबकि गत वर्ष इसी अवधि तक नो इंच से अधिक बारिश दर्ज हो चुकी थी गुरूवार को पुनः मानसुन सक्रीय हो जाने से नागरिको किसानो, व्यापारियो को उम्मीद बंधी है कि उक्त कमी जल्द दुर हो जाएगी।

आखिर बरस गए इंद्रदेव , किसानों के चेहरे खिले
नाहरगढ में भी फसले सुखने लगी थी ।किसान चिन्तित था बारिश का इन्तजार कर कुरपे चलाकर फसल को बचाने के प्रयास मे था । ऐसे मे इन्द्रदेव ने सभी की सुनी । अंचल मे बारिश का दौर जारी है ।लगभग बारिश से किसानों की आस टुट ही गई थी कि गुरुवार सुबह से ही मौसम ने करवट ली । रिमझिम बारिश धीरे – धीरे शुरू होती गई जो रुकरुकर दोपहर तक और तेज हो गई । अच्छी बारिश से किसानों में खुशी की लहर दिखाई दी । आसपास कई गाँवो में भी इसी तरह बारिश का दौर चलता रहा । बारिश सुबह से देर रात्रि तक होती रही । बारिश के चलते यातायात भी प्रभावित हुआ। बारीश का दौर जारी है । सावन की रिमझिम बारिश मे तेज पानी की फसल को बड़ी आवश्यकता थी । इन्द्रदेव ने सभी के भाग्य से बरसात हो रही है ।

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