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महिलाओं ने शराब दुकान में आग लगाई

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नयाखेड़ा स्थित महू-नीमच राजमार्ग से हटी देशी शराब की दुकान ग्राम निपानिया मेघराज की तरफ अस्थायी शेड बनाकर संचालित की जा रही थी। शुक्रवार शाम वहां पहुंचे महिलाओं के समूह ने दुकान पर पत्थर मारकर सेल्समैन को भगा दिया और फिर वहां रखी शराब की पेटियों को भी बाहर फेंक दिया। साथ ही दुकान के अंदर रखी शराब की पेटियों में आग लगा दी।
महिलाएं क्षेत्र में शराब दुकान लगाने का विरोध कर रही थी। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन उन्होंने विभिन्न शहरों में शराब के खिलाफ महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को टीवी में देखकर किया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पुलिस अधिकारियों ने फायर फाइटर को सूचना दी। करीब पंद्रह मिनट बाद मिनी फायर फाइटर आया और आग पर काबू पाया। सेल्समैन ने महिलाओं पर आग लगाने का आरोप लगाया है। वहीं महिलाओं ने सेल्समैन पर ही दुकान में आग लगाने का आरोप लगाया है। सूचना पर सीएसपी सांईकृष्ण थोटा मौके पर पहुंचे और महिलाओं से जानकारी ली।
महिलाओं का गुस्सा ठंडा होने के बाद सेल्समैन व उसके सहयोगियों ने आग बुझाने की कोशिश की। इससे उनका सामान पेटियों और वहां रखे कर्मचारियों के बिस्तर भी जल गए। महिलाओें का कहना है कि गांव में युवाओं व अन्य लोगों में शराबखोरी की प्रवृत्ति बढ़ती ही जा रही है। महिलाएं दिनभर मजदूरी करने जा रही हैं और उनके पति-बेटे इस कमाई को शराब में उड़ा रहे हैं। रुपए नहीं देने पर पत्नी, बच्चों व माता-पिता से ही मारपीट कर रहे हैं। इसे लेकर काफी दिनों सेे मन में गुस्सा था, जो शुक्रवार शाम को फूट पड़ा।
महिलाओं ने कहा शराब ने कर दिया जीना मुश्किल
निपानिया मेघराज निवासी विद्याबाई, तुलसा कुंवर, राजीकुवर, मुन्नीबाई, भोमरबाई, विष्णुबाई, दुर्गाकुं वर सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि गांव में शराब की दुकान से बहुत अधिक परेशान हो गए है। हमारे गांव के लड़के शराब पीते है। कुछ दिन पहले यह दुकान हटाकर यहां पर लगा दी। आज हम यहां सब एकत्रित होकर दुकान वाले से बोलने आए और हमने शराब दुकान वाले से कहा कि रविवार तक दुकान बंद कर देना। इस दरमियान उसने हमसे धक्का-मुक्की और बाहर गल्ला लेकर भाग गया। हमने शराब दुकान से बाहर निकाल कर फेंक दी। इसके बाद उस लड़के ने ही दुकान में आग लगा दी। महिलाओं ने बताया कि दुर्गा कुंवर का बेटा यहां शराब पीकर सो रहा था। दुर्गा बहुत परेशान थी। हमारे गांव के कई युवा शराब पीने लगे है। हमको यह शराब दुकान नहीं चाहिए। और जो ढाबों पर शराब बिक रही है उस पर भी रोक लगाना चाहिए। शराब ने कई लोगों की जिंदगियां खत्म कर दी है।

अभी तक यह कन्फर्म नहीं है कि आग किसने लगाई है। शराब दुकान में आग लगाने वालों की जांच के बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा। कितना नुकसान हुआ है, अभी यह भी नहीं बता सकते हैं।- सांईकृष्ण थोटे, सीएसपी।

हमारा बेटा दारू पीकर परेशान कर रहा है। पत्नी को मारता है, बेटे-बेटी को मारता है और हमें भी मारता है। पूरा परिवार परेशान हो रहा है। आज बेटे को रोटी खाए 10 दिन हो गए हैं तो क्या करें। हम सभी ने मिलकर आग लगा दी। – दुर्गाकुंवर, निपानिया मेघराज

 

हम दिनभर मजदूरी करते हैं और हमारे पति दिनभर शराब पीकर रुपए उड़ा रहे हैं, तो परिवार कैसे पाले। बच्चों को क्या खिलाए। हमने दुकानदार को हटाने को कहा तो वह गल्ला लेकर भाग गया। इस पर हमने तोड़-फोड़ कर दी और आग लगा दी। -तुलसाबाई, निपानिया मेघराज

 

100-150 महिलाएं आई और पत्थर मारने लगी। मैंने कहा कि दुकान बंद कर रहा हूं तो मुझे पत्थर मारने लगी। मैं वहां से 2500 रुपए कैश लेकर भागा। वापस आया तो दुकान में आग लगी थी। – राघवेंद्रसिंह, सेल्समैन, शराब दुकान

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