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रक्षाबंधन के त्यौहार पर भी कोरोना का साया

दस दिन बचे लेकिन बाजार में कोई रौनक नहीं, दुकानें भी नहीं सजी

मंदसौर। रक्षाबंधन का पर्व इस बार 3 अगस्त को है। जिसे लेकर हर वर्ष की तरह बाजारों में सजने वाली राखीयों की दुकानें इस बार नजर नहीं आ रही है। कोरोना का असर रक्षाबंधन पर भी पड़ता हुआ नजर आ रहा है। वही होलसेल व्यापारियों के यहां भी इक्का-दुक्का ग्राहक आ रहे हैं। कुल मिलाकर इस बार रक्षाबंधन का त्यौहार भी कोरोना की भेट चढता हुआ नजर आ रहा है।

रक्षाबंधन 3 अगस्त को है मतलब अब से बिल्कुल दस दिन बाद लेकिन जहां पिछले वर्षो में राखीयों की दुकानें रक्षा बंधन के पर्व से 15 से 20 दिन पहले ही सज जाया करती थी वहीं दुकानें इस बार अब तक भी मार्केट में नहीं लगी है। बाजार में कोई इक्का – दुक्का दुकानें की नजर आ रही है।  आम तौर पर राखियों की दुकानें घंटाघर व अन्य क्षेत्रों में सदर बाजार, कालाखेत, सम्राट मार्केट क्षेत्रों में लगती थी लेकिन इस बार वह दुकान में कहीं दिखाई नहीं दे रही है रक्षाबंधन के अब आज से मात्र 10 दिन बचे हैं उसके बावजूद भी दुकानें नहीं लगी है। कोरोना के कारण इस बार दिल्ली, अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों का माल भी नहीं आ रहा है लोकल राखीयों को ही इस बार दुकानदार बेच रहे हैं। राखीयों के दुकानदार प्रदीप ने बताया कि इस बार चाइना की राखियों पर बिल्कुल प्रतिबंध है। हम लोग इस बार इंदौर, भोपाल की राखियां मंगवा कर बेच रहे हैं। वैरायटीयों में इस बार फैंसी डोरे वह स्पंज की राखियां व बच्चों की राखियां है। इस बार राखियां की कीमत 50 पैसे से लेकर 200 रूपये तक की है लेकिन बिक्री बहुत कम है। ब्रिकी नहीं होने का प्रमुख कारण ग्रामीण लोग बाजार में नहीं आ पाने के कारण वहीं शनिवार और रविवार पूरी तरीके से लॉक डाउन होने के कारण इस बार राखी का बाजार फीका फीका सा लग रहा है।

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