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विधानसभा चुनाव 2018: इस बार कांग्रेस, भाजपा के अलावा सपॉक्य और शिवसेना भी पूरे दम खम के साथ रणक्षेत्र में उतरने को बैताब

कांग्रेस से डंग का चुनाव लड़ना लगभग तय, भाजपा के कई दोवदार लगे लाइन में

सीतामऊ। विधानसभा का बिगुल बज चुका है इसके साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है वैसे तो मुख्य टक्कर कांग्रेस भाजपा के बीच है लेकिन बसपा शिवसेना सपाक्स को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है जिनके भी कार्यकर्ता सक्रिय हैं फिलहाल सभी दलों के कार्यकर्ता एवं मतदाताओं की नजरें अधिकृत उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हुई हैं।

तत्कालीन सीतामऊ विधानसभा क्षेत्र के साथ राजनीतिक शोषण हुआ जिस के दुष्परिणाम स्वरूप विधानसभा क्षेत्र के नक्शे से इसका नामोनिशान मिट चुका है परिसीमन के बाद इस विधानसभा क्षेत्र को दो भागों में बांट दिया गया अधिकांश क्षेत्रफल सुवासरा विधानसभा में शामिल किया गया जबकि कुछ गांवों को मंदसौर व मल्हारगढ़ विधानसभा में शामिल किया गया सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में 175 मतदान केंद्र इसी क्षेत्र के शामिल है।

सक्रियता बढ़ी- आगामी विधानसभा क्षेत्र की घोषणा होने के साथ नगर सहित अंचल क्षेत्र में राजनैतिक हलचल शुरू हो चुकी है राजनीतिक दलों के पदाधिकारी कार्यकर्ता चुनावी रणभूमि में अपनी भूमिका तय करने में लगे हुए हैं गली मोहल्लों एवं चौराहे पर आम मतदाताओं के चर्चाओं में भी राजनीतिक मुद्दा छाने लगा है।

क्या इतिहास दौहराएगा- मुख्य प्रतिद्वंदी दल कांग्रेस भाजपा ने अभी अधिकृत घोषणा नहीं की है लेकिन चर्चाओं का दौर जारी है क्षेत्रीय विधायक हरदीप डंग कांग्रेस से एवं पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार के बीच पुनः मुकाबला होने की संभावना है। कांग्रेस की रणनीति के तहत सभी वर्तमान विधायकों के टिकट तय है। अतः श्री डंग का कांग्रेेस से टिकट मिलना लगभग लगभग तय है।
अन्य दल भी सक्रिय- विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना बसपा सपाक्स आदि दल भी चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुटे हुए हैं शिवसेना के राज्य उप प्रमुख सुनील शर्मा कई समय से विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय बने हुए हैं। बसपा के कार्यकाल भी समय-समय पर रैली प्रदर्शन का आयोजन कर अपने पद्धति विद्यालय करवाते रहे हैं भारत बंद एवं प्रदर्शन के दौरान सपाक्स ने जोरदार छाप छोड़ी हैं आम मतदाता भी इसके तेवरों पर सोचने को मजबूर हुए हैं।

स्थानीय मुद्दे फिर उठे- विधानसभा क्षेत्र के दौरान राजनीतिक दलों के लिए चयन में स्थानीय मुद्दे को नजरअंदाज किया एवं अधिकांश अवसरों पर बहारी लोगों को टिकट मिले विधानसभा क्षेत्र विलोपित हो चुका है लेकिन सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में इसका वर्चस्व बना हुआ है ऐसे में नगर अंचल क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि इस क्षेत्र कई नेता चुनाव लड़ने व प्रतिनिधित्व करने में सक्षम है। उनके साथ शोषण कब तक होता रहेगा जो भी राजनीतिक दल स्थानिय मुद्दे को प्राथमिकता देकर उम्मीदवार घोषित करेगा।दलगत राजनीति से हटकर उन्हें विजय वरण सर्वत्र दाव पर लगा देंगे।

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