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सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद जिले के सिंधिया समर्थकों का करियर दांव पर – काला ने किया सिंधिया का समर्थन

मंदसौर। होली के दिन मंगलवार को कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोडने के बाद बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। अब वे भाजपा से मप्र से राज्यसभा का पर्चा दाखिल करेंगे और सबकुछ सही रहा तो वे आने वाले समय में केन्द्रीय मंत्री भी बन सकते है। लेकिन इसका बहुत बड़ा असर मंदसौर जिले की राजनीति पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। मंदसौर जिले में भी सिंधिया गुट के समर्थक बड़ी संख्या में है। अभी तक सबने अपनी अपनी रॉय सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की है। मंदसौर में सिंधिया के कट्टर समर्थक मुकेश काला ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुलकर सिंधिया का साथ दिया हैं लेकिन वे भाजपा मे शामिल होगें की नहीं इसकों लेकर उन्होने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं मंदसौर के सिंधिया के एक और कट्टर समर्थक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह गौतम ने भी सिंधिया के भाजपा मे जाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनकी करीबीयों से मिली जानकारी के अनुसार वे दुबई में छुट्टीयां बिताने गए है। वहां से लौटने के बाद ही अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। कांग्रेस जिला कार्यकारी अध्यक्ष राकेश पाटीदार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने आप को सिंधिया से अलग और कांग्रेस के साथ बताया।

मल्हारगढ़ विधानसभा से कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ चुके परशुराम सिसौदिया को भी सिंधिया का करीबी माना जाता है लेकिन वे पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को भी अपना नेता बताते है ऐसे में अभी तक उनकी भी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

सोशल मीडिया पर कांग्रेसी आपस में भिड़ें

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद से ही सोशल मीडिया पर भाजपा और कांग्रेेस नेताआंे में तिखी बहस चलती रही। यहां तो ठीक था कुछ पोस्टों में तो कांग्रेस के नेता ही आपस में भिड़ंते हुए नजर आए। किसी कांग्रेस नेता ने ज्योतिरादित्य को गद्दार बताया तो। किसी ने 1857 की क्रांति याद दिला दी। इस पर सिंधिया समर्थकों ने भी खूब कमेंट किए जिससे कांग्रेसी ही आपस में भिड़ गए। सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के भी खूब मजे लिए।

डंग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

संसदीय क्षेत्र के एकमात्र कांग्रेस विधायक हरदीपसिंह डंग को लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। उनकी एक कथित ऑडियो क्लीप भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमें वह कह रहें है कि शिवराज जी की शपथ ग्रहण में मिलेगे। हालांकि इसकी कोई अधिकृत पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है और डंग भाजपा में शामिल होकर मंत्री बनते है तो एक बार फिर मंदसौर संसदीय क्षेत्र के भाजपा नेताओं को मंत्री पद के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि मंदसौर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, मल्हारगढ़ विधायक जगदीश देवड़ा, जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा और जावरा विधायक राजेन्द्र पाण्डेय मंत्री पद की दौड़ में हमेशा ही रहते है। हालांकि बुधवार तक डंग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन हरदीप डंग को मनाने की पूरी कोशिश कर रही है।

मंदसौर जिले में 2017 में हुए किसान आंदोलन के बाद ही 2018 के विस चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने की राह आसान हुई थी। इसी मंदसौर जिले की सुवासरा विस के कांग्रेसी विधायक हरदीपसिंह डंग ने इस्तीफे की शुरुआत की थी और आज की स्थिति में 22 विधायकों के इस्तीफे से पूरी सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद समर्थकों में हलचल बढ़ी है। अभी इस्तीफों की शुरुआत नहीं हुई है पर जिले में बड़ी संख्या मंें कांग्रेसजन पार्टी छोड़ सकते हैं। 12 मार्च को सिंधिया के भोपाल आगमन पर सभी मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे। विधायक डंग ने एक आडियो क्लिप में आरोप लगाया कि आठ लोग मिलकर सरकार चला रहे थे कोई सुन ही नहीं रहा था। इधर पिपलियामंडी में कांग्रेसी सरकार बचाने के लिए मंदिर में भजन-कीर्तन में जुटे हैं।

सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद से मंदसौर जिले में अभी तक अधिकृत इस्तीफा युवक कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष संदीपसिंह राठौर ने ही दिया है। उनके बाकी समर्थकों प्रदेश कांग्रेस महामंत्री मुकेश काला, मार्केटिंग सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह सिसौदिया सहित अन्य लोग भी सिंधियाजी के निर्णय के साथ ही जाने की बात कर रहे हैं। काला का कहना है कि 12 मार्च को सिंधिया भोपाल आ रहे हैं। उनके साथ मीटिंग के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी। वे जैसा कहेंगे हम वैसा ही करेंगे। पार्षद विजय गुर्जर ने भी कहा कि हम सिंधिया के निर्णय का समर्थन करते हैं पर अभी कांग्रेस से इस्तीफा उनसे एक बार चर्चा के बाद ही देंगे। कुल मिलाकर स्थिति यह बन रही है कि कांग्रेस के नेता भी वेट एंड वॉच की रणनीति अपना रहे हैं।

कोई बात ही सुनने को तैयार नहीं हमारी

इधर 2 मार्च के बाद से लापता सुवासरा विधायक हरदीपसिंह डंग का 3 मार्च को शाम को एक इस्तीफा वायरल हुआ था। उसके बाद से उनका न तो कोई खंडन सामने आया था और न ही समर्थन था। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद पहले तो डंग की एक आडियो क्लिप भी सामने आई थी जिसमें वह अपने किसी समर्थक से बात रहे थे उसमें डंग कर रहे थे कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आठ लोग मिलकर चला रहे हैं कोई बात सुनने को ही तैयार नहीं था। तो अब यही रास्ता बचा था जिसमें वह भाजपा में शामिल होने की बात कह रहे थे। वहीं बुधवार को सामने आए वीडियो में विधायक कह रहे हैं कि वह सिंधिया के निर्णय के साथ है।

पिपलियामंडी में बालाजी की शरण में कांग्रेसी

बुधवार को तेज हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद नगर में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने संकटमोचन बालाजी मंदिर में हवन व पूजा अर्चना कर प्रदेश सरकार पर आए संकट को टालने की प्रार्थना की। मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के तत्वावधान में बुधवार को टीलाखेड़ा बालाजी मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर हवन में आहुतियां दी गई। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि भाजपा द्वारा प्रदेश सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। कमलनाथ सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों को भाजपा के लोग पचा नहीं पा रहे हैं। इसको लेकर हमने मंदिर में यज्ञ कर बालाजी की पूजा-अर्चना कर आरती की। अजित कुमठ, भंवर राठौर, पूर्व सरपंच राम प्रहलाद पाटीदार, पूर्व पार्षद अनिल बोराना, व्यापारी प्रतिनिधि दिलीप गुप्ता, महामंत्री रमेश माली महांकाल, नरेश सैनी, दिनेश कारपेंटर, सुनील गर्ग, मल्हारगढ़ नगर कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा,कांग्रेस नेता मदन चौहान, नेमीचंद डाका, गोपाल राठौर, देवेंद्र कराड़ा, गोपाल पाटीदार, मुकेेश निडर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।

कांग्रेस के प्रति आस्था जताई

सुवासरा विधायक हरदीपसिंह डंग के क्षेत्र में आने वाले सीतामऊ में कांग्रेसजनों ने बैठक कर कांग्रेस के प्रति आस्था जताई है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह पंवार, उपाध्यक्ष भागीरथ भंभोरिया, रमेशचंद्र मालवीय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर जामलिया, कोषाध्यक्ष प्रकाशचंद्र पटवारी, दिनेश सेठिया सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने बुधवार को आपात बैठक कर संगठन के प्रति निष्ठा जताई है। कांग्रेसियों ने कहा कि संगठन के बलबूते पर ही मान-सम्मान और पद प्रतिष्ठा पाई है संगठन सर्वोपरि है। कोई भी नेता जनप्रतिनिधि बड़ा नहीं होता है सब संगठन की छत्रछाया में ही निर्वाचित होते हैं। पार्टी से बगावत कर सुर मिलाने वाले जनप्रतिनिधियों ने पार्टी कार्यकर्ताओं एवं मतदाताओं के विश्वास को आघात पहुंचाया है। ऐसे जनप्रतिनिधियों की हम निंदा करते हैं भाजपा द्वारा सत्ता के बलबूते पर जनादेश को खंडित कर प्रजातंत्र की हत्या कर दी है।

कुछ फैसले के समर्थन में, कुछ ने दिया त्यागत्र

ज्योतिरादित्य सिधिंया के भाजपा में शामिल होने के बाद समर्थक नेताओं के सामने धर्मसंकट खड़ा हा गया है। यही हाल विधायक हरदीपसिंह डंग के कारण हो रहा है। कई नेताओं ने सिंधिया व डंग के साथ जाने का समर्थन करते हुए उनके साथ रहने की इच्छा जताई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मानसिंह कोठारी ने सिंधिया का समर्थन करते हुए उनके साथ ही रहने की बात की है। विधायक प्रतिनिधि महेश सोनी ने भी सिंधिया व डंग के समर्थन में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिया है। जिपं सदस्य मंजू ललित विश्वकर्मा ने भी डंग के फैसले का समर्थन किया है।

भाजपा ने की आतिशबाजी

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद नगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर मिठाइयां वितरित की। नीम चौक स्थित भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की। मंडल अध्यक्ष बलवंतसिंह पंवार, वरिष्ठ नारायणभाई गुजराती, रमेश काला, मुकेश काला, कालूभाई मीणा, पम्मीभाई रत्नावत, दीपक जांगड़े सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद थे। सब्जी मंडी चौराहे पर ग्रामीण कार्यकर्ताओं द्वारा आतिशबाजी की। ग्राम सालरिया के शिवलाल दायमा ने कार्यकर्ताओं के साथ आतिशबाजी कर मिठाई वितरित की।

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