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होलसेल व्यापारी को बीड़ी बेचने की अनुमति दी प्रशासन ने, बेतुका आदेश बाद में किया निरस्त

धानमंडी की एक दुकान पर लग गई बीडी लेने वालों की लाईने
व्यपारियों की मांग अनुमति दे तो सबकों दे

मंदसौर। कोरोना महामारी के इस दौर में मंदसोर का जिला प्रशासन काफी कन्फ्यूज नजर आ रहा है। पहले तो बाजार खोलने वाले आदेश कई – कई बार बदलें गऐ इनमें बाजार खुलने के समय को भी कई बार बदला। कभी कलेक्टर तो बाजार खोलने की बात कहते है और पुलिस द्वारा व्यापारियों को दुकानें नहीं खोलने दी जाती ऐसे कई आदेशों से जिला प्रशसन की किर किरी हुई है। 21 मई गुरूवार को अपर कलेक्टर बी एल कोचले के द्वारा नगर के एक व्यापारी को बीडी होल सेल में बेचने की अनुमति प्रदान कर दी गई। जबकि प्रदेश सरकार द्वारा बीडी, गुटखा, पान मसालों पर प्रतिबंध लगा रखा है। 22 मई शुक्रवार को जब अन्य व्यापारियों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होने इस आदेश का विरोध किया। अन्य व्यापारियों का कहना था कि यदि अनुमति दि जायें तो सबकों दी जायें। व्यपारियों के विरोध के बाद अपर कलेक्टर बी एल कोचले जारी अनुमति का निरस्त कर दिया। वहीं इससेे पहले शुक्रवार को सुबह बीडी मिलने की सूचना मिलने पर कई लोग धानमंडी की एक दुकान पर पहुंचे गए और देखते ही देखते वहां लोगों की लाइन लग गई जिसे बाद मेें पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया।

आखिर यह बेतुका फैसला दिया ही क्यों

जिला प्रशासन ने जारी आदेश में कहा कि बीडी की होलसेल ब्रिकी कि जा सकती है। लेकिन खुदरा दुकानें बंद रहेगी ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि यदि रिटेलर बीडी नहीं बेच सकता तो वह होलसेलर से खरीदेगा ही क्यों। या प्रशासन खुद चाहता था कि होलसेल वाले का माल निकल जायें और जैसी शहर में व्यवस्था चल रही है कि गुटखा, पान मसाला, बीडी सिगरेट सब मिल रहा है लेकिन उंचे दामों पर वह चलता रहे। प्रशासन ने इस आदेश ने सबकों अचंभित कर दिया। बीडी बेचने वालों को अनुमति देना कोई गलत नहीं है लेकिन यदि अनुमति दी जायें तो सबको दी जाये। ताकि बाजार की अर्थव्यवस्था बनी रही। ऐसे एक दो व्यापारियों को अनुमति देने से तो और मामला बिगढ़ सकता है।

अनुमति निरस्त कर दी है

एक व्यापारी को बीडी बेचने की अनुमति दी गई थी। जिसे आगामी आदेश तक निरस्त कर दिया गया है।

  • बी एल कोचले, अपर कलेक्टर, मंदसौर
अनुमति दे तो सबकों दें अन्यथा किसी को न दें

प्रशासन बीडी, गुटखा बेचने की अनुमति दे तो सबकों दे जिसमें होलसेल, रिटेल सब शामिल हो। ऐसे एक व्यापारी को अनुमति देना ठीक नहीं है। अन्य व्यापारियों के विरोध के बाद अपर कलेक्टर ने आदेश तो निरस्त कर दिया है। लेकिन इस तरह की आदेश जारी ही नहीं करना चाहिए। जिला प्रशासन द्वारा जारी किए जा रहे कई आदेश स्पष्ट नहीं है। अब बीडी वाले आदेश में होलसेल व्यापारी को बेचने की अनुमति दी जा रही है लेकिन खुदरा व्यापारी को नहीं अब यदि खुदरा व्यापारी होलसेल व्यापारी से माल खरीदेगा तो क्या घर मंे रखेगा क्या। प्रशासन को इस तरह के फैसले लेने से पहले सोचना चाहिए।

  • शरद धींग, अध्यक्ष, किराना व्यापारी एसोसिएशन, मंदसौर

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