Breaking News

होलीका पर्व: गोवर्धननाथ मंदिर में होली का पर्व अपने चरम स्तर पर

सैकड़ो श्रद्धालु प्रतिदिन खेल रहें भगवान के साथ होली

गायत्री परिवार करेगा आदर्श होली का दहन

मंदसौर। मंदसौर शहर के जीवागंज में स्थित अतिप्राचीन मंदिर गोवर्धननाथ जी में  इन दिनो होली का उत्सव अपने पूरे चरम पर आ गया हैं। रोज सेंकड़ों लोग ठाकुर जी के साथ होली का आनन्द ले रहें। क्या बच्चे क्या बूढे क्या बडे सभी इस रंगो की मस्ती में सराबोर हो जाते हैं ऐसा लगता हैं पूरा बृज मंदसौर शहर के गोवर्धननाथ जी के मंदिर मे उतर आया हो।  प्रतिदिन राजभोग के दर्शन के समय होली अपने पूरे चरम पर होती हैा सैकडां श्रद्धालु कान्हा जी के साथ हाली खेलकर प्रफुल्लित हो रहे हैं। ठाकुर जी के मंदिर में वसंत पंचमी से भगवान के साथ भक्तों का होली खेलना प्रारंभ हो जाता है और होलीका के दहन की पूर्णिमा से पहले वाली ग्यारस पर तो मंदिर में विशेष होली खेली जाती है। शुक्रवार को भी ग्यारस के दिन मंदिर के पीछे बगीचे में भक्तों ने भगवान के साथ जमकर होली खेली।

अतिप्रचीन हैं मंदिर का इतिहास मंदिर में प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं के अनुसार मंदिर का इतिहास अतिप्राचीन हैं। यह पुष्टिमार्गीय मंदिर हैं पुष्टि संप्रदाय (वल्लभ संप्रदाय) के अंतर्गत यह मंदिर हैं। लोगों के अनुसार यह गोवर्धननाथ का मंदिर 155 वर्षांे पुराना हैं। और होली का त्यौहार यहॉ पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता हैं।

चालीस दिनों तक मानई जाती हैं होलीलोगोे के अनुसार जीवागंज स्थ्ति गोवर्धननाथ जी के मंदिर में होली का पर्व 40 दिनों तक मनाया जाता हैं। वसंत पंचमी से लेकर धुलेडी तक यहॉ रंगो का पर्व पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालु मनाते हैं। शुरू के 20 दिनों तक सूक्ष्म होली खेली जाती हैं लेकिन धीरे धीरे यह अपने उत्कृष्टता पर पहुॅच जाती हैं और इन दिनों तो भगवान के साथ खेलने अपने चरम स्तर पर पहुॅच गया हैं

ऐसा लगता हैं जैसे पूरा बृज उतर आया हो बृज की परंपरानुसार ही यहॉ होलीे खेली जाती हैं मंदिर में खेली जाने वाली होली जब अपने पूरे चरम स्तर पर पहुॅच जाती हैं तो मानोें ऐसा लगता हैं जैसे पूरा बृज और मथुरा मंदसौर के गोवर्धनानाथ मंदिर में उतर आया हो। यहॉ होली खेलने वालोें की मस्ती देखते ही बनती हैं। हर कोई अपने भगवान के साथ होली खेलना चाहता हैं। रंग में सराबोर सभी श्रृद्धालु नृत्य बृज गीत गाकर इस पर्व का पूरा आनन्द लेते हैं।

पूरे अंचल में प्रसिद्ध हैं यहॉ की होली मंदिर में प्रतिदिन आने वाले जीतु पारख के अनुसार मंदिर में कई वर्षों से इसी तरह से होली खेली जाती हैं। यहॉ के होली पूरे अंचल में प्रसिद्ध हैं और आस पास के कई श्रद्धालु यहॉ विशेष रूप से होली पर ठाकुर जी के दर्शन करने व रंगो का त्यौहार मनाने आते हैं।

बुराईयों के साथ कोरोना वायरस को नश्ट करने वाली विषेश सामग्री का होगा होलीका में दहन
सामाजिक समरसता एवं राश्ट्रीय एकता का महापर्व होली पर गायत्री परिवार, मंदसौर के तत्वावधान में 9 मार्च, रविवार को प्रतिवर्शानुसार इस वर्श भी आदर्ष होली दहन एवं राश्ट्रीय एकता संकल्प समारोह का आयोजन किया जायेगा। इस पर्व पर समाज की समस्त बुराईयों के साथ अपने विचारों में पनप रही बुराईयों को भी होली में जलाकर नश्ट कीया जाता है।

गायत्री परिवार द्वारा रोम टॉवर, पुलिस कन्ट्रोल रूम के सामने सायं. 6.30 से 8.30 तक इस पर्व उल्लास व संकल्प के साथ मनाया जायेगा।  होलीका दहन में गायत्री परिवार द्वारा कपूर, गिलोय, तेजपत्र, कालमेघ, नागरमोथा व विषेश हवन सामग्री को भी होली में होमित किया जायेगा इसकी धुम्र से ऐसे वायरस को हटाने में विषेश सहयोग प्राप्त होगा।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts