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25 मार्च तक मंदसौर जिला लॉक डाउन : जानिए कौन सी सेवाएं नहीं होंगी बाधित

घबरायें नहीं यह सुरक्षा की दृष्टि से किया गया है – कलेक्टर

अब तक का बंद अभूतपूर्व, आमजन कर रहें सहयोग, स्वास्थ्य विभाग की टीम रही सक्रिय, पुलिस प्रशासन मुस्तैद

बाहर न निकलें, हमें मिलकर हराना है कोरोना को

मंदसौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्ह्ान के बाद 22 मार्च रविवार का प्रातः 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक का बंद अभूतपूर्व रहा। सभी लोग अपने घरों में रहें। लेकिन 22 मार्च को तो रविवार था यह वैसे भी छुट्टी का दिन होता है लेकिन अब कलेक्टर मनोज पुष्प ने 25 मार्च रात्रि 12 बजे तक मंदसौर को लॉकडाउन कर दिया है। ऐसा कलेक्टर श्री पुष्प ने इसलिए नहीं किया है कि कोई गंभीर मामला मंदसौर में हुआ है। सबसे अच्छी और सुखद बात तों यह ही हैं कि मंदसौर जिले में अब तक कोई कोरोना का मरीज नहीं पाया गया है। आगे भी कोरोना का मरीज नहीं पाया जायें कोई भी जन इससे प्रभावित न हो इसलिए हमारे जिले के कलेक्टर मनोज पुष्प ने यह कदम उठाया है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह हैं कि मंदसौर जिले राजस्थान के कई ऐसे जिलों के समीप है जहां पर कोरोना ने पैर पसारे है। मंदसौर में ऐसा कुछ न हो इसलिए 25 मार्च रात्रि 12 तक लॉकडाउन किया गया है। इसमें आवश्यक सामग्रीयां सब मिलेंगी समय – समय पर हो सकता है छूट भी दि जायें। कुल मिलाकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सब कुछ ठीक है और ठीक ही रहें इसलिए लॉकडाउन किया गया है। मंदसौर के साथ ही नीमच व रतलाम भी 25 तक लॉक डाउन है।

कृपया घर में ही रहें

कोरोना को एक बार हम हरादें फिर खूब घूमों, फिरों, मौज करों लेकिन कृपया कर प्रशासन का साथ दें और तीन दिन और अपने घरों में ही रहें। परिवार के साथ रहें।

अब तक मंदसौर में कोरोना का कोई मरीज नहीं पाया गया है और आगे भी नहीं पाया जायें इसलिए जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है। मंदसौर जिले के समीपवर्ती राजस्थान के जिले कोरोना की चपेट में है। मंदसौर में कोई समस्या न हो इसलिए मंदसौर जिले की सीमाएं भी 25 मार्च तक सील कर दी गई है। आप सभी इसका पालन करें। -कलेक्टर मनोज पुष्प, मंदसौर

लॉकडाउन का क्या है मतलब

किसी शहर को लॉकडाउन करने का मतलब होता है कि इस दौरान कोई भी शख्स घर से बाहर नहीं निकल सकता है। हालांकि, इसके अपवाद भी हैं। मसलन, दवा, बैंक, अस्पताल और राशन-पानी की जरूरत के लिए घर से बाहर निकलने की छूट मिलती है। लॉकडाउन एक तरह से आपातकाल व्यवस्था होती है। अगर किसी शहर या इलाके में लॉकडाउन की घोषणा होती है तो वहां के लोगों को घरों से निकलने की इजाजत नहीं होती है। लॉकडाउन की स्थिति में किसी भी शख्स को जीवन जीने के लिए बुनियादी और आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की इजाजत होती है। लॉकडाउन में अगर किसी को राशन, दवा-पानी, सब्जी की जरूरत है तो वह बाहर जा सकता है या फिर बैंक-अस्पताल के काम के लिए अनुमति मिल सकती है।

सरकारी आदेश में यह कहा गया है

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय,सभी तरह के वाहन पूरी तरह से बंद रहेंगे । डेढ़ दर्जन कार्यालय खोले जाएंगे । इनमें चिकित्सा,चिकित्सा शिक्षा,गृह, वित्त, कार्मिक, जिला प्रशासन,बिजली, पानी, परिवहन, स्वायत्तशासन,खाघ,आपदा प्रबंधन,पंचायती राज,सूचना एवं जनसंपर्क,आईटी,सामान्य प्रशासन,मोटर गैराज और विधि शामिल है । इस दौरान सरकारी कार्यालय में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा । सब्जी,दूध और मेडिकल की दुकानें,पट्रोल पम्प और एटीएम खुलेंगे,अन्य प्रतिष्ठान और फैक्ट्री बंद रहेंगे । फैक्ट्री मालिको को मजदूरों को वेतन सहित अवकाश देने के निर्देश दिए गए हैं ।

सामान्यतौर पर बाहर निकलने की नहीं होगी इजाजत
लॉकडाउन के दौरान सामान्यतौर पर किसी को बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। अलबत्ता, जरूरी काम के लिए कोई भी आ-जा सकता है। जैसे कोई व्यक्ति बीमार है तो उसे भर्ती कराने के लिए या दवाई लाने के लिए, लेकिन इसके लिए दवाई का रैपर रखना जरूरी होगा। बीमारी की रोकथाम के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को घरों में रहने के लिए प्रेरित करने के लिए ऐसा कदम उठाया जाता है।

लॉक डाउन से डरने की जरूरत नहीं
लॉक डाउन से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। यह आपकी सुविधा के लिए है। ताकि आप भी कोरोना वायरस से प्रभावित ना हो। लॉक डाउन आपकी सुरक्षा के लिए किया जा रहा है। आप भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र से दूर रहें और खुद की सुरक्षा पर ध्यान दें। कोशिश करें कि घरों से बाहर न निकला जाए।

प्रदेशवासियों से अनुरोध है कि वे अपने शहर व गांव न छोड़े। जो जहां हैं, वहीं रहे। जरूरी है तो तभी घर से निकले। कोरोना वायरस से लड़ने का सबसे बड़ा तरीका यही है। आपस में सामाजिक दूरियां जरूर बना कर रखें। जब हम यह करेंगे तो निश्चित तौर पर देश और प्रदेशवासियों के साथ ही घर-परिवार को इस महामारी से बचा पाएंगे।

घर से नहीं निकले, नहीं तो ऐसा आपके साथ भी हो सकता है

प्रशासन की सख्ती अपने लिए ही है। जिला और पुलिस प्रशासन बिल्कुल नहीं चाहता कि आप घर के अंदर कैद रहों। लेकिन सवाल अभी सिर्फ एक है हम सबको मिलकर महामारी कोरोना को नानी याद दिलाना है। हम कुछ नहीं कर सकते है तो इतना तो कर ही सकते है जिला एवं पुलिस प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अब कुछ लोग है जो ऐसा नहीं करते पायें गयें उनके साथ मंदसौर पुलिस को जबरन ये करना पड़ा। ताकि दूसरे लोगों को सबक मिल सकें।

आवश्यक सेवाएं रहेंगी चालू

आसपास के जिलों में संभावित केस आ रहे हैं। ताकि कोरोना वॉयरस का दुष्प्रभाव हम पर न पड़े, उसकी रोकथाम के लिए मंदसौर में लोकडाउन करने का निर्णय हम सब की भलाई के लिए लिया गया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए मंदसौर शहर को आगामी 25 मार्च रात्रि तक लॉकडाउन किया गया है।

इसमें मंदसौर जिले के सभी दुकाने, माल, सिनेमा और अन्य प्रतिष्ठान आवश्यक रूप से बंद रहेंगे तथा नागरिक घर से बाहर नही निकलेंगे। सभी शासकीय व अशासकीय कार्यालय भी बंद रहेंगे। जिले की सीमाएं भी सील की गई हैं। मरीजों के हित में मेडिकल दुकानें एवं अस्पताल खुले रहेंगे। घर-घर जाकर दूध और अखबार वितरित करने वाले सुबह 08 बजे तक अनिवार्य रूप से दूध और वितरित करना सुनिश्चित करेंगे। मंदसौर जिलावासिओं के सहयोग से हम निश्चित रूप से कोरोना वायरस की लड़ाई में जीतेंगे।

 

सीतामऊ

कोरोना वायरस से बचाव की दृष्टि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार को जनता कर्फ्यू का नगर सहित अंचल क्षेत्र में व्यापक असर दिखाई दिया। नगर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे दूध सब्जी फल फ्रूट जैसी दैनिक जीवन उपयोगी सामग्री क्रय करने के लिए नागरिकों को भारी परेशानी झेलना पड़ी।

हालांकि जनता कर्फ्यू स्वैच्छिक था मगन नागरिकों व्यापारियों एवं मजदूर वर्गों ने अपने स्वास्थ्य को लेकर इसका अभूतपूर्व सहयोग प्रदान किया प्रातः से ही पूरे नगर में सन्नाटा छाया रहा सभी आमजन अपने घरों में परिजनों के संग रहे तथा टीवी चौनल देख कर वीडियो गेम व मनोरंजन के माध्यम से दिन बिताया। मार्केट में दोपहर के बाद इक्का-दुक्का लोगों की आवाजाही दिखाई दी परिवहन सेवाएं भी बंद रहने से एक तरफ से जनजीवन की गाड़ी थम सी गई जनता कर्फ्यू के मुद्दे नजर शनिवार को देर रात तक नागरिकों की भीड़ आवश्यक सामग्री किराना सामान दूध सब्जी फलफुट खरीदने में लगी रही प्रशासन व पुलिस की टीम एतिहाद तौर पर नगर भ्रमण कर रही थी बगैर किसी दबाव के नागरिकों ने बंद को सफल बनाकर इतिहास रच दिया मजदूर वर्गों के लोगों को जो रोजाना रोजगार के माध्यम से अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं उन्हें आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ा। कोरोना वायरस को लेकर नागरिकों में भय व दहशत का माहौल व्याप्त हैं प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम उन्हें डरने से नहीं बल्कि सतर्कता बरतने व बचाव के उपायों का पालन करने के सुझाव देने में व्यस्त रही इस संबंध में जन जागरूकता अभियान सतत ग्रुप से जारी हैं। वहीं दिनभर प्रशासन की टीम ने नगर में भ्रमण कर नागरिकों को घरों में रहने की अपील की।

हौसला बुलंद किया- रविवार को शाम 5:00 बजे नागरिकों महिलाओं युवाओं बच्चों ने अपने घरों की छतों एवं खिड़की दरवाजे पर खड़े होकर तालिया थालिया बजाकर कोरोना वायरस से नागरिकों के स्वास्थ्य सेवा में लगी चिकित्सक दलों पुलिस एवं प्रशासन की टीमों एवं शासन का हौसला बुलंद किया।

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