30 अक्टूबर से सफाई कर्मचारी करेंगे सफाई कार्य का बहिष्कार 

सीएमओ कर रही सफाई कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार

मन्दसौर। सकल वाल्मीकि समाज विकास परिषद् के अध्यक्ष प्रकाश मकवाना ने बताया कि विगत दिनों जब से मंदसौर नगरपालिका में सीएमओ सविता प्रधान आई है, तब से वह सफाई कर्मचारियों को नाजायज तरीके से परेशान कर रही है। काम कर रहे कर्मचारियों पर बिना बात के गुस्सा करती है और कर्मचारियों को धमकाती है। अभद्र, अशोभनीय एवं जाति सूचक शब्दों का उपयोग कर कर्मचारियों को काम से हटाने की चेतावनी देती है। जिससे सफाई कर्मचारी परेशान  है तथा इसके विरोध में 30 अक्टूबर से सफाई कर्मचारी सफाई कार्य का बहिष्कार करेंगे तथा गांधी चौराहा पर प्रदर्शन किया जाएगा।

श्री मकवाना ने बताया कि इस संबंध में श्यामबाबा मंदिर परिसर में सभी संगठनों एवं पदाधिकारियों की बैठक आयोजित कर उक्त निर्णय लिया गया। बैठक में बताया कि सफाई कर्मचारी को बेवजह परेशान किया जा रहा है जिसको लेकर कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है लेकिन दीपावली त्यौहार को देखते तथा आमजनों को परेशानी न हो इसके लिये सफाई कर्मचारियों ने दीपावली पर्व के बाद 30 तारीख से काम बंद करने का निर्णय लिया है।

इस बाबत् मानवधिकार आयोग, प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नगयीय विकास मंत्री, सांसद,  विधायक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, नपाध्यक्ष, मुख्य नपाधिकारी, श्रम अधिकारी को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया है तथा 30 अक्टूबर से काम बंद की जानकारी दी गई है। पत्र में लिखा है कि 9 अक्टूबर .2019 को स्थानीय पुलिस द्वारा मिथ्या दोषारोपण कर वाल्मीकि समाज के निर्दोषों को एक हत्या के मामले में फंसाने की कोशिश एवं उनके निर्दाेष परिजनों को मारपीट कर प्रताडि़त करने के विरूद्ध वाल्मीकि समाज ने दिनांक 14 अक्टूबर को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश रखकर स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन देकर ध्यान आकर्षिक किया। इस पर सीएमओ मेडम ने कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काट दिया जो इनकी तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। अवकाश लेना कर्मचारियों का सेवा अधिकार है और इसका निर्धारण सरकार के नियमों में है। सामूहिक अवकाश लेने के संबंध में दिनांक 13.10.2019 को पत्र के माध्यम से सूचना नपाध्यक्ष महोदय को दे दी गई थी। दिनांक 14.10.2019 को ज्ञापन देने के पश्चात् से ही सीएमओ सफाई कर्मचारियों के विरूद्ध एक तरफा कार्यवाही कर रही है। कुछ कर्मचारियों को अकारण काम से बंद कर दिया और उन्हें अपनी बात कहने का अवसर भी नहीं दिया गया। साथ ही सीएमओ ने खुली चेतावनी भी दी कि और भी कई कर्मचारियों की गैर हाजरियां की जायेगी और उन्हें हटाया जाएगा तथा काम से बंद कर दिया जावेगा और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया जाएगा।

सकल वाल्मीकि समाज विकास परिषद् के अध्यक्ष प्रकाश मकवाना, उपाध्यक्ष प्रकाश तंवर, घीसालाल केसरिया, ईश्वरलाल गोसर, सचिव बाबूलाल अठवाल, सागरमल खेरालिया, पटेल मुकेश चनाल, महामंत्री बाबूलाल हंस, शांतिलाल झांझोट, मनोहर धवन, जगदीश सलोद, संगठन मंत्री श्यामलाल चनाल, इंदरमल परमार व समस्त दरोगा व सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक में उपस्थित होकर कहा कि सफाई कर्मचारियों के प्रति द्वेषता की भावना रखते हुए सीएमओ वाल्मीकि समाज के अस्तित्व को चुनौती दे रही है जो सरासर अन्याय है। अब वाल्मीकि समाज और अधिक अन्याय सहने की स्थिति में नहीं है। अतः 30 अक्टूबर से सामूहिक रूप से सफाई कार्य का बहिष्कार करेंगे और यह प्रदर्शन तब तक चालु रहेगी जब तक सीएमओ द्वारा कार्यबंद कर्मचारियों को पुनः वापस नहीं लिया जाता, सम्मान नहीं दिया जाता तथा अशोभनीय व्यवहार के लिये माफी नहीं मांगी जाती जब तक अनिश्चितकाल के लिये जारी रहेगा। नपा के सभी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों व सभी सफाई दरोगाओं ने सर्वानुमति से इस सफाई बहिष्कार के लिये सहमति प्रदान की है।

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