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जीवन परिचय : कमलनाथ (मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री)

कमलनाथ (Kamalnath):-

कमलनाथ एक भारतीय राजनेता हैं जो कांग्रेस पार्टी से आते हैं | वर्तमान में मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली जीत के बाद कमलनाथ मध्य प्रदेश के 26वें मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं | कमलनाथ, भारत की द्विपक्षीय संसद के निचले सदन:लोकसभा में लंबे समय तक सेवा देने वाले वरिष्ठ सदस्यों में से एक है | कमलनाथ बार सांसद रह चुके हैं |

वह मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं | मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर 2018 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कमलनाथ को मई, 2018 में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था |

कमलनाथ का व्यक्तिगत जीवन:-

कमलनाथ का जन्म 18 नवंबर, 1946 को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था | कमलनाथ ने इस वर्ष 18 नवंबर को अपने जीवन के 72 साल पूरे किए हैं | उन्होंने अपनी स्कूल की पढाई  The Doon School से और St. Xavier’s College, कलकत्ता विश्वविद्यालय से B.Com के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की | 27 जनवरी, 1973 को उन्होंने अल्का नाथ से विवाह किया, उनके दो पुत्र हैं |

राजनीतिक गतिविधियां और उपलब्धियां:-

  • वर्ष 1980, 1985, 1989, 1991, 1998, 1999, 2004, 2009, 2014 में छिंदवाड़ा से लोकसभा सदस्य के रूप में चुने गए |
  • जून 1991 में वे पर्यावरण और वन मंत्री चुने गए |
  • वर्ष 1995 में वे केंद्रीय राज्य मंत्री, वस्त्र चुने गए |
  • वर्ष 2001 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव चुने गए |
  • वर्ष 2004 में वे वाणिज्य और उद्योग के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री चुने गए |
  • वर्ष 2009 में वे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री चुने गए |
  • वर्ष 2011 में वे शहरी विकास मंत्री चुने गए |
  • वर्ष 2012 में वे संसदीय मामलों और शहरी विकास मंत्री चुने गए |
  • छिंदवाड़ा से लगातार बार सांसद चुने गए |

कमलनाथ का व्यावसायिक कॅरियर:-

  • Institute of Management Technology (IMT) संचालक मंडल के अध्यक्ष |
  • मध्य प्रदेश बाल विकास परिषद (Child Development Council) के अध्यक्ष |
  • कमलनाथ ने  दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर – 90 अरब डॉलर औद्योगिक विकास परियोजना के लिए भारत में बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता पर बल दिया |

कमलनाथ द्वारा जीते गए पुरूस्कार:-

  • वर्ष 2006 में उन्हें, जबलपुर स्थित रानी दुर्गवती विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया |
  • वर्ष 2007 में उन्हें, FDI magazine और Financial Times Business के द्वारा वर्ष
    की FDI Personality के रूप में entitle किया गया था |
  • वर्ष 2008 में उन्हें, The Economic Times द्वारा “Business Reformer of the Year” शीर्षक से सम्मानित किया गया था |
  • वर्ष 2011 में उन्हें भारत के सबसे अमीर कैबिनेट मंत्री के रूप में जाना गया जिनकी कुल संपत्ति 2.73 अरब रुपये थी |
  • नवंबर 2012 में उन्हें Asian Business Leadership Forum Awards 2012 में “ABLF Statesman Award” से सम्मानित किया गया था |

कमलनाथ से जुड़े विवाद:-

  • चावल निर्यात आरोप – वर्ष 2007 में, कमल नाथ के वाणिज्य मंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान, प्रणव मुखर्जी और शरद पवार समेत मंत्रियों के एक अधिकारित समूह ने गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने में मदद की | यह आरोप लगाया गया था कि अफ्रीका को इस चावल के निर्यात में शामिल PSU ने घरेलू निजी कंपनियों के प्रयासों को outsource किया था | यह दावा किया गया कि निजी कंपनियों ने बड़े मुनाफे कमाए जबकि PSU ने छोटे मार्जिन की सूचना दी |
  • सिख विरोधी दंगे – कमलनाथ पर आरोप लगाया गया था कि वह 01 नवंबर 1984 को नई दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज में तब मौजूद थे जब भीड़ ने दो सिखों को जिंदा जला दिया था | लेकिन दंगों में कमलनाथ की भूमिका स्पष्ट नहीं हो सकी |
  • हवाला कांड- 1996 में कमलनाथ का नाम हवाला कांड से भी जोड़ा गया |

राजनैतिक तथा सामाजिक कार्यकर्ता और कृषक श्री कमलनाथ वर्ष 1980 में पहली बार मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिये निर्वाचित हुए। इसके बाद वे वर्ष 1985 में दूसरी बार आठवीं लोकसभा के लिये, वर्ष 1989 में नवीं लोकसभा के लिये तीसरी बार और वर्ष 1991 में दसवीं लोकसभा के लिये छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से ही चौथी बार निर्वाचित हुए। वे वर्ष 1991 से 1995 की अवधि में केन्द्रीय पर्यावरण और वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), वर्ष 1995-96 में केन्द्रीय वस्त्र राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे।
वर्ष 1998 में श्री कमलनाथ पुन: छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से पाँचवीं बार 12वीं लोकसभा के लिये निर्वाचित हुए। श्री नाथ वर्ष 1998 से 1999 के दौरान पेट्रोलियम और रसायन संबंधी स्थाई समिति, संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना संबंधी समिति और विद्युत मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे। श्री कमलनाथ वर्ष 1999 में छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से ही 13वीं लोकसभा के लिये छठवीं बार निर्वाचित हुए। वे वर्ष 1999 से वर्ष 2000 की अवधि में वित्त संबंधी स्थाई समिति के सदस्य और वर्ष 2002-2004 की अवधि में खान और खनिज मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे।
श्री नाथ वर्ष 2001 से 2004 की अवधि में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव रहे और वर्ष 2004 में सातवीं बार 14वीं लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। श्री नाथ ने 23 मई, 2004 से वर्ष 2009 की अवधि में केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री का दायित्व सम्हाला। वे वर्ष 2009 में छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से ही आठवीं बार 15वीं लोकसभा के लिये पुन: निर्वाचित हुए और वर्ष 2009 से 18 जनवरी, 2011 की अवधि में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री रहे।
इसके बाद वे 19 जनवरी, 2011 से 26 मई, 2014 की अवधि में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री और 28 अक्टूबर, 2012 से 26 मई, 2014 की अवधि के लिये केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री भी रहे। श्री नाथ मई, 2014 में छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से ही नवमीं बार 16वीं लोकसभा के लिये पुन: निर्वाचित हुए। श्री नाथ को 4 से 6 जून, 2014 की अवधि में लोकसभा का अस्थाई अध्यक्ष बनाया गया। वे एक सितम्बर, 2014 से संसद की वाणिज्य संबंधी स्थाई समिति और वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे।
श्री नाथ की प्रकाशित पुस्तकों में इण्डियाज एनवायरनमेंटल कंसर्न्स, इण्डियाज सेंचुरी और भारत की शताब्दी, प्रमुख है। श्री नाथ की जनजातीय और दलित वर्गों का विकास, वन्य-जीव, बागवानी, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों में विशेष अभिरुचि है। आमोद-प्रमोद और मनोरंजन के रूप में उन्हें संगीत सुनना पसंद है।
श्री नाथ कोलकाता क्रिकेट और फुटबाल क्लब, टॉलीगंज क्लब कोलकाता, दिल्ली फ्लाइंग क्लब के सदस्य और एक्स चीफ पैट्रन, दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य रहे हैं।
श्री नाथ ने अनेक देशों की यात्राएँ की हैं। वे वर्ष 1982, 1983 में संयुक्त राष्ट्र गए भारतीय शिष्टमंडल के सदस्य रहे। उन्होंने वर्ष 1983 में गुटनिपेक्ष देशों के सम्मेलन, वर्ष 1987 में आईपीयू सम्मेलन, निकारागुआ, वर्ष 1988 में ग्वाटेमाल और वर्ष 1990 में साइप्रस में भाग लिया। वे वर्ष 1989 में टोक्यो में, वर्ष 1989 में साइप्रस; और 1990 में यूनाइटेड किंगडम गये शिष्ट मंडल में शामिल रहे। वर्ष 1990 में पेरिस में दसवें विश्व वानिकी सम्मेलन में भारतीय शिष्ट मंडल के नेता रहे। वर्ष 1991 में वे यूएनईपी शासी परिषद, नैरोबी, प्रेपकाम-चार पर विचार-विमर्श, न्यूयार्क और क्वालालमपुर सम्मेलन में शामिल हुए।
वर्ष 1992 में नई दिल्ली में दक्षेस पर्यावरण मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की और जून, 1992 में रियो-डी-जेनोरो में आयोजित यूएनसीईडी में विकासशील देशों के मुख्य वक्ता के रूप में उभरकर सामने आए। श्री नाथ ने फिनलैण्ड, स्वीडन, जर्मनी, जापान, सिंगापुर, दुबई और यू.के. तथा यूएनसीटीएडी और एएनईपी राष्ट्रीय शिष्टमंडलों के साथ वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम की दाबोस और स्विटजरलैण्ड में आयोजित बैठकों का नेतृत्व किया। वे विश्व के विभिन्न भागों में आयोजित विश्व व्यापार संगठन की तथा इससे संबंधित मंत्रीय/लघु मंत्रीय स्तर की अन्य बैठकों में भी सम्मिलित हुए।
पर्यावरण और वन मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान श्री नाथ ने पारिस्थितिकीय संरक्षण और प्रदूषण उपशमन संबंधी राष्ट्रीय नीति का प्रतिज्ञापन और विकास करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्री नाथ की नीतिगत पहलों में पर्यावरण अधिकरण की स्थापना, पर्यावरण परीक्षा (ऑडिट) की अवधारणा, वन्य-जीव-प्राणी-जगत और वनस्पति-जगत संरक्षण और सुरक्षा हेतु कदम और पर्यावरण ब्रिगेडों और वनीकरण बिग्रेडों का गठन (उनके नेतृत्व में वनीकरण और भारत में अवक्रमित भूमि के विकास का कार्य बड़े पैमाने पर किया गया), पर्यावरण टैरिफ की वैश्विक अवधारणा का प्रतिज्ञापन और वैश्विक उत्सर्जन कोटे की अवधारणा का प्रतिपादन शामिल है।
वस्त्र राज्य मंत्री के रूप में देश में सूती कपड़े के उत्पादन और निर्यात में नए कीर्तिमान स्थापित किए और नई वस्त्र नीति का सफल सूत्रपात किया। वर्ष 2004 में केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री के रूप में पहली व्यापक विदेश व्यापार नीति प्रतिपादित की, जिसमें निर्यात के साथ-साथ रोजगार के अवसरों पर भी ध्यान दिया गया। इस अवधि के दौरान भारत के विदेश व्यापार में तीन गुना वृद्धि हुई और भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में सात गुना वृद्धि हुई।
श्री नाथ ने बौद्धिक सम्पदा और औद्योगिक डिजाइन के क्षेत्रों में विशिष्ट प्रयास किए। उन्हीं के प्रयासों से विशिष्ट आर्थिक जोन (एसईजेड) अधिनियम बनाया गया। आर्थिक मुद्दों पर श्री नाथ की दृढ़ पकड़ और सम्पूर्ण राजनयिक कौशल विश्व व्यापार संगठन के साथ समझौतों में स्पष्ट दिखाई दिए, जहाँ वे जी-20 और जी-33 और एनएएमए-11 जैसे संघों के प्रमुख निर्माताओं में से एक के रूप में उभरे। श्री नाथ द्वारा वर्ष 2005 में हांगकांग में हुई विश्व व्यापार संघ की मंत्रीय स्तर की बैठक में विकासशील देशों के हितों के संबंध में व्यक्त किए गए विचारों ने सदस्यों को बहुत प्रभावित किया।
श्री नाथ शासी बोर्ड, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद; लाजपतराय स्मारक महाविद्यालय समिति, गाजियाबाद के अध्यक्ष और सेंटर फॉर एडवांस्ड एजुकेशन, नागपुर के चेयरमेन हैं।
श्री कमलनाथ पूरे एशिया और विश्व में एफडीआई पर्सनैलिटी ऑफ दी इअर अवार्ड, 2007 से सम्मानित हैं। वे राष्ट्रीय कोयला खान मजदूर फेडरेशन और भारत युवक समाज से भी पुरस्कृत हुए हैं। वर्ष 1968 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य बने श्री नाथ सितम्‍बर 2002 से जुलाई 2004 के दौरान कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी रहे हैं। मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री मनोनीत होने के पहले वे लोकसभा के लिए नौ बार निर्वाचित हुए और सोलहवीं लोकसभा के वरिष्ठतम सदस्यों में से एक हैं।
श्री नाथ को भारत के राष्ट्रपति द्वारा 16वीं लोकसभा की बैठक शुरू होने अर्थात् 4 जून, 2014 से अध्यक्ष का चुनाव होने तक अर्थात 6 जून, 2014 तक अध्यक्ष के कार्यालय के कर्त्तव्यों का निर्वहन करने के लिए अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
श्री नाथ वर्ष 2018 में 26 अप्रैल को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने। श्री कमलनाथ को 14 दिसम्बर, 2018 को मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल का नेता निर्वाचित किया गया। श्री नाथ ने 17 दिसम्बर, 2018 को मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

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