कला-संस्कृति

क्यों मनाते हैं मकर संक्रांति? मकर संक्रांति के 10 रोचक तथ्य!

क्यों मनाते हैं मकर संक्रांति? मकर संक्रांति के 10 रोचक तथ्य!
भारतीयों का प्रमुख पर्व मकर संक्रांति अलग-अलग राज्यों, शहरों और गांवों में वहां की परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है. इसी दिन से अलग-अलग राज्यों में गंगा नदी के किनारे माघ...
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ये हैं प्रमुख परिक्रमाएं और किस देवता की करें कितनी बार परिक्रमा, जानिए…

ये हैं प्रमुख परिक्रमाएं और किस देवता की करें कितनी बार परिक्रमा, जानिए...
सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं और सभी ग्रहों को साथ लेकर यह सूर्य महासूर्य की परिक्रमा कर रहा है। भारतीय धर्मों में पवित्र स्थलों के चारों ओर श्रद्धाभाव से चलना...
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जाने क्या है कच्चा पानी ओर पक्का पानी, सादा पानी ओर उबला पानी

जाने क्या है कच्चा पानी ओर पक्का पानी, सादा पानी ओर उबला पानी
जैनदर्शन ने जो जीवविज्ञान दर्शाया है । उसमें पानी को भी जीव स्वरुप माना गया हैं । आज का विज्ञान पानी में जीव मानता है, पर पानी को जीव नहीं मानता । जैसे वनस्पति स्वयं जीव...
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क्या है धर्म का अर्थ व आदर्श आचरण?

क्या है धर्म का अर्थ व आदर्श आचरण?
सामाजिक विकसीत मुख्य धारा से जुडने के लिए यह अनिवार्य हे कि धर्म कि वास्तविक विवेचना सही अर्थो में कि जाए धर्म का वास्तविक अर्थ, हम सामान्यतः धार्मिक कट्टरता के रूप में स...
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हिन्दू क्या है?, सनातन क्या है? और धर्म क्या है?

हिन्दू क्या है?, सनातन क्या है? और धर्म क्या है?
हर धर्म को एक विश्वास या एक सिद्धांत से जोड़ कर देखा जाता है। लेकिन आज के स्पॉट में सद्‌गुरु बड़े ही साफ शब्दों में यह स्पष्ट कर रहे हैं कि सनातन धर्म विश्वास करना नहीं खोज...
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नव, नवीन, नूतन के स्वागत का पर्व है गुड़ी पड़वा खुशियों का त्यौहार

नव, नवीन, नूतन के स्वागत का पर्व है गुड़ी पड़वा खुशियों का त्यौहार
पतझड़ और वसंत साथ-साथ आते हैं। प्रकृति की इस व्यवस्था के गहरे संकेत-संदेश हैं। अवसान-आगमन, मिलना-बिछुड़ना, पुराने का खत्म होना-नए का आना… चाहे यह हमें असंगत लगते हों...
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हिन्दू नववर्ष vs अंग्रेजी ईसाई (New Year)

हिन्दू नववर्ष vs अंग्रेजी ईसाई (New Year)
एक जनवरी से प्रारम्भ अंग्रेजी नव वर्ष को हम इतना महत्व देते हैं पर क्या अपनी महान एवं सनातन संस्कृति से जुड़े नव वर्ष की तरफ भी हमारा वही भाव वही समर्पण बन पाता है !...
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कैसे संभव हैं बिना पटाखों के दीपावली..??? और क्यों मनाएं हम हिन्दू बिना पटाखों के दीपावली..???

कैसे संभव हैं बिना पटाखों के दीपावली..??? और क्यों मनाएं हम हिन्दू बिना पटाखों के दीपावली..???
ह क्या बात हुई..??? कैसे संभव हैं बिना पटाखों के दीपावली..??? और क्यों मनाएं हम हिन्दू बिना पटाखों के दीपावली..??? पटाखे भी अजीब हैं । नए साल पर 199 देशो में फूटते हैं तो...
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सद्भाव के प्रतीक हिन्दूओं के ‘रामदेव’ और मुसलमानों के ‘रामसापीर’

सद्भाव के प्रतीक हिन्दूओं के 'रामदेव' और मुसलमानों के 'रामसापीर'
राजस्थान में अनेक ऐसे महापुरूष हुए जिन्होंने मानव देह धारण कर अपने कर्म और तप से यहां के लोक जीवन को आलोकित किया। उनके चरित्र, कर्म और वचनबद्धता से उन्हें जनमानस में लोकद...
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जानें भाई को राखी बाँधने का सही समय, इस तरह करें पूजा

जानें भाई को राखी बाँधने का सही समय, इस तरह करें पूजा
इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर चंद्र ग्रहण व भद्रा के चलते बहुत कम समय ही रक्षाबंधन के लिए श्रेष्ठ है। 7 अगस्त को पूर्वार्ध की भद्रा रहेगी। भद्रा दिन में त्याज्य मानी जाती है।...
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सूर्य देव को अर्घ्य किस प्रकार दें? क्या हैं लाभ?

सूर्य देव को अर्घ्य किस प्रकार दें? क्या हैं लाभ?
विश्व में सूर्य को प्रत्यक्ष देव कहा जाता है क्योंकि हर कोई इनके साक्षात दर्शन कर सकता है। सूर्य सभी ग्रहों के राजा हैं। ज्योतिष में जिस प्रकार माता और मन के कारक चन्द्रम...
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पूजा घर में मृतकों की तस्‍वीर रखना अशुभ है क्‍योंकि

पूजा घर में मृतकों की तस्‍वीर रखना अशुभ है क्‍योंकि
हिंदू धर्म में जीवन के विभिन्‍न मोड़ पर अलग-अलग रीति रिवाजों का पालन किया जाता है। पर्व के अलावा सामान्‍य जीवन में भी ये परंपराएं व रीतियां मानी जाती हैं।आदर्श हिंदू जीवन...
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दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले कुछ शब्द है जिनका अर्थ जानकर आप शर्म से पानी पानी हो जायेंगे

दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले कुछ शब्द है जिनका अर्थ जानकर आप शर्म से पानी पानी हो जायेंगे
भारत में कुछ शब्द दैनिक जीवन में ऐसे प्रचलित हो गए है जिनका अर्थ भारत की जनता को वास्तविक रूप से पता नहीं है। श्री राजीव दीक्षित का यह विडियो देख आपकी आँखे खुली की खुली र...
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चाणक्य अपने ग्रंथो में आखिर क्यों करते है “संसर्ग !! “के बाद स्नान की बात

चाणक्य अपने ग्रंथो में आखिर क्यों करते है “संसर्ग !! “के बाद स्नान की बात
वेदों में सुबह जल्दी स्नान करने को स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम माना गया है। लेकिन आधुनिक जीवनशैली में सूर्य निकलने से पहले हर किसी के लिए स्नान करना सम्भव नहीं हो पाता।...
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