संपादकीय

गजब की ये गला लगाई

गजब की ये गला लगाई
परस्पर लिपटकर स्नेह जताने की कला का कोई स्थापित नियम नहीं है। इसके लिए देश, काल तथा परिस्थिति जैसे अवयव भी तय नहीं किए गए हैं। बेशक ऐसे आपसी अभिवादन पर आप खुश हो सकते हैं...
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बंधे पत्थर और खुले कुत्तों वाला यह देश

बंधे पत्थर और खुले कुत्तों वाला यह देश
कहीं एक लतीफा पढ़ा था। देश के किसी पहाड़ी इलाके में घूमते विदेशी सैलानी पर कुत्ते भौंकने लगे। उसने कुत्तों को भगाने के लिए पत्थर उठाना चाहा। पत्थर जमीन में धंसा हुआ था। सैल...
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मायने सिंधिया के कथन के

मायने सिंधिया के कथन के
इसे आप तजुर्बा कह सकते हैं। राजनीति में दो ही मौकों पर इंसान संन्यासी सा विरक्त होने की ऐसी नौटंकी करता है। या तो उसे यह बता दिया जाए कि किसी पद या अन्य लाभ की उसकी महत्व...
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दिल्ली की धमक क्या मध्यप्रदेश में भी हलचल मचाएगी…?

दिल्ली की धमक क्या मध्यप्रदेश में भी हलचल मचाएगी...?
अभी यह एक काल्पनिक सवाल है लेकिन आधारहीन नहीं। दिल्ली भले ही एक छोटी सी विधानसभा और केन्द्र शासित राज्य हो लेकिन यहां का चुनाव देश भर को प्रभावित करता है। आखिर मामला राष्...
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तिहाड़ जाना चाहता हूं मैं

तिहाड़ जाना चाहता हूं मैं
तिहाड़ जेल को लेकर बीते दो दिन से मेरे मन में कुछ चल रहा है। इस जगह के बारे में बरसों पहले तब कौतूहल जागा था, जब आईपीएस रहते हुए किरण बेदी ने यहां के हालात में बुनियादी स्...
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जनसंख्या वृद्धि: किसी भी राष्ट्र के विकास की सबसे बड़ी बाधक

जनसंख्या वृद्धि: किसी भी राष्ट्र के विकास की सबसे बड़ी बाधक
जनसंख्या वृद्धि ने हमारे देश के समक्ष बेरोजगारी, खाद्य समस्या, कुपोषण, प्रति व्यक्ति आय, गरीबी, मकानों की कमी, महंगाई, कृषि विकास में बाधा, बचत एवं पूंजी में कमी, शहरी क्...
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कांग्रेस मुक्त अभियान उलटा पड़ रहा है, भाजपा ही साफ होती जा रही है

कांग्रेस मुक्त अभियान उलटा पड़ रहा है, भाजपा ही साफ होती जा रही है
एक के बाद एक प्रदेशों में लगातार सत्ता गंवाती भारतीय जनता पार्टी को आगे यदि फिर से प्रदेशों में सरकार बनानी है तो उसे अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव करना पड़ेगा। प्रदेशों क...
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छात्र पढ़ने की बजाय राजनीतिक दलों के हाथों का खिलौना बनते जा रहे हैं

छात्र पढ़ने की बजाय राजनीतिक दलों के हाथों का खिलौना बनते जा रहे हैं
इससे शायद ही कोई इंकार करे कि उच्च शिक्षा और शोधपरक कार्य ही विश्वविद्यालयों का उद्देश्य है। लेकिन मौजूदा हालात इस उद्देश्य से भटक कर दूसरे हो गए हैं। देश में पहले ही उच्...
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जाने फाइटर प्लेन मिराज 2000 के राज… आखिर क्यो है भारत को इसपर नाज़…

जाने फाइटर प्लेन मिराज 2000 के राज... आखिर क्यो है भारत को इसपर नाज़...
New Delhi। 14 फरवरी को पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पीओके में मौजूद जैश के आतंकी ठिकानों पर मंगलवार की सुबह मिराज 2000 फाइटर प्लेन एलओसी के लिए रवा...
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कश्मीर पाने की हसरत में खुद को ही बर्बाद करने पर तुला हुआ है पाक

कश्मीर पाने की हसरत में खुद को ही बर्बाद करने पर तुला हुआ है पाक
पाक प्रायोजित आतंकवाद के चलते ही कश्मीर पाने की हसरत को पूरा करने के लिए उसने अपनी कई ”नस्लों” को बर्बाद कर दिया। पूरी दुनिया में पाकिस्तान की पहचान आतंकवादी...
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क्या वैलेंटाइन डे जैसे दिन केवल शारीरिक संबंध बनाने तक ही सीमित हैं?

क्या वैलेंटाइन डे जैसे दिन केवल शारीरिक संबंध बनाने तक ही सीमित हैं?
क्या उस देश के लोगों को प्रेम का ढाई अक्षर किसी यूरोप या उस जैसे किसी अन्य देश से सीखने की जरूरत है ? वैलेंटाइन डे जैसे दिन केवल शारीरिक संबंधों तक ही सीमित हैं। जिनके अं...
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लोग हर सुविधा पाने के लिए लोन लेने लगे हैं! : जीवनशैली में आ रहा बड़ा बदलाव

लोग हर सुविधा पाने के लिए लोन लेने लगे हैं! : जीवनशैली में आ रहा बड़ा बदलाव
यह हमारी पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही परंपरा के विपरीत है। कर्ज लेने को हमारी परंपरा में अच्छा नहीं माना जाता रहा है। हमारे देश में सनातन काल से ही चारुवाक संस्कृति चलती रही...
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चिन्तनः भक्त प्रहलाद की जय……. डॉ. घनश्याम बटवाल

चिन्तनः भक्त प्रहलाद की जय....... डॉ. घनश्याम बटवाल
मंदसौर में 17 जनवरी, गुरुवार की शाम सूर्य अस्त होने के साथ ही अंचल के बहुसंख्य वर्ग का चहेता मौत के घाट उतार दिया गया। आप – हम, जिसने सुना सभी स्तब्ध, अवाक् रह गये।...
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EVM पर सवाल न उठें इसके लिए चुनाव आयोग को बहुत कुछ करना होगा

EVM पर सवाल न उठें इसके लिए चुनाव आयोग को बहुत कुछ करना होगा
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव सम्पन्न हो गये हैं और इन चुनावों के जो परिणाम आयेंगे वे आने वाले समय में भारत की राजनीति की दिशा तय करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने...
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कुर्सी का पांचवा पाया…. व्यंग्य

कुर्सी का पांचवा पाया.... व्यंग्य
कुछ लोग होते हैं जो प्रत्यक्ष रूप से प्रकट नहीं होते हैं लेकिन अपनी उपस्थिति का आभास वे कहीं ना कहीं किसी ना किसी रूप में वैसे ही कराते रहते है कि कुर्सी का पांचवा पाया ....
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