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हिंदू धर्मानुसार कैसे और कब सोएं? नींद से जुड़े सामान्य नियम!

हिंदू धर्म में जीवन की हर हरकत, कर्म, संस्कार, रीति-रिवाज, दिनचर्या, समाज, रिश्ते, देश, समय, स्थान आदि को नियम, अनुशासन और धर्म से बांधा है। कहना चाहिए कि नियम ही धर्म है। पर्याप्त नींद लेना क्यों जरूरी है और सोते समय किन नियमों का पालन करना चाहिए इस संबंध में हिंदू धर्म में विस्तार से उल्लेख मिलता है। आओ जानते हैं नींद से जुड़े सामान्य नियम।

पर्याप्त नींद लेना जरूरी : पर्याप्त सोना या नींद लेना बहुत महत्वपूर्ण और जरूरी कार्य है। यदि आप 7 से 8 घंटे नहीं सोते हैं तो आपकी आयु घटती जाएगी या आपको मानसिक या शारीरिक रोग उत्पन्न होने लगेंगे। अत: कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लें। कम सोना या ज्यादा सोना नुकसान दायक होता है। अच्छी नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

बिस्तर होना चाहिए बेहतर : आप जिस बिस्तर पर 24 में से 7 या 8 घंटे बिता रहे हैं उस बिस्तर का बेहतर होना भी जरूरी है। यदि बिस्तर ज्यादा मुलायम या ज्यादा कड़क होगा तो शरीर को उससे नुकसान होगा। जिस बिस्तर पर हम 7 से 8 घंटे रहते हैं यदि वह हमारी मनमर्जी का है तो शरीर के सारे संताप मिट जाते हैं। दिनभर की थकान उतर जाएगी। अत: बिस्तर सुंदर, मुलायम और आरामदायक तो होना ही चाहिए, साथ ही वह मजबूत भी होना चाहिए। चादर और तकिये का रंग भी ऐसा होना चाहिए, जो हमारी आंखों और मन को सुकून दें।

उचित दिशा में सोएं : धर्मशास्त्रों के अनुसार सोते समय आपके पैर दक्षिण या पूर्व दिशा में नहीं होने चाहिये। इसका मतलब यह कि आपके पैर पश्चिम या उत्तर दिशा में होने चाहिये। इसका मतलब यह भी कि आपका सिर पूर्व या दक्षिण में होना चाहिए। दरअसल, पृथ्वी के दोनों ध्रुवों उत्तरी (North pole) तथा दक्षिण ध्रुव (South pole) में चुम्बकीय प्रवाह (Magnetic flow) होता है। उत्तरी ध्रुव पर धनात्मक (+) प्रवाह तथा दक्षिणी ध्रुव पर ऋणात्मक (-) प्रवाह होता है। उसी तरह मानव शरीर में भी सिर में धनात्मक (+) प्रवाह तथा पैरों में ऋणात्मक (-) प्रवाह होता है। विज्ञान के अनुसार दो धनात्मक (+) ध्रुव या दो ऋणात्मक (-) ध्रुव एक दूसरे से दूर भागते हैं। अत: यदि आप दक्षिण में पैर करके सोते हैं तो आपके स्वास्थ्य के लिए यह हानिकारक साबित होता है।

पूर्व दिशा में सिर करके क्यों सोते हैं? संपूर्ण जीवन पूर्व से पश्चिम की ओर बहर रहा है। सूर्य पूर्व से उदय होकर पश्चिम में अस्त होता है। उर्जा की इस धारा के विपरित प्रवाह में सोने अच्छा नहीं अर्थात पूर्व की ओर पैर करने सोने अच्छा नहीं माना जाता। दूसरी ओर ऐसा करने से सूर्य देव का अपमान होता है। ज्योतिषानुसार सूर्य देव की ओर सिर करने सोने से मानसिक और स्वास्थ्य लाभ मिलता है।…इसलिए हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर ही सिर करके सोना चाहिए।

पैरों को दरवाजे की दिशा में भी न रखें। इससे सेहत और समृद्धि का नुकसान होता है। पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने से ज्ञान में बढ़ोतरी होती है। दक्षिण में सिर रखकर सोने से शांति, सेहत और समृद्धि मिलती है।

सोने से पूर्व करें भगवान का ध्यान : सोने से पूर्व आप बिस्तर पर वे बातें सोचें, जो आप जीवन में चाहते हैं। जरा भी नकारात्मक बातों का खयाल न करें, क्योंकि सोने के पूर्व के 10 मिनट तक का समय बहुत संवेदनशील होता है जबकि आपका अवचेतन मन जाग्रत होने लगता है और उठने के बाद का कम से कम 15 मिनट का समय भी बहुत ही संवेदनशील होता है। इस दौरान आप जो भी सोचते हैं वह वास्तविक रूप में घटित होने लगता है। अत: धर्मशास्त्र अनुसार सोने से पूर्व आप अपने ईष्ट का ध्यान और नाम जप करके के बाद ही सोएं।

हम कब सोएं और कब उठे? रात्रि के पहले प्रहर में सो जाना चाहिए और ब्रह्म मुहूर्त में उठकर संध्यावंदन करना चाहिए। लेकिन आधुनिक जीवनशैली के चलते यह संभव नहीं है तब क्या करें? तब जल्दी सोने और जल्दी उठने का प्रयास करें। अधिकतर लोग रात्रि के दूसरे प्रहर में सो जाते हैं। रात के दूसरे प्रहर को निशिथ कहते हैं। यह प्रहर रात की 9 बजे से रात की 12 बजे के बीच का होता है।

रात्रि के अंतिम प्रहर को उषा काल कहते हैं। रात के 3 बजे से सुबह के 6 बजे के बीच के समय को रात का अंतिम प्रहर भी कहते हैं। यह प्रहर शुद्ध रूप से सात्विक होता है। इस प्रहर में उठकर नित्यकर्मों से निपटकर पूजा, अर्चना या ध्यान करने से लाभ मिलता है। अधिकतर लोग सुबह के प्रथम प्रहर अर्थात 6 से 9 के बीच उठते हैं, जबकि इस दौरा व्यक्ति के सभी नित्य कार्यों से निवृत्त हो जाना चाहिए। दिन के दूसरे प्रहर को मध्याह्न भी कहते हैं। यह प्रहर सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक का रहता है। इस प्रहर में उठने से हमारे दिन के सभी कार्य अवरूद्ध हो जाते हैं। इस प्रहर में हमारा मस्तिष्क ज्यादा सक्रिय होता है इसलिए कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है। कार्य करने के समय में सोते रहने से भविष्य में संघर्ष बढ़ जाता है।

हम कैसे लेटे? हमें शवासन में सोना चाहिए इससे आराम मिलता है कभी करवट भी लेना होतो बाईं करवट लें। बहुत आवश्यक हो तभी दाईं करवट लें। सिर को हमेशा पूर्व या दक्षिण दिशा में रखकर ही सोना चाहिए। पूर्व या दक्षिण दिशा में सिर रखकर सोने से लंबी उम्र एवं अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है।

अन्य नियम :

1. सोने से पूर्व प्रतिदिन कर्पूर जलाकर सोएंगे तो आपको बेहद अच्‍छी नींद आएगी और साथ ही हर तरह का तनाव खत्म हो जाएगा। कर्पूर के और भी कई लाभ होते हैं।

2. झूठे मुंह और बगैर पैर धोए नहीं सोना चाहिए।

3. अधोमुख होकर, दूसरे की शय्या पर, टूटे हुए पलंग पर तथा गंदे घर में नहीं सोना चाहिए।

4. कहते हैं कि सीधा सोए योगी, डाबा सोए निरोगी, जीमना सोए रोगी। शरीर विज्ञान कहता है कि चित्त सोने से रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचता है जबकि औंधा सोने से आंखों को नुकसान होता है।

5. सोने से 2 घंटे पूर्व रात का खाना खा लेना चाहिए। रात का खाना हल्का और सात्विक होना चाहिए।

6. अच्छी नींद के लिए खाने के बाद वज्रासन करें, फिर भ्रामरी प्राणायाम करें और अंत में शवासन करते हुए सो जाएं।


नींद की कमी को सिर्फ 1 रात में दूर करते हैं ये 5 आसान उपाय

नींद के इंतजार में पूरी रात गुजर जाती है, बार-बार आंख खुलती है, सुबह जल्दी नहीं उठ पाते या आधी रात में जाग जाते हैं तो समझ लें कि नींद का पैटर्न बिगड़ चुका है। यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा हो तो ये तरीके आजमाएं।

1. तभी सोएं, जब सचमुच नींद आ रही हो। करवटें बदलते रहने से अच्छा है कि कोई दिलचस्प काम करें। जैसे- किताब पढ़ें या म्यूजिक सुनें।

2. घड़ी देखने से बचें। कुछ दिन अलार्म क्लॉक का मुंह दूसरी तरफ कर दें। रात में देर तक नींद नहीं आने से सुबह देर से आंख खुलेगी। नींद का चक्र पूरा होना जरूरी है। शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक के हिसाब से ही चलें, तभी निरर्थक दबाव से बच सकेंगे।

3. रात में कैफीन और एल्कोहॉल से बचें। इससे भी नींद देर से आती है।

4. ऐक्टिव रहें। सुबह कम से कम एक घंटा वर्कआउट के लिए निकालें और डिनर के बाद भी 15-20 मिनट वॉक करें। यूएस के नेशनल स्लीप फाउंडेशन के सर्वे में कहा गया है कि जो लोग नियमित वॉक व एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें अच्छी नींद आती है।

5. रात में हेवी मील्स से बचें। यदि डिनर 9 बजे के बाद करते हैं तो प्रोटीनयुक्त, भारी या मसालेदार भोजन से बचना ठीक होगा।

6. माहौल को शांत, सुगंधित व हवादार रखें। कमरे में शोर आता हो, पर्याप्त हवा न आती हो या कोई गंध आती हो तो नींद में खलल पड़ेगा। बेडरूम कलर्स भी बहुत डार्क न रखें।

7. बेड शेयर करते हुए दो लोग एक ही कंबल ओढऩे से बचें। इससे भी नींद खराब हो सकती है।

8. सोने-जागने का नियत समय बनाएं। हालांकि यात्राओं के दौरान ऐसा संभव नहीं हो पाता, फिर भी अपना रूटीन निश्चित रखें।

9. नींद न आने का एक कारण मैट्रेस भी हो सकता है। हर मैट्रेस की एक उम्र होती है, जब वह असुविधाजनक हो जाए, उसे बदल लें।

10. मन को शांत रखें। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि सोने से पहले स्ट्रेस वाला कोई काम न करें, ऐसा कुछ न बोलें, जो तनाव में डाले।


AMAZING FACTS ABOUT SLEEP IN HINDI – नींद के बारे में 41 रोचक तथ्य

हर कोई सोता हैं और आज से नही बल्कि जब से पैदा हुआ हैं तब से सोता हैं. लेकिन ये काम रोज करने के बावजूद भी हमें नींद के बारे में बहुत कुछ नही पता. आज हम आपको 42 Sleep Facts बताएंगे, जो आपको नींद से जगाने के लिए काफी हैं.

1. आज तक ऐसा कोई जवाब नहीं मिला जिससे पता चले हम सोते क्यों हैं।

2. इंसान अपने जीवन का एक तिहाई हिस्सा, यानि लगभग 25 वर्ष, सोने में गुजार देता हैं।

3. जब तक बच्चा 2 साल का होता हैं तब तक बच्चे के मां-बाप उसकी वजह से 1055 घंटे कम सोते हैं।

4. सोते वक्त अगर आप के दिमाग को लगता है की आप किसी खतरे में नही हैं तो वे उन आवाजो को छानकर निकाल देता है जो आप को नींद से जगा सकती हैं।

5. जब आपकी नींद Alarm बजने से थोड़ी देर पहले खुल जाती हैं तो उसे “Circadian Rhythm” कहते हैं।

6. कभी-कभी जब हम सोने की कोशिश कर रहे होते हैं, तो घडी की टिक-टिक से भी हमें बहुत गुस्सा आता हैं।

7. अक्सर हम दोपहर के 2.00 बजे और रात के 2.00 बजे सबसे ज्यादा थकान महसूस करते हैं।

8. अकसर जो लोग ज्यादा नहीं सोते उनके harmons का स्तर जल्दी गिरता हैं।

9. सबसे ज्यादा समय तक लगातार जागने का रिकार्ड 1964 में 17 साल के Randy Gardner ने बनाया था. वह 264 घंटे 12 मिनट तक जगा रहा.

10. अगर आप किसी सपने से जाग गए हैं और वापस उस सपने को देखना कहते हैं तो आपको जल्दी से आंखे बंद करके सो जाना चाहिये बिलकुल सीधा होकर. ये तरीका हर बार काम नहीं करता पर आप एक अच्छा सपना जरूर देख पाएंगे.

11. आपको जानकर हैरानी होगी कि 15% जनसंख्या को नींद में चलने की और 5% जनसंख्या को नींद में बोलने की बीमारी हैं।

12. हर 4 शादीशुदा जोड़ो में से एक जोड़ा ऐसा हैं, जो अलग-अलग बेड पर सोता हैं।

13. जब आप खुश होते हैं तो कम नींद में काम चल जाता हैं।

14. महात्मा गांधी अपनी इच्छा अनुसार सोते और जाग सकते थे। उन्हें गहरी नींद के लिए पांच मिनट का समय ही काफी था।

15. सुबह 3:00 से 4:00 बजे के बीच आपका शरीर सबसे कमज़ोर होता हैं. यही कारण है कि ज़्यादातर लोगों की नींद में मृत्यु इसी समय होती हैं.

16. “Bruxism” उसे कहते हैं जब हम नींद में अपने दांत किट किटाने लगते हैं।

17. 1998 में किये गए एक experiment से पता चलता है कि घुटनों के पीछे, तेज प्रकाश पड़ने से दिमाग में चलने वाली नींद और चेतना की घड़ी reset हो जाती हैं।

18. सोते समय छींक मरना असंभव हैं।

19. हम बिना खाए 2 महीने तक जीवित रह सकते हैं, लेकिन बिना सोये केवल 11 दिन तक जीवित रह सकते हैं।

20. जापान में काम करते करते सो जाना मान्य है क्योकि इसे कड़ी मेहनत करते हुए थक जाना समझा जाता है।

21. “Dysania” वह हालत हैं, जब सुबह बिस्तर से उठना बहुत कठिन काम लगता हैं।

22. बिल्लियाँ अपने जीवन का 70% भाग सोने में बिताती हैं।

23. घोड़ा खड़ा होकर और खरगोश अपनी आँखे खोल कर सोता हैं।

24. 1849 में, “David Atchison” अमेरिका के एक दिन के president बने, और उन्होंने अपना ज्यादातर समय सोने में बिता दिया।

25. आप टेलिविजन देखने से ज्यादा कैलोरी सोने में खर्च करते हो।

26. मैनें सपने में मकड़ी खाई.. ये एक झूठ हैं क्योकिं सपने में मकड़ी खाने के चांस 0% हैं।

27. अमेरिका के 8% लोग नंगे सोते हैं।

28. दुनिया में मनुष्य ही ऐसा जीव हैं जो अपनी इच्छा से सो सकता हैं.

29. सोते समय साँस छोड़ते वक्त हमारा वजन एक पौंड यानि 450 ग्राम तक कम हो जाता है।

30. जब पूरा चाँद निकलता है तो इंसान कम सोता है इसके लिए आप पर्यावरण को जिम्मेदार ठहरा सकते हों।

31. जब दुनिया में कलर टीवी नहीं था, तब लगभग 80% जनसँख्या को सपने भी काले और सफ़ेद आते थे.

32. जो लोग सपने नहीं देखते उन्हें “Personality Disorders” नामक बीमारी होती हैं।

33. “Parasomnia” एक ऐसी बीमारी हैं, जिसमें आदमी नींद में ही हत्या जैसा संगीन जुर्म कर सकता हैं।

34. जब डोल्फिन और व्हेल सो रही होती है तब भी उनका आधा दिमाग जागता रहता हैं, उन्हें याद दिलाने के लिए कि हवा लेने सतह पर कब जाना हैं।

35. रात को सोते वक्‍त हम अपनी सूंघने की क्षमता खो बैठते हैं, जिससे अगर घर पर कोई गैस लीक हो रही हो या फिर धुएं की महक आए तो हमें पता ही नहीं चल पाता।

36. अगर आप 16 घंटे तक लगातार जागते हैं तो आपका दिमाग ऐसा महसूस करेगा जैसे आपके खून में 0.5% अल्कोहल होने पर करता हैं.

37. यदि आपने पूरी नींद नही ली तो आप बाॅडी में लैप्टिन की कमी होने के कारण आप ज्यादा खाना खाएंगे.

38. कभी-कभी अधिक ऊंचाई के कारण भी नींद नही आती.

39. “Sleep Apnea” एक ऐसी बीमारी हैं जब सोते वक्त साँस रूक जाता हैं इसके कारण आदमी सोने से डरता हैं और हमेशा तनाव में रहता हैं.

40. अगर आप रात को 7 घंटे से कम सोते हैं तो जुकाम होने की संभावना 3 गुणा बढ़ जाती हैं.

41. नींद न आने का सबसे बड़ा कारण 24 घंटे Internet चलाना हैं.

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