IAS अधिकारी बन विधायक के करीबी ठेकेदारों से अपने खाते मे दलवाए 18 लाख

मंदसौर/ हैलो…मैं IAS सौरभ शुक्ला बोल रहा हूं। आपके विधानसभा क्षेत्र में रेलवे लाइन की मिट्टी भरई का बड़ा कार्य होना है। विधायक के करीबियों को फोन कर यहीं बात IAS सौरभ शुक्ल बोलता था। ट्रू कॉलर पर उसका नाम आईएएस ऑफिसर मिनिस्ट्री लिखा आता था तो सामने वाला यकीन भी कर लेता था। IAS की बातों पर यकीन कर विधायकों के करीबी ठेकेदार फंस जाते थे। बातचीत के आधार पर ही ये लोग लाखों रुपये उसके खाते में डाल देते थे।

मंदसौर पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह को पकड़ा है, जिसमें एक कथित आईएएस अधिकारी भी है। जो इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह आईएएस अधिकारी बनकर विधायकों के करीबी ठेकेदारों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। इसके शिकार मध्यप्रदेश और राजस्थान तीन विधायकों के करीबी हुए हैं। जिनसे इसने एक महीने के अंदर अठारह लाख रुपये लिए हैं।

पुलिस ने किया पर्दाफाश
एक ठेकेदार द्वारा की गई शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी करने वाली अंतरराज्जीय गैंग का शुक्रवार को पुलिस ने पर्दाफाश किया। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के बिहार निवासी मास्टरमाइंड सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने राजस्थान के तीन विधायकों के करीबी ठेकेदार से लाखों रुपये ठग लिए। इसके साथ ही मंदसौर के भी एक ठेकेदार से लाखों रुपये ठगे हैं।

सिविल सर्विसेज का लिखित परीक्षा पास कर चुका है आरोपी
खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाले सौरभ शुक्ला का असली नाम अभिषेक रंजन है। वह आईएएस की तैयारी करता था। सिविल सर्विसेज का लिखित परीक्षा भी वह पास कर चुका है। अब वह ठेकेदारों और विधायकों से टेंडर दिलवाने के नाम पर ठगी करता था।

विधायक का लड़ चुका है चुनाव
फर्जी आईएएस अधिकारी अभिषेक रंजन सिविल सर्विसेज तो कंप्लीट नहीं कर पाया तो वह विधायक बनने का ख्वाब पाले हुए थे। मंदसौर पुलिस ने बताया कि गिरोह का सरगना अभिषेक रंजन खुद विधायक का चुनाव लड़ चुका है। वह रावत सिटी खगौल का निवासी है।

पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार
मंदसौर एसपी हितेश चौधरी ने बताया कि मुख्य आरोपी अभिषेक रंजन ने 10 दिसंबर 2019 को मंदसौर के ठेकेदार अजय से पिपलियामंडी क्षेत्र में रेलवे का ठेका दिलाने के नाम पर सिक्यूरिटी राशि 6 लाख 49 रुपये मांगी। जिस पर ठेकेदार अजय आर्य ने राशि उसके खाते में डलवा दी। लेकिन बाद में उससे संपर्क नहीं हो पाया तो अजय ने इसकी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। ठेकेदार अजय विधायक जगदीश देवड़ा का करीबी बताया गया है। पुलिस ने इस मामले में अभिषेक और दो अन्य आरोपी अजय विश्वकर्मा और चितरंजन चौबे को गिरफ्तार किया है। ये दोनों भी बिहार के ही हैं।

राजस्थान के तीन विधायकों के खास को ठगा
एसपी चौधरी ने बताया कि राजस्थान के विधायक अनिमेष महर्षि के परिचित ठेकेदार प्रकाश यादव से तीन लाख 82 हजार, लूनी विधायक महेंद्र सिंह विश्नोई के परिचित ठेकेदार हनुमान राम विश्नोई से 6 लाख 97 हजार रुपये और राजस्थान के एक अन्य विधायक के परिचित सतीश कुमार से एक लाख 65 हजार रुपये की धोखाधड़ी रेलवे में 11 करोड़ के प्रोजेक्ट का टेंडर दिलवाने का प्रलोभन देकर ठगी की।

टेंडर दिलवाने के नाम पर करता था ठगी
पुलिस अधीक्षक चौधरी ने कहा कि आरोपी अभिषेक रंजन ने ट्रू कॉलर पर अपना नाम आइएएस मंत्रालय भारत सरकार दर्ज कर रखा था। आइएएस सौरभ शुक्ला बनकर बात करता था। आरोपी हाई प्रोफाइल ठेकेदारों को अपने जाल में फंसाता था। साथ ही राजनीतिक व्यक्तियों के माध्यम से चिह्नित ठेकेदारों को शासकीय कार्यों जैसे रेलवे लाइन, सड़क निर्माण, रेल पुल सहित अन्य शासकीय टेंडर दिलवाने का प्रलोभन देकर उनसे लाखों रुपये की अर्नेस्ट मनी अपने खाते में ट्रांसफर करवाता था। आरोपी अभी तक एक माह में 18 लाख 93 हजार 143 रुपये की ठगी कर चुके हैं।

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