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अंधे कत्ल का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफतार

दि. 09.01.17 को प्रातः 09.00 बजे थाना सीतामऊ पर सूचना प्राप्त हुई कि गोकुलपुरा से कुम्हारी जाने वाले कच्चे रास्ते पर वीरूनाथ कालबेलिया के कुए के पास नाले में किसी अज्ञात व्यक्ति की लाश पड़ी है। सूचना पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतामऊ श्री हरिसिंह परमार, थाना प्रभारी थाना सीतामऊ श्री गोपाल सूर्यवंषी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर एक व्यक्ति जिसकी आयु 30-35 वर्ष है, उसका सिर कुचलकर हत्या करना तथा शव की शिनाख्त ना हो सके इसलिए उसके चेहरे को कुचल दिया गया तथा उसके कपड़ो आदि की तलाशी लेते मृतक के पास कोई भी ऐसी वस्तु नही मिली जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। मौके पर कई ग्रामीण उपस्थित थे जिनसे उक्त शव की पहचान कराने का प्रयास करते किसी ने मृतक की शिनाख्त नहीं की। पुलिस द्वारा आसपास स्थित गांवो मे पुलिस टीम को मय फोटो के षिनाख्त करने हेतु भिजवाया गया। तब ज्ञात हुआ कि सीताराम पिता नंदराम सूर्यवंशी बलाई उम्र 35 साल नि. खजुरीनाग का दि. 08.01.17 की शाम से अपने घर से गया था जो वापस गांव मे नहीं आया। जिस पर से पुलिस ने सीताराम सूर्यवंषी के भाई मोहनलाल को बुलाया एवं मृतक के फोटोग्राफ एवं उसके शव को दिखाया गया मृतक सीताराम सूर्यवंषी होना बताया एवं भाई (सीताराम) की शिनाख्त की। शव की शिनाख्त होने पर फरियादी मोहनलाल सूर्यवंषी की रिपोर्ट पर थाना सीतामऊ मे अपराध क्रमांक 26/17 धारा 302 भादवि का पंजीबद्ध कर अनुसंधान मे लिया गया।

प्रकरण मे अज्ञात आरोपियो का पता लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक मन्दसौर श्री ओ0पी0 त्रिपाठी द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मन्दसौर एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतामऊ को निर्देष दिये गये जिसके फलस्वरूप प्रकरण मे विवेचना के दौरान पुलिस सीतामऊ को जानकारी मिली थी कि मृतक करीब साढ़े सात व आठ बजे के बीच अपने घर से अकेला निकला था, जिसके संबंध मे गोपनीय रूप जानकारिया एकत्रित की गई तो यह तथ्य पता चले कि मनोहर बलाई मृतक सीताराम सूर्यवंषी की लड़की से प्रेम करता था। मृतक द्वारा मना करने से मनोहर रूष्ट था इसलिए मनोहर बलाई ने सीताराम को रास्ते से हटाने के लिये योजनाबद्ध तरीके से अपने साथी अनिल मेहतर को बुलवाकर घटना को अंजाम दिया है। उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने तत्काल मनोहर पिता नानुराम बलाई उम्र 22 साल नि. नागखजुरी को गिरफ्त मे लेकर गहनता से पूछताछ की तो उसने अपने साथी अनिल पिता सुरेश मेहतर उम्र 21 साल निवासी हरिजन मोहल्ला नागखजुरी थाना सीतामऊ के साथ मिलकर मृतक सीताराम सूर्यवंषी की हत्या करना स्वीकार किया है । सीताराम बलाई की जमीन पर ही आरोपी मनोहर बलाई ईट का भट्टा था, मनोहर बलाई ने सीताराम सूर्यवंषी से 10,000 रू मे मोटर सायकिल खरीदने के लिये उधार लिये थे, सीताराम सूर्यवंषी द्वारा मनोहर बलाई से बार-बार उधार दिये पैसे की मांग की जाती थी। इसी बात को लेकर मनोहर ने दि. 08.01.17 को सुबह जल्दी सीताराम सूर्यवंषी को मोबाईल फोन लगाकर शाम को उधारी के रूपये देने हेतु बुलाया। शाम करीब 7 बजे के आसपास सीताराम सूर्यवंषी ने मनोहर से रूपये मांगे तब मनोहर ने योजना अनुसार अपने दोस्त अनिल पिता सुरेश मेहतर नि. नागखजुरी के साथ सीताराम को सरकारी स्कूल के पास अंधेरे मे बुला लिया ताकि उन्हे कोई देख नही सके तथा सीताराम को यह बोला कि गोकुलपुरा से पेसे लेकर आने है । तुम हमारे साथ चलो तो मृतक मनोहर व अनिल के साथ मनोहर की मोटर सायकिल पर सीताराम सूर्यवंषी बैठ गया। तीनो गोकुलपुरा से कुम्हारी के बीच वीरूनाथ कालबेलिया के कुए के पास पहुंचे और बाथरूम करने का कहकर उतर गये । सीताराम मोटर सायकिल पर ही बैठा था। इतने मे अनिल के द्वारा कुल्हाड़ी से सीताराम सूर्यवंषी के पीछे सिर मे मारी, जिससे वह नीचे गिर गया, तब मनोहर ने कुल्हाड़ी के पिछले हिस्से से कई बार सीताराम पर वार किये और उसका चेहरा कुचल कर उसकी हत्या कर दी । हत्या करने के बाद उसकी शिनाख्त नही हो सके इसलिए उसका मोबाईल मनोहर ने बंद करके अपने ईंट के भट्टे के पास खाई मे छिपा दिया था। पुलिस सीतामऊ ने प्रकरण मे आरोपी 1-मनोहर पिता नानुराम बलाई उम्र 22 साल नि0 नाग खजुरी तथा 2-अनिल पिता सुरेष मेहतर उम्र 21 वर्ष नि0 नाग खजुरी को दिनांक 12.01.17 को गिरफ्तार किये गये। आरोपी मनोहर की निषानदेही से स्वयं के खुन आलुदा कपड़े, सीम, खुन आलुदा कुल्हाड़ी, हीरो होण्डा मोटर सायकिल एम0पी0 14 एम0ओ0 8112 जिसमे भी मृतक का खुन लगा होना पाया गया एवं आरोपी अनिल मेहतर की निषानदेही से खुन आलुदा कपड़े, मृतक का मोबाईल जप्त किये गये है ।

उक्त अंध हत्या का पर्दाफाष कर आरोपियो को गिरफ्तार किये जाने मे श्री हरिसिंह परमार अनु0अ0पु0 सीतामऊ, श्री गोपाल सूर्यवंषी निरीक्षक थाना प्रभारी सीतामऊ, उप निरी0 आर0पी0 मिश्रा, उनि आजाद मोहम्मद खांन, सउनि ए0एम0 खांन, सउनि रामेष्वर परिहार, सउनि अजय शर्मा, प्र0आर0 अजय चैहान, आर0 शैलेन्द्र सिंह, आर0 ओम प्रकाष, आर0 जगदीष तथा आर0 महेष का सराहनीय सहयोग रहा है।

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