अंर्तराष्ट्रीय तस्कर शफी के भाई अययूब के आलिशान को बंगले को प्रशासन ने किया जमीदोंज

मंदसौर। अंर्तराष्ट्रीय तस्कर मो शफी के छोटे भाई अययूब के यातायात पुलिस थाने के सामने बने आलिशान बंगले को पुलिस प्रशासन व नगर पालिका ने गुरूवार को जमीदांेज कर ही दिया। ऑपरेशन माफिया के तहत शहर में तस्करों व बदमाशों के अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई जारी है। गुरुवार को जिला प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका की संयुक्त टीम ने कुख्यात तस्कर मो. शफी के छोटे भाई मो. अयूब का लगभग 5 करोड़ से अधिक मूल्य का बेशकीमती बंगला धराशायी पुलिस लाइन के सामने गली में स्थित बंगले को धराशायी कर दिया गया। अयूब पर आरोप है कि बंगले को बिना अनुमति बनाया गया है। सोमवार को बंगले पर नोटिस चस्पा किया गया था। पहले परिवार कोर्ट में गया। वहां राहत नहीं मिली तो बुधवार सुबह से ही सामान खाली करना शुऱᆬ कर दिया गया था। बंगले का सामान खाली करने में लगभग 22 घंटे लगे। गुरुवार सुबह तक बंगले से सामान खाली होता रहा। इधर सुबह 11.15 बजे पोकलेन का पहला पंजा बाउंड्रीवॉल पर पड़ा। उसके बाद लगभग आठ घंटे में पूरा बंगला तोड़ दिया गया।

स्मरण रहें कि तस्कर मो शफी जो कि वर्षो से फरार है। जिसके छोटे भाई अययूब के आलिशान बंगले को प्रशासन ने बिना अनुमति निर्माण बताकर गुरूवार को पोकलेन और जेसीबी मशानों की सहायता से मिट्टी में मिला दिया। गुरूवार को दिनभर चली कार्रवाई को देखने को लिए बड़ी संख्या में नागरिक पहंुचे थे। बताया जाता हैं कि अययूब भी किसी मामले में फरार है और इस बंगले को तोड़ने के लिए प्रशासन ने दो दिन का नोटिस दिया था। इन दो दिनों में बंगले में रखा सामान ट्रकों के माध्यम से हटा लिया गया था।

लगभग 31 वर्ष पूर्व बने इस भव्य एवं आलिशान बंगले की किमत करोड़ों में आंकी जा रही है। इस बंगले में विलासिता की हर चीज उपलब्ध थी। जिसकी बनावट भी अत्यंत आर्कषक थी। बंगले को जमींदोंज करने के पूर्व अधिकारियों ने बंगले का निरीक्षण किया तो उसकी बनावट व सजावट देखकर दंग रह गये। ऑपरेशन सफाया के तहत चलाई जा रही मुहिम में अब अगला निशाना बस स्टेण्ड स्थित नूरी कॉम्प्लेक्स हो सकता है।

गुरुवार सुबह 10.30 बजे पुलिस व प्रशासन का अमला मो. अयूब के बंगले के बाहर पहुंचा। इसके बाद अमले ने अंदर घूमकर बंगले की वीडियो व फोटोग्राफी की। इसके बाद अधिकारियों ने इशारा किया और सुबह 11.15 बजे पोकलेन मशीन का पहला पंजा बंगले की बाउंड्रीवॉल पर चला। अंदर जाने का रास्ता बनाने के बाद एक पोकलेन, एक जेसीबी व नपा कर्मचारियों ने मिलकर बंगले को तोड़ना शुरू किया।

दोपहर 12.45 बजे तक बंगले का अगला हिस्सा तोड़ा गया। इसके साथ ही साइड की बाउंड्री व गैलरी तोड़ दी गई। सीएसपी नरेंद्रसिंह सोलंकी, कोतवाली टीआई शिव कुमार यादव, यातायात प्रभारी धनंजय शर्मा, मुल्तानपुरा चौकी प्रभारी शिवांशु मालवीय, एसआई अभिषेक बौरासी, आरक्षक जुझारसिंह, राकेश सोलंकी, महिला

आरक्षक रैहाना सहित बल तैनात रहा। दोपहर 1.30 बजे तक बंगले का अगला हिस्सा पुरी तरह और साइड का आधा हिस्सा तोड़ दिया गया। दोपहर 1.45 बजे पोकलेन मशीन बंद हुई और दौरान जेसीबी चालू रही। लगभग एक घंटे बाद दोप. 2.45 बजे चालक पोकलेन पर चढ़ा और तोड़ने की कार्रवाई शुरु की। करीब 15 मिनट चली पोकलेन से आधा बंगला तोड़ दिया गया।

एक बार पोकलेन की पिन टूट गई

इस बीच दोपहर करीब तीन बजे पोकलेन की पिन टूट गई और दो पंजा अगल हो गया। करीब आधा घंटे के दौरान पोकलेन की पिन को लगाया गया। इसके बाद फिर पोकलेन चलना शुरू हुई जो रात तक चलती रही है।

40 मजदूरों ने 22 घंटे में बंगले का सामान खाली किया

सोमवार को नोटिस चस्पा होने के बाद मो. अयूब के परिजन ने मंगलवार को कोर्ट में अपना पक्ष रखकर स्टे लेने की कोशिश। मंगलवार रात दस बजे तक कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होती रही। न्यायाधीश ने नपा की कार्रवाई रोकने के लिए स्टे नहीं दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने बुधवार सुबह करीब 10 बजे से बंगले का सामान खाली करना शुरू किया। बंगले में इतना सामान था कि 40 मजदूरों ने मिलकर लगभग 22 घंटे में गुरूवार सुबह आठ बजे तक खाली किया।

यह रहे मौजूद

मो. शफी की मंदसौर पुलिस को एक मामले में 26 सालों से तलाश है। वहीं उसका भाई मो. अयूब भी तस्करी के मामले फरार है। और बिना अनुमति के इतना बड़ा बंगला बना लिया था। इसी के तहत गुरुवार को बंगला तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस दौरान एएसपी मनकामना प्रसाद, सीएसपी नरेंद्रसिंह सोलंकी, कोतवाली टीआई शिवकुमार यादव, यातायात प्रभारी धनंजय शर्मा, मुल्तानपुरा चौकी प्रभारी शिवांशु मालवीय, एसआई अभिषेक बौरासी सहित पुलिस बल मौजूद था। इसके साथ ही कुछ देर के लिए नपा सीएमओ सविता प्रधान भी पहुंची। स्वास्थ्य अधिकारी केजी उपाध्याय, उपयंत्री बीबी गुप्ता भी मौजूद रहे।

वर्शन

– ऑपरेशन माफिया के तहत कार्रवाई जिलेभर में जारी है। इसके चलते मो. अयूब का बंगला तोड़ा गया है। घंटाघर पर गैंगस्टर सुधाकर राव मराठा का कॉम्पलेक्स तोड़ा गया है। बाबू बिल्लौद की दो प्रॉपर्टी और सामने आई है। फिलहाल कुख्यात बदमाशों पर कार्रवाई जारी है। अयूब के भाई एहसान की एक बिल्डिंग भी इसी क्षेत्र मंें मिली है उसे भी तोड़ी जाएगी।

– हितेश चौधरी, एसपी मंदसौर

 


बिना नोटिस ,सूचना के तोड़ दिया बोर्ड हंगामा हुआ तो बैरंग लौटा नप अमला विरोध में दुकाने बंद की

  • मल्हारगढ़ में नप कर्मचारी बीकानेर स्वीट्स का बोर्ड हटाते हुए।
  • मल्हारगढ़ दुकानों के समीप लगा फर्श तोड़ती जेसीबी ।
  • मल्हारगढ़ नप अमले ने अतिक्रमण में आए दुकान से काउंटर को जब्ती में लिया।
  • मल्हारगढ़ मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन।

मल्हारगढ़। नगर परिषद ने गुरुवार को नगर में अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए निकले नप अमले व पुलिस टीम को हंगामा का सामना करना पड़ा। नप ने बिना सूचना के लोगों के अस्थायी अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिए। इसके बाद लोगों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने विरोध में दुकानें बंद कर दी जिसे देख प्रशासन अतिक्रामकों को नाले से अतिक्रमण हटाने की बात कहकर वापस लौट गए।

नगर परिषद व पुलिस अमले ने बीकानेर स्वीट्स की छत पर लगा बोर्ड हटाकर तोड़ दिया व बाहर नाले पर किया अस्थायी अतिक्रमण तोड़ दिया। इसके बाद हंगामा हो गया लोगों ने कहा कि हटाना है तो सभी का नाले के ऊपर का अतिक्रमण हटाओ। केवल एक व्यक्ति का अतिक्रमण क्यों तोड़ा जा रहा है हंगामे के बाद नाले के अतिक्रमण को पुलिस ने हटाने की बाद कही। इसके बाद नप अमला व पुलिस बल वापस थाने लोट गया।

न नोटिस दिया तोड़ दिया बोर्ड

बीकानेर स्वीट्स के संचालक तेजसिंह ने बताया कि हमें नप ने सूचना भी नहीं दी है और न नोटिस दिया। नगर व बस स्टैंड पर सभी ने दुकानों पर बोर्ड लगा रखे हैं लेकिन मेरा साइन बोर्ड तोड़ दिया व फर्श तोड़ दी मुझे एक लाख रुपए का नुकसान हुआ हैं में नप के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा।

वर्शन

– मैं वीडियो कांफ्रेंसिंग में हूं नियमानुसार कार्रवाई हुई है। एक घंटे बाद बात करता हूं। -शैलेश अवस्थी सीएमओ नप मह्लारगढ़

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