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अपना घर बालगृह के बच्चे योग का ले रहे है प्रशिक्षण-पतंजलि योग शिक्षक जिला प्रभारी बंशीलाल टांक करा रहे है योगाभ्यास

मन्दसौर। स्वाध्याय मंच संस्थापक एवं अध्यक्ष राव विजयसिंह ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि सीतामऊ फाटक स्थित अपना घर बालगृह के 5-6 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक की 37 बालिकाएं गर्मियों की छुट्टीयों का लाभ लेते हुए स्वस्थ्य रहने के लिये प्रतिदिन प्रातः 6 से 7 बजे तक योगाभ्यास कर रही है। वर्तमान युग के योग महर्षि स्वामी रामदेवजी के पतंजलि संस्थान हरिद्वार से प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक एवं जिला प्रभारी बंशीलाल टांक योगाभ्यास करा रहे है।
प्रशिक्षण में व्यायाम, योगिक-जोगिक, सूर्य नमस्कार, आसन, सूक्ष्म व्यायाम के साथ ही भ्रस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य अग्निसार, उज्जाई, अनुलोम-विलोम, भामरी, उद्भीत प्राणायाम का प्रतिदिन 1 घण्टा अभ्यास कराया जा रहा है।
उल्लेखनीय है की अपना घर की बालिका कंकू एवं सरिता भी बाबा रामदेवजी के सानिध्य में हरिद्वार में आयोजित पांच दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर में भाग ले चुकी है।
श्री राव ने बताया कि बचपन से ही बच्चे शारीरिक एवं मानसिक तौर से स्वस्थ एवं संस्कारवान होकर उज्जवल भविष्य के लिये मार्ग प्रशस्त कर सके। इसके लिये दैनिक दीनचर्या में योग साधना अत्यन्त आवश्यक है। बच्चों के लिये ही नहीं, वर्तमान में बच्चों से लेकर युवा, बुजुर्ग सबको ही सर्दी जुकाम से लेकर डायबिटिज (शुगर), बी.पी. (ब्लड प्रेशर), हृदयाघात, थायराइड, माइग्रेशन, पेरेलेसिस (लकवा), केंसर आदि बिमारियों से ग्रसित हो रहे है और मौटे तौर पर कारण रासायनिक जहरीले उर्वरकों तथा दवाईयों के छिटकांव से पैदा किया जाने वाला खाद्यान्न, सब्जियां केमिकल से शिघ्र पकाया जाने वाले फल, प्रदूषित वातावरण आदि मुख्य कारण है, ऐसे में यह प्रश्न उठना भी स्वाभाविक है कि इन विशेष परिस्थितियों के रहते बचे कैसे? ऐसे में यदि कोई सबसे बड़ा संबल है तो वह है एक मात्र भारत का प्राचीन योग। श्री टांक ने कहा कि बचपन में हो या पचपन में सभी को योग अपनाना चाहिए और स्वस्थ रहना चाहिए।
राव विजयसिंह ने बताया कि श्री टांक द्वारा लगभग 15 दिन से निःशुल्क सेवा अपना घर में दी जा रही है। जिससे बच्चों में योग के प्रति जागृति आई है। बच्चों का यह योग शिविर ग्रीष्मकालिन अवकाश में चलेगा।

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