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अफीम उत्पादक किसान सतर्क रहें – सांसद गुप्ता 

मंदसौर – मंदसौर संसदीय क्षेत्र के समस्त अफीम उत्पादक किसान भाईयों जिन्है 28 सितम्बर 2018 को वित मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी नई अफीम नीति के तहत पट्टे की पात्रता मिली है। ऐसे समस्त किसान भाईयों से अनुरोध है कि अफीम नीति 2018-19 में जारी अधिसूचना में जिन बिन्दुओं को पात्रता की श्रेणी में रखा गया है साथ ही नवीन नीति के तहत जिन किसान भाईयों को इसका लाभ मिला ऐसे निम्न पहलु क्रमशः

1 जिन किसानों की अफीम जांच में इन्फीरियर (घटिया) घोषित हुई थी। जिनके पट्टे कट गए थे वे पुनः बहाल हुए।

2 1999 से लेकर 2003 तक औसत से एक किलो कम देने पर कट्टे हुए पट्टे पुनः बहाल हुए।

3 पिछले पांच वर्षो में जिन्होने औसत पूरी दी व तकनीकी कमी के चलते कटे वह भी पात्र होंगे।

4 जिन किसानों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हुए और वे दोषमुक्त हुए हो तो वह किसान भी पात्रता की श्रेणी में आ गए।

5 किसानों ने 4.9 प्रति हेक्टेयर की दर से मार्फिन प्रतिशत दिया हो या औसत 52 किलो प्रति हेक्टेयर रहा हो वे भी पात्र होंगे।

6 वर्ष 2004 से लेकर 2015 तक केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग के लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन के कारण काटे गए पट्टे को पुन बहाल किया जाएगा।

इन बिन्दुओं के तहत पात्र किसानों को बिना रूकावट पट्टे दिए जा रहें है। अतः केन्द्र सरकार द्वारा जारी नियमावली में बिना किसी व्यवधान के खेती की पात्रता होगी। बावजूद इसके कोई व्यक्ति अगर किसान भाई को अफीम उत्पादक लायसेंस दिलवाने के लिए किसी के भी नाम से रूपए की मांग करता है तो किसान भाईयों से विनम्र अनुरोध है कि इसकी शिकायत तुंरत श्रीमान नारकोटिक्स डीएनसी, संबंधित पुलिस अधिक्षक मंदसौर नीमच एवं रतलाम जिला कलेक्टर  मंदसौर नीमच एवं रतलाम और लोकायुक्त पर तुरंत करें। क्योंकि इस तरह के अवैधानिक रूपए के लेन-देन से ना तो पट्टा मिल सकता है और ना ही दिया जा सकता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह निः शुल्क एवं पारदर्शी हैै। अतः सभी किसान भाई सहयोग करें।

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