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अब जनाशिर्वाद यात्रा नहीं भावांतर की राशि बांटने 4 सितबंर को मंदसौर आएंगे मुख्यमंत्री

मंंदसौर। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान किसानों को भावांतर की राशि बांटने के लिए 4 सितबंर को मंदसौर आ रहे है। पूर्व में 25 अगस्त को सीएम का मंदसौर दौरा बना था, लेकिन अंतिम समय में यह रक्षाबंधन से लेकर अनय कारणों के चलते निरस्त हो गया था। अब फिर से सीएम का 4 सितबंर का दौरा बना है। यहां वह रतलाम, मंदसौर और नीमच तीनों जिलों के किसानों को भावांतर की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। लहसुन के 800 रुपए प्रति क्विंटल व प्याज के 400 रुपए प्रति क्विंटल के मान से किसानों से सरकार ने लहसुन-प्याज खरीदा था। इसकी राशि अब तक बकाया चल रही थी। अब सीएम खुद तीनों जिलों के किसानों को राशि का भुगतान शहर में करेंगे। इसके साथ ही शहर में करीब 50 करोड़ की लागत से बनने वाले दो बड़ी पुलियाओं का भूमिपूजन भी करेंगे। इस दौरान सीएम सभा को भी संबोधित करेंगे। इसे पहले 30 मई को सीएम की शहर में सभा हुई थी। सीएम के दौरें की खबर के साथ ही प्रशासन व पुलिस महकमें में तैयारियों का दौर शुरु हो गया है।

विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री 4 सितबंर को सुबह 11 बजे मंदसौर आएंगे। जहां वे रतलाम, मंदसौर और नीमच जिले के हजारों किसानों को जिनसे सरकार ने भावांतर योजना में लहसुन और प्याज खरीदा था उन्हें शहर की कृषि उपज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करोड़ों की राशि का भुगतान करेंगे। इस दौरान 13 करोड़ में शिवना नदी पर मुक्तिधाम के समीप बड़ी पुलिया के समकक्ष बनने वाली एक और पुलिया के साथ ही संजीत नाका क्षेत्र में 31 करोड़ की लागत से बनने वाले ब्रिज के काम का भूमिपूजन करेंगे।

‘दौरा निरस्त हुआ तो मुख्यमंत्री ने रोक दी किसानों की भावांतर की राशि’
प्रदेश की भाजपा सरकार भावान्तर के नाम पर राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का दौरा निरस्त होने के कारण भावान्तर का रूपया किसानों के खाते में नहीं पहुंच पाया यह किसानों के साथ सरासर अन्याय है। कांग्रेस इस अन्याय का विरोध करती है और गांव-गांव में प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगी। यह जानकारी देते हुए जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष शंकरलाल आंजना, जिला कांग्रेस महामंत्री सुशील संचेती, किसान नेता अमृतराम पाटीदार, योगेन्द्र जोशी, ग्रापं बनी सरपंच भगवतीलाल धनोरा, ब्लॉक अध्यक्ष महेश शर्मा, देवेन्द्र जोशी, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिदानसिंह सिसौदिया, कृषक नंदावता हीरालाल आंजना ने विज्ञप्ति में बताया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से किसानों के भावनाओं के साथ कुठाराघात किया गया। मुख्यमंत्री का दौरा निरस्त किया गया और किसानों को उनके हक से वंचित रखा गया। अपने कार्यक्रम पर करोड़ों रूपये खर्च करने वाले प्रदेश के मुखिया को गरीब और शोषित किसान की चिंता नहीं है। भावान्तर की राशि के नाम पर किसान अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सितम्बर के प्रथम सप्ताह में गांव-गांव में कांग्रेस किसानों के लिए संघर्ष करेगी। भाजपा कि किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। न भाव है, न भावान्तर है और न ही डोड़ाचूरा क्रय का सरोकार है। प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, किसी भी विभाग में बिना किसी लिये-दिये काम नहीं होता है। जनप्रतिनिधि अपने दायित्व को निभाने में असक्षम है। बीमारू प्रदेश को उबारने की घोषणा करने वाले मुख्यमंत्री गांव की चौपाल पर आकर सच्चाई का सामना करने में असक्षम है।

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