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अब मेघदूत नगरवासी पहुंचे विधायक के पास : विधायक ने एसडीएम, सीएमओ और विद्युत कम्पनी के अधिकारी को बुलाया मौके पर

विद्युत कम्पनी के नायर नहीं दि पाए सवालों के जवाब, विद्युत कनेक्शनों की जांच के निर्देश

मंदसौर। दो दिन पूर्व नगर पालिका ने मेघदूत नगर के निजी प्लॉटों पर अवैध रूप से मकान बनाकर रह रहे लोगों के आशियानों पर बूलडोजर चलाकर तोड़ दिए थे। दो दिन से अतिक्रमणकारियों ने बवाल मचा रखा था। मंगलवार को इन लोगों ने नगर पालिका का घेराव भी किया था। पूरे घटनाक्रम के बाद बुधवार को मेघदूत नगरवासी व भूखण्डधारी, विधायक यशपालसिंह सिसौदिया से मिलने पार्षद विद्या दशौरा के नेतृत्व उनके निवास स्थान पर पहुंचे। जहां पर रहवासियों ने विधायक को बताया कि किस तरह उनके घरों के आस पास पड़े खाली भूखण्डों पर लोग आकर अतिक्रमण कर लेते कई आवार तत्व भी यहॉ आते है और शराब पीकर माहौल को खराब किया जाता है। लगभग दो घंटे तक विधायक से लोगो ने चर्चा की। विधायक ने मौके पर ही एसडीएम शिवलाल शाक्य, नपा सीएमओ सविता प्रधान गौड़ और विद्युत कम्पनी के अधिकार ए के नायर को बुलाया और पूरे मामले की जांच करने को कहा। पार्षद पति पुखराज दशौरा ने विधायक से कहा कि विद्युत कनेक्शन कैसे बिना पट्टे के दे दिए गए। इस पर कम्पनी के अधिकारी नायर ज्यादा कुछ नहीं बोल पाए और गलती मानकर जांच करने को कहा। विधायक ने लोगों को आश्वासन दिया कि आगे से ऐसा नहीं होगा और चिंता न करें शासन प्रशासन सबके साथ है जांच कि जाएंगी यदि वे लोग जिन्होने अतिक्रमण किया है वे मंदसौर के रहवासी हैं तो शासन की योतनान्तर्गत उनके आवास की व्यवस्था की जाएगी और आप लोगों को भी परेशानी न हो इसकी जिम्मेदारी भी हमारी है।

 

नगर पालिका की भूमिका संदिग्ध
बिना पट्टे के विद्युत कनेक्शन नहीं दिए जा सकते। लेकिन जिन लोगों ने अपने आशियाने निजी प्लॉट पर बना दिए थे उनको विद्युत कनेक्शन दिया गया था। समझा जा सकता है कि नगर पालिका की भूमिका इसमें अवश्य रही होगा। अन्यथा विद्युत कनेक्शन नहीं मिल सकता था। हालांकि विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा दिए गए कनेक्शनों की जांच कि जावें तो कई रहस्य की परतें उजागर हो सकती है।

 

रूपये लेकर अतिक्रमण तो नहीं करवाया
भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार जिन गरीब लोगों के आशियानों को जमीदोंज किया गया। उनको निश्चित रूप से किसी ने बहला फुसलाकर नगद राशि लेकर अतिक्रमण कर पट्टा दिलाने का वादा जरूर किया होगा। प्रशासन को इसकी गहन जांच पड़ताल कर उस चेहरे को सामने लाने का प्रयास करना चाहिए। जिसके कारण गरीबों का तो आर्थिक नुकसान हुआ ही है वहीं शासन और प्रशासन की किर किरी हुई है।

 

कुछ भी हो नुकसान तो गरीबों का ही हुआ
ऐसे कोई अतिक्रमण नहीं करता और वो भी निजी प्लॉटों पर कही न कहीं किसी की तो शह मिली ही होगी तभी ना समझ गरीबों ने अपने आशियाने खड़े कर लिए खैर यह तो जांच का विषय है लेकिन कुछ भी हो नुकसान में तो हमेशा की तरह गरीब ही रहा। पाई पाई जोड़कर जिन गरीबों ने अपने झोपड़े तैयार किये गये नपा ने उन्हें एक मिनिट में जमींदोज कर दिया। आज ये गरीब परिवार अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान के नीेचे रहने को मजबूर है।

 

गरीबों को अतिक्रमण तो दिखा, रसूखदारों का कब दिखेगा
नगर पालिका को गरीबों को द्वारा किया गया अतिक्रमण तो दिख गया लेकिन उन्हें नगर के धन्नसेठों और रसूखदारों द्वारा किया जा रहा अतिक्रमण कभी दिखेगा या नहीं। आज नगर में कई स्थानों पर बिना अनुमति के बड़े बड़े व्यवसायिक भवनों का निर्माण चल रहा है जिन पर कभी भी नपा के पढे लिखे इंजिनियरों या समझदार जनप्रतिनिधियों की नजर नहीं पड़ी। यही ही नहीं नये निर्माण कार्यो में एमओएस का पालन भी कही नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कुछ दलाल किस्म के लोग एमओएस के नाम पर निर्माणकर्ता को डरा धमाकर वसूली में जरूर लगे है।

 

जरूरत और जागरूकता दोनो जरूरी
मेघदूत नगर के मामले को लेकर यहॉ के रहवासी मुझसे मिलने आए थे। चर्चा में खूब तर्क वितर्क हुए। मैनें मेरे निवास पर ही एसडीएम, सीएमओ और विद्युत कम्पनी के अधिकारी को बुलाया लिया था और पूरे मामले की तत्काल जांच करने को कहा क्योंकि मामले की स्कूटनी होना जरूरी है। बिना पट्टे के विद्युत कनेक्शन देने में विद्युत कम्पनी की गलती है जिसकी भी जांच करवाई जाएगी और जिन लोगोे ने मकान बना लिए थे वे यदि मंदसौर के नागरिक है तो उनको शासन की योजना के तहत् आवास की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन इस तरह निजी प्लॉटों पर अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा। मकान गरीबों कर जरूरत है और निजी प्लॉट पर अतिक्रमण ना हो यह जागरूकता है। – यशपालसिंह सिसौदिया, विधायक, मंदसौर

 

जरूरतमंद है तो वैधानिक रूप से पट्टे दे
मेघदूतनगर के सभी नगरवासी पिछले 6 माह से अतिक्रमण से परेशान है। हर कोई आता है और रातों रात अतिक्रमण कर लेता है। जिससे क्षेत्रवासी परेशान है हमारा कहना है कि जो जरूरतमंद है उन्हें वैधानिक रूप से पट्टे अलॉट किए जाए। जो अतिक्रमण नपा ने तोड़ा ने यह डेढ माह पुराना है। – विद्या दशौरा, पार्षद, वार्ड कं 39

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