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अवैध कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा को लगा जंग!

  • नपा और प्रशासन के अधिकारियों ढिलाई से बढ़ रही समस्या
  • पहले आचार संहिता का बहाना बनाते रहे, अब फिर उलझ गई प्रक्रिया
  • अवैध कॉलोनियों के रहवासी वर्षों से कर रहे विकास कार्यों का इंतजार, अब टूटने लगा सब्र

मंदसौर। वर्ष 2018 भी बीत गया, लेकिन शहर की 60 अवैध कॉलोनियां वैध नहीं हो पाईं। मार्च-18 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने एक माह में तक सभी कॉलोनियां वैध करने घोषणा की थी। लगभग 10 माह बीत जाने के बाद भी 60 कॉलोनियों पर से अवैध का धब्बा हट नहीं पाया है। इसके पीछे नपा की लापरवाही के चलते देरी हो रही है। पहले कंसल्टेंट द्वारा तैयार स्टीमेट का सत्यापन करने में इंजीनियरों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले कॉलोनियों वैध नहीं हो पाईं। अब चुनाव बाद अब सत्यापन करने एवं रिपोर्ट बनाने में देरी हो रही है। जबकि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता भी जल्द लगने वाली है। अगर ऐसे ही देरी होती रही तो अवैध कॉलोनी के हजारों रहवासियों की परेशानी और बढ़ जाएगी। वहीं नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार का कहना है कि कंसल्टेंट ने लगभग सभी कॉलोनियों का स्टीमेट बना दिया है, सत्यापन के बाद जल्द ही फाइल कलेक्टर को सौंपी जाएगी।

शहर की 60 अवैध कॉलोनियों में 40 हजार से अधिक लोग रहते हैं। अवैध होने के कारण इनमें विकास नहीं हो रहा है। इसके लिए रहवासी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। लालघाटी मार्ग पर संजय हिल्स के रहवासी कॉलोनी दो दशक से भी अधिक पहले बसी थी, लेकिन यहां पर सड़क नहीं है, नालियां भी चार में से दो गलियों में ही बनी हैं। इसी तरह संजीत मार्ग पर स्थित राजीव कॉलोनी में अब तक पाइप लाइन भी नहीं पहुंची है, यहां पेयजल व्यवस्था नपा के टैंकर के भरोसे है। यहां लोगों को तीस साल से सड़क, नाली का इंतजार है। स्नेह नगर की भी यही समस्याएं हैं। इसके अलावा सभी अवैध कॉलोनियों के रहवासी समस्याओं से परेशान हैं। हजारों लोगों की समस्या को दूर करने करने के लिए मार्च-18 में प्रदेश सरकार ने मई-16 से पहले अस्तित्व में आई अवैध कॉलोनियों को एक माह में वैध करने की घोषणा की। इसके बाद अवैध कॉलेनीवासियों में उम्मीद जगी, लेकिन नपा व प्रशासन द्वारा देरी के कारण पूरा साल बीतने तक कॉलोनियां वैध नहीं हो पाईं। घोषणा के बाद कॉलोनी में विकास कार्यों के स्टीमेट व दावे-आपत्ति लेने के बाद में 15 अगस्त तक कॉलोनियों को वैध किया जाना तय किया गया। पहले नपा ने पुरानी सूची के अनुसार 52 कॉलोनियों को वैध करने ही प्रक्रिया ही शुरू की। इसके बाद अवैध कॉलोनियों का स्टीमेट तैयार करने के लिए दिवाकर डिजाइन हाउस नीमच को कंसल्टेंट नियुक्त किया। मई में कंसल्टेंट ने शहर की अवैध कॉलोनियों में सर्वे शुरू किया। इसमें शहर में 52 की बजाय 60 कॉलोनियां अवैध पाई गईं। पहले कंसल्टेंट ने केवल 52 का ही स्टीमेट तैयार कराया। आठ का स्टीमेट बाकी रह गया। वहीं नपा इंजीनियरों द्वारा स्टीमेट का सत्यापन करना था। लेकिन आचार संहिता लगने से पहले तक सत्यापन नहीं करवाया। बाद की प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं हुई है। सत्यापन पूरा होने के बाद कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। वहां से वैध होने का नोटिफिकेशन जारी होगा। इधर नपाध्यक्ष का कहना है कि लगभग सभी कॉलोनियों का स्टीमेट तैयार हो गया है।

 

31 मई 2016 के पहले की कॉलोनियां होना है वैध

26 मार्च 18 को भोपाल में नगरीय प्रशासन विभाग की कार्यशाला में अवैध कॉलोनियों को एक माह में वैध करने के साथ ही गाइड लाइन तय की गई थी। इसके अनुसार 31 मई 2016 के पहले काटी गई अवैध कॉलोनियां ही वैध किया जाना तय है। इसके बाद अगर कोई अवैध कॉलोनी काटी गई है तो उस कॉलोनाइजर को 4 साल तक के कठोर कारावास की सजा देने का प्रावधान भी किया गया है।

 

2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा

सन 2010 में नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान मंदसौर आए थे, उन्होंने नगर की सभी अवैध कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा की थी। इन वर्षों में अवैध कॉलोनियों की संख्या भी बढ़ गई।

 

ये हैं अवैध कॉलोनियां

पटेल नगर (गुर्जर व सिंधी कॉलोनी भी सम्मिलित), जैन कॉलोनी संजीत रोड, मीरा कॉलोनी, सत्यसाईं कॉलोनी, मयूर कॉलोनी, शुभम नगर नाहर सैयद, गुलमोहर कॉलोनी, पारख कॉलोनी, नाहर सैयद कॉलोनी, चंध कॉलोनी, रोशन कॉलोनी, अरोरा कॉलोनी, नेमी नगर, महावीर नगर गीताभवन रोड, कोठारी नगर, नूर कॉलोनी, अनुपम नगर, कोठारी नगर पार्ट-1-2-3-4, संजय हिल्स-1, संजय हिल्स-2, राजीव नगर, इंदिरा नगर, राज कॉलोनी, रितुराज कॉलोनी, नारायण नगर, लक्ष्मी नगर, कल्पना नगर, तिलक नगर, माली कॉलोनी, पाटील कॉलोनी, प्रजापत कॉलोनी, प्रजापत कॉलोनी अंकुर अपार्टमेंट के पास, कुमार कॉलोनी, चौधरी कॉलोनी, जनता कॉलोनी स्टेशन रोड, पारख कॉलोनी स्टेशन रोड, प्रेम कॉलोनी, एकता कॉलोनी, उदपुरा कॉलोनी, सुदर्शन कॉलोनी, बसंत विहार, खत्री कॉलोनी, हाजी कॉलोनी मदारपुरा रिंगवाल के पास, देतवार कॉलोनी, मुडेल कॉलोनी, सत्यनारायण कॉलोनी, जाजपुरिया कॉलोनी, जमीदार कॉलोनी, चंदेल पटवारी वाली गली अवैध, नंदराम कॉलोनी, मोतियाखाई हीरा की बगीची के पास, बैरागी नगर एवं कैलाश नगर आदि।

 

यहां 30 साल से रह रहे लोग, अब तक नहीं बनी नाली-सड़क

संजीत नांका पर रेलवे फाटक के पास स्थित राजीव कॉलोनी 30 साल पहले बनी थी। लेकिन आज तक यहां न तो नालियां हैं, न सड़कें और न ही नल हैं। पेयजल के लिए एक दिन छोड़कर नपा का टैंकर आता है। नालियों का पानी घरों के आसपास ही रहने से गंदगी के साथ बीमारियां भी फैलती हैं। कॉलोनी की निवासी प्रेमलता चंदेल, भंवरीबाई चौहान ने बताया कि बारिश में तो कीचड़ से न तो मोटरसाइकल निकल पाती है और न ही बच्चे घरों के बाहर खेल पाते हैं। एक साल पहले भोपाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री से राजीव कॉलोनी के कुछ रहवासी मिले थे, लेकिन अब तक विकास नहीं पहुंचा। रहवासियों ने तीन माह पहले कॉलोनी के बाहर संजीत-मंदसौर रोड पर चक्काजाम भी किया था।

– संजय हिल्स में हम 15 सालों से रह रहे हैं, लेकिन यहां पर आज तक सड़क और नालियां नहीं बनी। कई बार मांग करने के बाद जनप्रतिनिधि अब हमेशा आश्वासन ही दे रहे हैं। घरों का पानी सड़क पर ही फैल रहा है, जिससे गंदगी व मच्छर भी होते हैं। -कमलेश राठौर, रहवासी, संजय हिल्स

-अवैध कॉलोनी होने के कारण स्नेह नगर में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कई बार आंदोलन किए, तब जाकर करीब दो दशक बाद संजीत रोड से अभिनंदन को जोड़ने वाली एक रोड स्नेह नगर में अब बनी है। स्नेह नगर की दूसरी गलियों में सड़क, नाली की समस्या बनी हुई है। बारिश में बहुत परेशानी होती है। -हीरालाल रजवानिया, रहवासी, स्नेह नगर

-एक-दो को छोड़कर सभी कॉलोनियों के स्टीमेट बन गए हैं। इसके अलावा सत्यापन का कार्य भी चल रहा है। कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया अब अंतिम स्थिति में पहुंच गई है। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट कलेक्टर साहब को प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद कॉलोनियां वैध हो जाएंगी और नपा वहां नामांतरण की प्रक्रिया शुरू कर देगी। -प्रहलाद बंधवार, अध्यक्ष, नगर पालिका, मंदसौर

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