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अस्‍पताल में वाहन पार्किंग शुल्क लिया जाना बंद हो

इंदिरा गांधी जिला अस्पताल में वाहन पार्किंग शुल्क व्यवस्था को पुन: निरस्त करने की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रातड़िया ने कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह व सीएमएचओ डॉ. ए.के. मेहता को पत्र लिखा। रातडि़या जी ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सा व रोगियों से मिलने आने वाले व्यक्तियों के वाहनों पर पार्किंग शुल्क लगाया है। अस्‍पताल परिसर में शुल्क संबंधी कोई सार्वजनिक सूचना नहीं लगाई है। मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। दोपहिया वाहनों से 10-10 रुपए शुल्क अत्यधिक व अनुचित है। रातड़िया ने बताया शुल्क के बाद भी वाहन की सुरक्षा के संबंध में कोई निश्चितता नहीं है और उत्तरदायित्व वहन करने की बाध्यता भी स्वीकार नहीं की जा रही है। ना तो नियमानुसार रसीद दी जा रही है ना ही वाहन की सुरक्षा के बारे मे कोई वचन दिया जाता है। प्रभार वसूलने के बाद भी परिसर में सुव्यवस्थित पार्किंग इंतजाम नहीं है। शर्तों को सार्वजनिक भी नहीं किया गया है रातड़िया जी ने बताया कि प्रभार वसूलने के बावजूद परिसर में वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। पत्र में कलेक्टर व सीएमएचओ से अनुरोध किया कि प्रभार तत्काल निरस्त किया जाए। प्रभार संबंधी नीति, नियमों व शर्तों को सार्वजनिक किया जाए। वाहनों की सुरक्षा व परिसर में सुव्यवस्था निश्चित हो। हेलो मंदसौर डॉट काॅम भी प्रशासन व अस्‍पताल केे प्रबंधन अधिकारियों से अपील करता है कि वह इस प्रकार से अस्‍पताल में आने वाले पीडि़त लोगो से राशि लेना बंद करे व समाज सेवा में अपना अमूल्‍य योगदान प्रदान करे।

3 साल के बाद फिर से जिला अस्पताल का वाहन पार्किंग ठेका शुरू हो गया। मंगलवार को अनुबंध के दूसरे ही दिन अस्पताल में वाहन स्टैंड का दायरा बढ़ता दिखा। अस्पताल भवन के ठीक सामने जहां रोगियों के परिजन दोपहर में बैठा, आराम किया करते थे, वहां वाहन खड़े दिखे। एंट्री होने वाले वाहन को 24 घंटे अवधि बताकर दोगुनी राशि ली जा रही है। चाहे वे कुछ देर के लिए आए हाें। उनसे रजामंदी नहीं ली जा रही। अस्पताल कैंपस में बरसों से प्रचलित वाहन पार्किंग स्थल के अलावा अब बिल्डिंग के ठीक सामने वाले हिस्से को भी पार्किंग में शामिल कर लिया है। यहां भी वाहन खड़े किए जा रहे हैं। नियमानुसार साइकिल का 2 रुपए, बाइक का 5, कार का 10 रुपए शुल्क है। बुधवार को कैंपस में दाखिल वाहनों के नाम से जो पर्चियां काटी, उनसे सीधे-सीधे 10 रुपए लिए। ग्रामीणों ने 5 के बदले 10 रुपए लेने पर सवाल किए तो कर्मचारियों ने कहा पूरे 24 घंटे के लिए शुल्क है। भले ही कितनी भी बार वाहन लाओ-जाओ जबकि 5 रुपए शुल्क केवल एक बार आने-जाने पर ही है। सिविल सर्जन डॉ. एके मिश्रा ने बताया अक्टूबर में वाहन पार्किंग अनुबंध को लेकर टैंडर जारी किए थे। 5 लाख रुपए राशि तय की थी। एकमात्र टैंडर आने पर अनुशंसा के लिए कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह को फाइल भेजी थी, वहां से स्वीकृति मिल गई है। रोगी कल्याण समिति की पर्ची देने का कहा है। समय अवधि पूछी जाए, स्पष्ट जानकारी लेेने व नियमानुसार शुल्क लेने के निर्देश दिए हैं। शिकायत मिलने पर उचित कदम उठाएंगे।

कुछ दिनों पूर्व भी बिना ठेके के वाहन पार्किंग शुल्‍क लिया जाने लगा था फिर जागरूक मंदसौर के बंधुओं द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया तो यह पार्किंग शुल्‍क वाले रफु चक्‍कर हो गए व यह सब कुछ अस्‍पताल में दिन दहाड़े चलता रहा और अस्‍पताल के अधिकारियों को इस बात की जानकारी भी नहीं हुई यह बात गले नहीं उतरती लगता तो ऐसा है कि मानों कुछ वसलीकर्ताओं व अस्‍पताल के लोगों की आपस में कोई सामजस्‍य से यह सारा कार्य किया जा रहा है।

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