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इस बार हो रहा है जनवरी माह मे ही मार्च का अहसास

मंदसौर। पहले तो पिछले साल कम बरसात होने से जल स्रोत भरे ही नहीं और अब ठंड के मौसम में ठंड जनवरी में ही विदाई की तैयारी में हैं। तेजी से ऊपर जा रहे तापमापी के पारे के चलते रविवार को ही अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पास पहुंच गया है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 12 डिग्री से उपर है। ठंड का अहसास सुबह-शाम ही हो रहा है। बाकी तो दिन में गर्मी लगने लगी है। चार सालों के 1 से 21 जनवरी तक के आंकड़े देखे तो इस बार की जनवरी सबसे गरम है। इस बार ठंड में न्यूनतम तापमान भी 8 डिग्री से नीचे नहीं उतरा। मौसम में परिवर्तन होने का सीधा असर स्वास्थ्य पर हो रहा है। पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसे रोगों के मरीज बढ़ रहे हैं।

जनवरी को जाड़े (कड़ाके की सर्दी) का माह कहा जाता है। लेकिन इस साल शीत ऋतु में ऐसा अब तक नजर नहीं आ रहा है। 4 जनवरी को तापमान पहली बार न्यूनतम 8 डिग्री तक पहुंचा था और उसके बाद फिर लगातार गर्माहट बढ़ रही है। 21 जनवरी को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 30.1 डिग्री तापमान हो चुका है। न्यूनतम तापमान भी 12.1 पर आ गया है। पिछले साल 21 जनवरी तक कड़ाके की सर्दी सता रही थी। 10 से 13 जनवरी तक मावठे की बारिश भी हुई थी। 2016 में 21 जनवरी को न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री रहा था। 20 जनवरी 5 डिग्री तापमान व कोहरे के कारण ट्रेन और सड़क यातायात भी बाधित हुआ था। 2015 में भी जनवरी में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक पहुंचा था। इस वर्ष अब तक शीत ऋतु में ठंड का असर कम ही रहा हैं वर्तमान में जनवरी में गर्मी का अहसास हो रहा है। लोगों को छांव अच्छी लगने लगी है।

मौसम परिवर्तन का सेहत पर असर

मेडिकल ऑफिसर डॉ. विशाल गौड़ ने बताया कि तापमान बढ़ने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द के मरीज बढ़ रहे है। ओपीडी और इमरजेंसी में प्रतिदिन 20 मरीज बढ़ रहे हैं। ठंड का असर कम होने से सर्दी-जुकाम के मरीज जरूर कम हुए है। मौसम परिवर्तन से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे बचाव के लिए जंक फूड नहीं खाएं, पौष्टिक भोजन एवं सलाद अधिक खाए। बीमार व्यक्तियों से दूरी बनाएं रखे।

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