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इस वर्ष 7वी बार शिवना ने पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में किया प्रवेश

मंदसौर. क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते शिवना नदी शनिवार को उफान पर आ गई। रातभर की बारिश से शिवना का जलस्तर सुबह से बढऩे लगा। दोपहर ३ बजे शिवना नदी पशुपतिनाथ के गर्भगृह में पहुंची। इसी बारिश में सातवी बार शिवना ने बाबा का जलाअभिषेक किया। जो एक रिकॉर्ड है। इसी के साथ ही शनिवार को शिवना ने शहर के इतिहास का नया रिकॉर्ड बनाया।

आश्विन माह में पहली बार ऐसा हुआ शिवना नदी पशुपतिनाथ के गर्भगृह में पहुंची। दोपहर ३ बजे गर्भगृह में पहुंची शिवना शाम ६.१५ बजे फिर लौटी। तीन घंटे तक शिवना ने पशुपतिनाथ का जलाअभिषेक किया। इसके अलावा दिनभर शिवना उफान पर रही। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी शिवना के तट पर पहुंचे। पशुपतिनाथ क्षेत्र में छोटी पुलिया व मुक्तिधाम पुलिया पर पानी होने के कारण दिनभर मार्ग बंद रहा।

पहली बार हुआ ऐसा
आश्विन माह में इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि शिवना गर्भगृह में आई है। श्राद्ध पक्ष व नवरात्रि के इस दौर में वर्षाऋतु का अंतिम पड़ाव होता है। कभी शिवना उफनती हुई गर्भगृह तक नहीं पहुंची। तीन घंटे शिवना गर्भगृह में रही। इसी बारिश में सातवी बार शिवना गर्भगृह तक आई है। -राकेश भट्ट, पूजारी पशुपतिनाथ

सोमली उफनी
सोमली नदी उफान पर आने से पुलिया पर पानी आ गया। लगातार हो रही बारिश से नदी शनिवार को दिनभर उफान पर रही। किसानों की फसल पहले ही खराब हो चुकी है। पुलिया पर पानी होने के कारण दलोदा से सेमलिया हीरा मार्ग बंद रहा।

शाम को निकली थोड़ी देर धूप
एक बार फिर बीती रात्रि से बारीश का दौर शुरू हुआ। जो रात भर व दिन में 2 बजे तक रुक रुक कर चलता रहा। बारीश से फतेहगढ़ की सोमली नदी भी उफान पर रही। वही शाम 5.30 बजे थोड़ी धूप निकली।

बारिश का क्रम जारी रहा
गांव में शनिवार को कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। सितंबर माह ख़त्म होने वाला है और बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। फसलें नष्ट हो गई है। इससे किसानो को ख़ासा नुकसान भुगतना पड़ रहा है। वहीं दूसरी और किसानो को आगामी फसलो की बुवाई करने की चिंता भी सताने लगी है।

आधे घंटे जोरदार बारिश
गांव में आधे घंटे से ज्यादा देर तक जोरदार बारिश हुई। इससे जलजमाव के हालात बने। एकाएक बारिश होने से आवागमन थम गया। स्थानों पर सड़कों पर जलजमाव से रहवासी और वाहन चालक परेशान होते रहे। शनिवार सुबह बादलों ने डेरा डाला और एकाएक जोरदार बारिश की शुरुआत हो गई। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक जोरदार बारिश हुई। इससे गांव की सड़कों पर पानी ही पानी हो गया।

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