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उज्जवला योजना से उज्वल हुआ मंदसौर में प्रदेश में नंबर वन पर आया जिला

मंदसौर. प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के क्रियान्वयन में मंदसौर जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है। इस योजना में जिले के लिऐ 1.30 लाख परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य तय किया और 85हजार हितग्राहियों के इसमें प्रकरण स्वीकृत किए थे। इसमें से भी 82 हजार परिवारों को ही कनेक्शन दिया था। यानी जिले के 82 हजार परिवारों को धुएं से मुक्ति देते हुए इस योजना के तहत कनेक्शन दिए थे।

अब इसमें एक योजना और आई है। इसमें बचे हुए लोगों को कनेक्शन दिया जा सकता है। जिन लोगों को कनेक्शन दिए थे। वह दोबारा फिर से गैस सिलेंडर ले रहे है और इसी में मंदसौर प्रदेश में टॉप पर आया है। कई जगहों पर १४ किलो का गैस सिलेंडर होने के कारण गरीब तबके के लोग इसे नहीं ले पा रहे है। इसलिए वह जिले पिछड़े है। इसके लिए भी सरकार ने विकल्प निकालते हुए उन लोगों के लिए 5 किलो का सिलेंडर देना भी तय किया है। आगामी समय में बचे हुए लोगों को यह कनेक्शन देने के लिए अभियान चलाया जाएगा। फरवरी 2019 तक योजना का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के पूर्ण प्रयास किऐ जा रहे है। प्रदेश में सबसे ज्यादा औसत 4 से 5 सिलेंडर प्रति वर्ष प्रति कनेक्शन की जिले की है जो प्रदेश के अन्य जिलों में सबसे अधिक है।

जो बचे है उनके लिए चलेगा अभियान
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के क्रियान्वयन के लिए नियुक्त जिले के नोडल अधिकारी अभिषेक मल्होत्रा ने बताया कि उज्जवला योजना के लिए जिले में ८२ हजार लोगों को धुएं से मुक्ति देने का काम किया था। इस योजना में जिन हितग्राहियों को कनेक्शन मिला। वह दोबारा आ रहे है और सिलेंडर खाली होने पर दूसरा ले भी रहे है। इसी में मंदसौर अव्वल आया है और नीमच भी तीसरे-चौथे नंबर पर है। इस योजना में जो बचे है, उनके लिए योजना आई है। इसमें विभिन्न वर्गों को शामिल किया है। वह अपने जरुरी दस्तावेज के आधार पर इस योजना के तहत कनेक्शन ले सकते है।
मल्होत्रा ने बताया कि अन्त्योदय अन्न योजना, अजा, अजजा वर्ग तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के अतिरिक्त अब पिछड़ा वर्ग और बीपीएल राशनकार्ड पर भी अब इस योजना में कनेक्शन दिया जा रहा है। सभी बीपीएल राशनकार्डधारियों को राशनकार्ड में दर्ज परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड होना जरूरी है। कोई भी बीपीएल परिवार और निन्न तबके का परिवार जो अब तक वंचित है। वह इसमें वंचित नहीं रहे। इसके लिए अब काम चलेगा। साथ ही इस पर भी विभाग फोकस कर रहा है कि जो लोग कनेक्शन ले रहे है। वह दोबारा आकर सिलेंडर खाली होने पर दूसरा भी ले। यानी एक लेने के बाद फिर से चूल्हें व धूएं के गर्द में वह नहीं जाए। जिन्हें अधिक दाम लग रहे है वह ५ किलो का सिलेंडर लेकर भी अपना काम चला सकते है। उज्जवला योजना में हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहले ६ माह में लिए गऐ गैस सिलेंडर पर सबसिडी प्रदान दी गई। बाद में लिऐ जाने वाले सिलेंडरों पर सबसिडी का लोन जमा खर्च किया जाएगा। इसके अलावा 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर भी हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

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