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एक लाइन में होंगे चंद्रमा-पृथ्वी व सूर्य, होगा पूर्ण चंद्रग्रहण

मंंदसौर. 21 जनवरी को साल का सबसे बड़ा ग्रहण लगने जा रहा है। इसे खगोलशास्त्र में ब्लड मून कहते हैं। इस दौरान चंद्रमा गहरे भूरे रंग का दिखाई देता है। ज्योतिषों के अनुसार इस चंद्रग्रहण में चांद बाकी दिनों के मुकाबले 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी ज्यादा चमकीला नजर आता है। इस बार चंद्रग्रहण समूचे उत्तर और दक्षिण अमेरिका में, यूरोप में, अफ्रीका और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इसकी समयावधि सुबह ९ बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 20 मिनट तक बताई जा रही है। उल्लेखनीय हैकि इससे पहले 27 और 28 जुलाई 2018 की रात को सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण देखने को मिला था। लोगों में सदी का सबसे लंबे चंद्रग्रहण देखने को लेकर काफी उत्साह दिखा। इसे सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण बताया गया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक 9 जून 2123 को ही ऐसा चंद्रग्रहण देखने को मिलेगा। इससे पहले सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण 1700 साल पहले पड़ा था।

इस समय पर होगा चंद्रग्रहण
भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण २१ जनवरी की सुबह 10.11 बजे से शुरू होगा और तकरीबन 1 घंटा यानि सुबह 11.12 बजे तक रहेगा। कहा जाता है कि जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य जब एक ही लाइन में आ जाते हैं और जब चांद पर पृथ्वी की प्रच्छाया पड़ती है तब चंद्रग्रहण होता है। वही ग्रहण से पहले सूतक काल 12 घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। इस लिहाज़ से सूतक 20 जनवरी की रात 9 बजे से ही शुरु हो जाएगा।

पौष पूर्णिमा पर पड़ेगा ग्रहण
जिस दिन ग्रहण होगा यानि 21 जनवरी को पौष पूर्णिमा है। लिहाज़ा इस ग्रहण का महत्व और भी बढ़ जाता है। 21 जनवरी को पूर्णिमा सुबह 11 बजे तक ही है और ग्रहण भी सुबह 11.12 बजे संपन्न हो जाएगा लिहाज़ा दान- दक्षिणा का ये बेहद ही शुभ मुहूर्त है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा करें और दान दें।

ग्रहण में इन बातो का रख सकते हैध्यान
हिंदू शास्त्रों के अनुसार किसी भी प्रकार का चंद्रग्रहण कभी भी किसी रूप में शुभ नहीं माना जाता है। चंद्र ग्रहण का असर किसी भी व्यक्ति पर पूरे 108 दिनों तक बना रहता है। ऐसे में कई ऐसे कार्य हैं, जिन्हें चंद्रग्रहण के वक्त करने से बचना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान मनुष्य को ना तो भोजन पकाना चाहिए और ना ही उसका सेवन करना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान वायुमंडल में बैक्टीरिया और संक्रमण का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में भोजन करने से संक्रमण अधिक होने की आशंका रहती है। चंद्रग्रहण के बाद घर की अच्छी तरह सफाई भी आवश्यक बताई गई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्रग्रहण एक अशुभ घटना है और इसकी छाया से बचने के लिए लोग ग्रहण के बाद स्नान- दान करते हैं।

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