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एक ही परिवार के पांच लोग आये कोरोना पॉजिटिव, फिर भी दुकान खोल कर रहे है व्यापार प्रशासन का ध्यान कोरोना से पूरी तरह हटा

मंदसौर। प्रशासन उपचुनाव को संपन्न कराने में इस प्रकार मशगूल हो गया कि वह कोरोना को भूल ही गया। लोग भी समझ बैठे है कि कोरोना जैसी महामारी खत्म हो चुकी है ओर खतरा टल चुका है। लेकिन ऐसा नहीं है दो दिन पूर्व नगर में 12 नये कोरोना पॉजिटिव सामने आये है वो भी उनको साफ लक्षण थे और जांच हो गई इसलिए नहीं जो इनके अलावा भी कोरोना लक्षण जैसे मरीज प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे है लेकिन अब प्र्रशासन मरीजों के आंकडे सरकारी रिकार्ड में नहीं चढ़ा रहा है।

वहीं दूसरी और लोग भी कोरोना को बेहद हल्के में ले रहे है। नगर जनता कॉलोनी में एक ही परिवार के पांच लोगों को कोरोना पॉजिटिव आया है। लेकिन फिर भी परिवार के अन्य लोगों को द्वारा दुकान खोलकर व्यवसाय किया जा रहा है। जनता कॉलोनी में निवासरत इस परिवार का मकान और दुकान एक ही है। दुकान के उपर मकान में परिवार निवास करता है। इस परिवार के पांच लोगों को कोरोना पॉजिटिव मंगलवार को आया। जिसकें बाद भी परिवार के अन्य लोग दुकान खोलकर व्यवसाय कर रहे है। जबकि उक्त दुकान पर एक दिन में 500 से 700 लोगों का कम से कम आना जाना लगा रहता है। प्रशासन द्वारा भी उक्त दुकान को बंद कराने का कोई कदम नहीं उठाया गया है।

प्रशासन को कंटेनमेंट जोन तो अब नहीं बना रहा है लेकिन कोरोना पॉजिटिव लोगों के परिवार को तो 7 दिनों के लिए कंटेनमेंट करना ही चाहिए। नहीं तो मंदसौर के दूसरे क्षेत्रों को भी गुदरी बनने में देर नहीं लगेगी।

पूरा परिवार बैठता है दुकान पर

कोरोना पॉजिटिव आये एक ही परिवार के पांच लोगों उक्त किराना दुकान पर बैठते है और संक्रमित होने से पहले लगातार दुकान पर काम कर रहे थे। ऐसे में अब दुकान खुलने पर संक्रमण का खतरा बढ गया है जिस पर प्रशासन को जल्द ध्यान देकर कुछ दिनों के लिए तो दुकान को बंद करवाना चाहिए। ताकि संक्रमण अपने पैर न पसार सकें।

लगातार हो रही है मौते

प्रशासन के मुखिया कलेक्टर मनोज पुष्प कह रहे है कि मंदसौर में लगातार कोरोना का संक्रमण कम हो रहा है। लेकिन प्रशासन कुछ भी कहें हकीकत उससे उलट ही है। प्रतिदिन कोरोना जैसे लक्षणों से लोगों की मौत की खबरें आ रही है। मंदसौर में सिंधी समाज के दो लोगों की मौत कोरोना जैसे लक्षण के बाद हुई तो वहीं सुवासरा में भी एक व्यक्ति को ऐसी ही लक्षण पायें गये और उपचार के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि कोरोना का कहर खत्म हो चुका है।

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