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एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में : मंदसौर रहा सफल और शांतिपूर्ण बंद

सांसद के घर के बाहर तैनात किए गए पुलिस जवान

– बंद शांतिपूर्ण रहा
– व्यापारियों ने स्वेच्छा से दुकान बंद रखी
– हर तरफ काले का कानून का हुआ विरोध

मंदसौर। आरक्षण और एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में सपॉक्स संघ द्वारा किए गए भारत बंद के आव्ह्ान को लेकर मंदसौर नगर गुरूवार को पूरी तरह से शातिपूर्ण बंद रहा। सुबह से ही बंद का असर दिखने लगा था प्रतिदिन जल्दी खुलने वाली चाय की दुकानें व होटलें बुधवार को नहीं खुली। बंद की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि बंद रखने के लिए किसी पर भी सपॉक्स संघ के पदाधिकारियों या किसी अन्य दल द्वारा को दबाव नहीं डाला गया था। लोगों ने स्वेच्छा से अपना व्यापार व्यवसाय बंद रख काले का कानून का विरोध किया। बंद के दौरान प्रातः 11 बजे महाराणा प्रताप बस स्टेण्ड से सपाक्स संघ की रैली भी निकली जो नगर के प्रमुख चौराहों से होते हुए गांधी चौराहे पर पहंुची जहां पर सपॉक्स संघ द्वारा एक आमसभा आयोजित कि गई।

 

आमसभा को संबोधित करते हुए सपॉक्स संघ के जिला उपाध्यक्ष कमल कोठारी ने कहा कि देश एससी/एसटी जैसा काला कानून पूरी तरह से खत्म होना चाहिए। आरक्षण जातिगते के स्थान पर आर्थिक आधार पर घोषित किया जाए। श्री कोठारी ने कहा कि आज प्रतियोगी परिक्षाओं में 90 प्रतिशत तक अंक लाने वाले पीछे रहे जाते है और 40 प्रतिशत अंक वाले आगे निकल जाते है। आरक्षण के कारण देश की कई प्रतिभाएॅ आगे नहीं पहंुच पाई है। आज सरकारें लगातार सामान्य वर्ग विरोधी कार्य कर रही है जिसका हमें विरोध करना ही होगा और हमारी मांगों के आगे सरकार को झुकना ही होगा अन्यथा आंदोलन और उग्र किया जाएगा। सभा को जिला अध्यक्ष संतोष त्रिवेदी, प्रदेश पदाधिकारी मधुसुदन भारद्वाज, भाजपा से सपॉक्स संघ में शामिल हुए सुनिल बंसल, करणी सेना के रवि राणा, बंशीलाल टांक, पूर्व टीआई एमपीसिंह परिहार, विक्रम मेहता आदि ने संबोधित किया।

 

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
सपॉक्स संघ ने रैली और आमसभा के बाद एक ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति के नाम एसडीएम शिवलाल शाक्य को सौंपा। जिसमें एट्रोसिटी एक्ट पर केन्द्र सरकार द्वारा सुप्र्रीम कोर्ट के निर्णय का विरोध कर सभी दलों द्वारा उसका समर्थन करके पलट दिया गया है उसे समाप्त कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को यथावत लागू किया जाए। जिससे सवर्ण, ओबीसी व अल्पसंख्यक समाज द्वारा दैनिक दिनचर्या व्यापार व्यवसाय व नौकरी को सामान्य रूप से करना संभव हो। आरक्षण का लाभ जातिगत आधार पर न होर आर्थिक आधार पर हो क्योंकि गरीबी जाति देखकर नहीं आती है।

 

तैलिया तालाब मामले के बाद दूसरी बार रहा ऐतिहासिक बंद
अमूमन बंद का आव्हान कोई न कोई राजनीतिक संगठन नहीं करता है और मजबूर होकर लोगों को न चाहते हुए भी अपना व्यापार व्यवसाय बंद रखना पड़ता है। बुधवार काले कानून के विरोध में दूसरी बार देखा गया कि मंदसौर के व्यापारियों ने स्वेच्छा से बिना किसे के दबाव के अपना व्यापार बंद रखा। इससे पहले तैलिया तालाब वाले मामले में भी मंदसौर स्वेच्छा से और शांतिपूर्ण तरीके से सफल बंद रहा था।

 

सांसद गुप्ता की बढ़ाई सुरक्षा
सांसद में काले कानून का विरोध न करने के कारण सामान्य क्षेणी के मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता का भी खूब विरोध हो रहा है। 2 सितम्बर को भी सपाक्स की वाहन रैली में भी सांसद के घर के बाहर खूब नारे आक्रोशित लोगों द्वारा लगाए गए थे। वहीं 3 सितम्बर को निकली सपाक्स की पैदल रैली में कई वरिष्ठजनों का गुस्सा सांसद गुप्ता पर फूटा था और उनको घर से बारह निकालकर जूते मारने की बात भी आक्रोशित लोग कह रहे थे। इन सबके बाद 6 सितम्बर को बंद के दौरान सांसद सुधीर गुप्ता के निवास के बाहर पुलिस द्वारा एक चार की गार्ड तैनात कर उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

 

नहीं चले परिवहन के साधन
बंद के दौरान बसों के चक्के थमे रहे। अल सुबह जाने वाली कुछ बसें जरूर अपने रूट पर गई। लेकिन 9 बजे बाद बसे नहीं चली इसके साथ स्थानीय परिवहन के साधन ऑटो रिक्शा और मैजिक, टेम्पों भी बंद रहे।

 

4 बजे बाद खुले पेट्रोल पम्प
आवश्यक वस्तुओं में शामिल पेट्रोल पम्प भी काले कानून के विरोध में बंद रहे। शाम 4 बजे पेट्रोल पम्प जनता की सहूलियत के लिए खोल दिए गए। बंद के दौरान मात्र पुलिस लाईन का सरकारी पेट्रोल पम्प चालू था जिसपर वाहनों की लम्बी लम्बी कतारें दिनभर लगती रही।

 

निजी स्कूल रहे बंद
कालू कानून के विरोध में नगर के सभी निजी स्कूल पूरी तरह से बंद रहे। बच्चों व अभिभावकों से परेशानी न हो इसके लिए लगभग सभी स्कूल प्रबंधनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्कूल के बंद रहने का मैसेज अभिभावकों तक पहुंचा दिया था।

 

नहीं घटी कोई अप्रिय घटना
शहर कोतवाली के टीआई नरेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा नगर में कहीं पर भी कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई है।

 

जिले में भी दिखा बंद का असर
मंदसौर नगर के साथ साथ जिला का ग्रााम नाहरगढ पूरा नगर पूरी तरह बंद रहा और पुलिस व्यवस्था समय मुस्तैद रही है वहीं नाहरगढ़ का समीपस्थ ग्राम कचनारा भी बंद रहा। सीतामऊ में भी सपाक्स के भारत बंद के आह्वान पर नगर में अभूतपूर्व बंद रहा प्रातः से ही सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं होटले बंद रही फल फ्रूट की दुकानें तक नहीं लग पाई। यात्री बसों का संचालन पूरी तरह ठप्प रहा। दिन भर बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा आवश्यक कार्य वश आने जाने वाले यात्रियों एवं नौकरी-पेशा कर्मचारियों को वैकल्पिक संसाधनों का आश्रय लेना पड़ा। बंद के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई एवं दिनभर प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारी नगर व ग्रामीण अंचलों में चौकसी लगाते रहे नगर के अलावा ग्राम तितरोद महुआ खैजडीया बसई लदुना दीपा खेड़ा दलावदा भगोर मानपुरा सहित कई गांव में बंद का व्यापक असर दिखाई दिया । बन्द से मेडिकल सेवाए भी प्रभावित रही एवं पेट्रोल पंप बन्द होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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