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कपड़ा व्यवसायी के प्रतिष्ठान पर आयकर का छापा

नोटबंदी के दौरान खातों में 10 लाख से अधिक रुपए जमा करने वाले व्यापारियों पर आयकर विभाग ने सर्वे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले में करीब 170 लोग विभाग की निगाह में है। शुक्रवार को दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई। मंदसौर के व्यापारी ने हिसाब नहीं दे पाने के कारण 5 लाख रुपए सरेंडर कर दिए। इधर दलौदा के व्यापारी 11 लाख रुपए का हिसाब नहीं दे पाए।

शुक्रवार दोपहर 12 बजे आयकर विभाग की रतलाम व मंदसौर की संयुक्त टीम ने कालीदास मार्ग स्थित जैन मार्केट में हीरालाल कस्तूरचंद्र की कपड़ा दुकान पर कार्रवाई शुरू हुई। विभागीय जानकारी के अनुसार दुकान संचालक अशोक जैन ब्याज का काम करते हैं। नोटबंदी के दौरान उन्होंने खाते में करीब 10 लाख रुपए पुराने जमा किए। शुक्रवार को टीम ने दुकान पर कार्रवाई कर दस्तावेज देखे। जैन ने 5 लाख रूपए सरेंडर कर दिए। पांच लाख रुपए में 25 प्रतिशत पीएमजेकेव्हाय(प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना) में जमा किया जाएगा। 25 प्रतिशत उन्हें वापस दिए जाएंगे। इसके बाद टीम ने दलौदा स्थित नानेश ट्रेडर्स पर कार्रवाई की। संचालक अभिषेक जैन ने नोटबंदी के दौरान खाते में 14 लाख 21 हजार रुपए जमा कराए थे। सर्वे के दौरान उन्होंने 3 लाख 81 हजार का हिसाब दे दिया। वे 11 लाख का हिसाब नहीं दे पाए। इसमें आधे रुपए टैक्स के रूप में जमा हो जाएंगे। 25 प्रतिशत पीएमजेकेव्हाय में जमा किए जाएंगे। 25 प्रतिशत वापस दिया जाएगा। यहां कार्रवाई रात 9 बजे तक चली। टीम में रतलाम एडीशनल कमिश्नर ईला परमार, असिस्टेंट कमिश्नर विनयकुमार राय, रतलाम आयकर अधिकारी विवेक त्रिपुरकर, मंदसौर अधिकारी अजीतकुमार पिल्ले व इंस्पेक्टर नीरजकुमार मौजूद थे। जिला अधिकारी पिल्ले ने बताया जिले में कुल 170 लोगों की सूचि तैयार की गई है। इस सूचि के अनुसार कार्रवाई 31 मार्च तक चलेगी।

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