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कमला नेहरू बाल स्कूल को बंद करने का षडयंत्र कर रही हैं नपा

नहीं दिए जा रहे है स्कूल में प्रवेश, कुमावत ने जताया आक्रोश

मंदसौर। नगर में विगत 1956 से संचालित कमला नेहरू बाल मंदिर, जिसकी नीव भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधीजी ने रखी थी। इस ऐतिहासिक धरोहर को नगर पालिका पूरी तरह से खत्म करने की योजना बना चुकी हैं और जल्द ही नपा नगर की ऐतिहासिक धरोहर को खत्म कर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने का कदम उठाने की फिराक में हैं। उक्त बात युवा इंटक के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमावत ने कही। कुमावत ने कहा कि वर्ष 2015 में तत्कालीन नपाध्यक्ष कुसुम गुप्ता की परिषद ने नपा बजट में यह बताया था कि स्कूल से नपा को हानि होने की बात रखकर कहा था कि कमला नेहरू बाल मंदिर का संचालन बंद किया जायेगा। तब इसका नगर में खूब विरोध हुआ था और नपा को अपना फैसला बदलने को मजबूर होना पड़ा था। लेकिन नपा अब साजिश के तहत स्कूल का संचालन बंद करना चाह रही है। वर्तमान में नपा द्वारा कमला नेहरू बाल मंदिर पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, यहा पर स्टॉफ की कमी है और जो स्टॉफ है भी उन्हें अन्य कार्यो में लगा दिया जाता है। जिससे वे शैक्षणिक कार्य नहीं कर पाते। यह इस बात का प्रमाण है कि नपा, स्कूल के संचालन करने की इच्छुक नहीं है। कुमावत ने बताया नपा स्कूल लीगल रूप से बंद नहीं कर पा रही थी तो उसने यह हथकण्डा अपनाया है। स्कूल में व्यवस्था के अभाव में कई विद्यार्थियों स्कूल छोड़ने पर मजबूर हैं। तो वहीं नए विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है व कहा जाता है कि यहां पर शिक्षक नहीं है अपने बच्चों को यहां भर्ती मत कराओ। कुमावत ने कहा कि जहां आज के दौर में कई लोग शिक्षा को व्यवसाय बनाकर लाखों रूपये कमा रहे है। ऐसे में आर्थिक रूप से सक्षम नपा कमला नेहरू स्कूल के संचालन को घाटे का सौदा क्यों बता रही है। कुमावत ने कहा कि नपा निशुल्क पढ़ाकर भी अच्छी से अच्छी शिक्षा देने में सक्षम है और शिक्षा के दान को सबसे बड़ा दान बताया गया है। कुमावत ने मांग कि है कि नपा कमला नेहरू स्कूल का संचालन यथावत रखे और यहॉ हिंदी के साथ साथ इंग्लिश मिडियम की व्यवस्था की जाए। ताकि नगर के गरीब वर्ग के तबके को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिल सकें। उल्लेखनीय हैं कि नगर के कई बुद्धजीवी इस स्कूल से पढ़कर निकले है जो आज देश विदेश में अपना परचम लहरा रहे है वहीं नगर के कई राजनीतिक लोग, पत्रकार, वकील, व्यापारी इस स्कूल से पढ़कर निकले थे।

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